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हेलमेट बनाने वाली 150 से ज्यादा कंपनियों के लाइसेंस हुए रद्द, जानिए क्यों हुई ये कर्रवाई?
सरकार ने हेलमेट बनाने वाले 162 कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं. ये कार्रवाई सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जून, 2021 में गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू करने के बाद की गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
केंद्र सरकार की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत टू-व्हीलर्स पर चलने वाले लोगों के हेलमेट को भी शामिल किया गया है. इसी के मद्देनजर अब सरकार ने हेलमेट मैन्यूफैक्चर करने वाली 162 कंपनियों के लाइसेंस कैंसल कर दिए हैं. इस कैंपेन के तहत की गई ये अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. बता दें, आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से और भी बड़े कदम उठाए जाएंगे. तो चलिए जानते हैं सरकार की पूरी प्लानिंग क्या है?
इसलिए कैंसल किए कंपनियों के लाइसेंस
सड़क सुरक्षा और बाजार में घटिया सुरक्षात्मक उपकरणों की बाढ़ से जुड़ी चिंताओं के बाद केंद्र ने जिला अधिकारियों को गैर-आईएसआई प्रमाणित हेलमेट के मेकर्स और सेलर्स पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने अब तक 162 हेलमेट मैन्युफैक्चरर के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं. अधिकारियों ने भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के उल्लंघन को लक्षित करते हुए 27 छापे मारे हैं.
करीब 3 साल पहले आया था आदेश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि हेलमेट जीवन बचाते हैं, लेकिन केवल तभी जब वे अच्छी गुणवत्ता के हों. यह पहल बाजार से असुरक्षित हेलमेट हटाने की दिशा में महत्वपूर्ण है. यह कार्रवाई सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जून, 2021 में गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू करने के बाद की गई है, जिसमें मानक आईएस 4151:2015 के तहत सभी हेलमेट के लिए बीआईएस प्रमाणन अनिवार्य कर दिया गया है.
अब क्या है सरकार की प्लानिंग?
1. इस प्लान के तहत खास तौर पर सड़क किनारे बिना प्रमाणिकता वाले हेलमेट बेचने वाले विक्रेताओं की पहचान की जा रही है.
2. जिला अधिकारियों को उल्लंघन की पहचान करने के लिए पुलिस और बीआईएस अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है.
3. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने कहा कि अभियान को मौजूदा सड़क सुरक्षा पहलों के साथ एकीकृत किया जाएगा. वहीं, उपभोक्ता बीआईएस केयर ऐप या वेबसाइट के माध्यम से विनिर्माता की साख को सत्यापित कर सकते हैं.
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