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Lytus Technologies ने किया Blod.in का अधिग्रहण, अब AI से चलेगा ब्लड लॉजिस्टिक्स का सिस्टम

Blod.in का अधिग्रहण और इसके लॉन्च के साथ, Lytus Technologies ने भारतीय हेल्थटेक इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

वैश्विक प्लेटफॉर्म सर्विस और उन्नत तकनीक आधारित सेवा प्रदाता कंपनी Lytus Technologies (OTCMKTS: LYTHF) ने भारत के पहले AI-आधारित ऑन-डिमांड ब्लड लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म "Blod.in"के अधिग्रहण की घोषणा की है. यह अधिग्रहण कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई Lytus HealthTech के माध्यम से किया गया है. वर्तमान में चेन्नई में सक्रिय Blod.in जल्द ही पूरे भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहा है. यह प्लेटफॉर्म उन्नत AI और मशीन लर्निंग तकनीक के माध्यम से रक्त प्रबंधन और वितरण को सुचारू बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

अस्पतालों और ब्लड बैंकों के साथ साझेदारी 
यह अधिग्रहण Lytus की हेल्थकेयर जरूरतों को प्रभावी ढंग से पूरा करने, लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने और जीवन बचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. Blod.in ने पिछले 12 महीनों में तेज़ी से विस्तार करते हुए 30 से बढ़कर 140 अस्पतालों को सेवा प्रदान करनी शुरू की है, और इसका मासिक विकास दर 20% रहा है. कंपनी अगली तिमाही में बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद सहित अन्य शहरों में विस्तार करने की योजना में है, और साथ ही अमेरिका और UAE जैसे वैश्विक बाजारों में भी AI-सक्षम ब्लड लॉजिस्टिक्स समाधान शुरू करने की तैयारी कर रही है.

1000 करोड़ रुपये का निवेश
Lytus Technologies अगले तीन वर्षों में 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जिससे ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक तरीके से विस्तार, डिजिटल इकोसिस्टम की मजबूती और हेल्थटेक नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. इस राशि का एक बड़ा हिस्सा Blod.in के AI इंजन और Lytus HealthTech की मशीन लर्निंग क्षमताओं को विकसित करने में लगाया जाएगा, जिससे रीयल-टाइम सप्लाई-डिमांड मैपिंग, इन्वेंट्री फोरकास्टिंग और संवेदनशील रक्त उत्पादों के लिए स्मार्ट डिलीवरी रूटिंग को और बेहतर बनाया जा सकेगा.

लाइव डाटा, स्मार्ट निर्णय और Agentic AI की शुरुआत  
Blod.in, अस्पतालों, ब्लड बैंकों, डायग्नोस्टिक्स और केयर प्रोवाइडर्स को जोड़कर एक रीयल-टाइम, AI-सक्षम हेल्थकेयर इकोसिस्टम बना रहा है. यह प्लेटफॉर्म Agentic AI (स्वायत्त डिजिटल एजेंट) पर भी काम कर रहा है, जो बिना मानवीय हस्तक्षेप के निर्णय लेने, प्रतिक्रिया देने और कार्य करने में सक्षम हैं. ये एजेंट अस्पतालों और ब्लड बैंकों के बीच निर्बाध, लक्ष्य-निर्धारित सेवाएं सुनिश्चित करते हैं.

पायलट परीक्षण के दौरान Blod.in ने रक्त आपूर्ति की समयसीमा को घंटों से घटाकर महज 90–120 मिनट में लाकर दिखाया, जो भारत में सालाना 6.5 लाख यूनिट की रक्त की कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस कमी के चलते हर दिन लगभग 12,000 मौतें होती हैं.

प्रतिक्रिया

Lytus Technologies के CEO धर्मेश पांड्या** ने कहा “हेल्थकेयर एक ऐसा क्षेत्र है जहां व्यापारिक विकास और सामाजिक प्रभाव साथ-साथ चलते हैं. हम AI, ML और Agentic AI की मदद से भारत में स्वास्थ्य सेवा के भविष्य को बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं. INR 1000 करोड़ का यह निवेश हमें टेक्नोलॉजी और विस्तार में तेजी से कदम रखने में मदद करेगा.” वहीं, Lytus HealthTech के COO साई गुना रंजन पुराणम ने कहा “हम केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं बना रहे हैं, बल्कि एक ऐसा स्वास्थ्य सेवा समुदाय खड़ा कर रहे हैं जो विश्वास, तकनीक और जीवन बचाने के मिशन से जुड़ा हो. हमारा AI-फर्स्ट मॉडल हर मरीज, हर अस्पताल और हर यूनिट ब्लड को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है.”

 


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