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Lawrencedale Agro Processing को Q4 में हुआ मुनाफा, एग्रीटेक सेक्टर में कायम की नई मिसाल

भारत की उन पहली एग्रीटेक कंपनियों में से एक जिसने मुनाफा कमाया है, यह दिखाता है कि यह कंपनी किसान सशक्तिकरण, वित्तीय सुविधा और टिकाऊ खेती में सबसे आगे है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

नीलगिरी (तमिलनाडु) में स्थित एग्रीटेक कंपनी Lawrencedale Agro Processing India Private Limited (LEAF) ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में मुनाफा कमाने की बड़ी उपलब्धि हासिल की है. यह भारत की कुछ ही एग्रीटेक कंपनियों में से एक है जो मुनाफे में आई है. यह दिखाता है कि एक जटिल और महंगे क्षेत्र में भी सही मॉडल से टिकाऊ कमाई की जा सकती है.

कंपनी का उद्देश्य

LEAF की शुरुआत करीब 10 साल पहले किसानों की जिंदगी को बेहतर बनाने के इरादे से हुई थी. आज यह कंपनी पूरे दक्षिण और मध्य भारत में किसानों के साथ काम कर रही है. LEAF खेती से जुड़े हर कदम पर मदद करती है जैसे- वैज्ञानिक तरीके से खेती की सलाह, सही समय पर बीज और खाद जैसी चीज़ें पहुँचाना, फसल की खरीद में पारदर्शिता, सीधे बैंक खातों में पेमेंट, किसानों को बैंक से लोन दिलवाना. आज LEAF लगभग 14 लाख छोटे और आदिवासी किसानों के साथ काम कर रही है.

भारत में एग्रीटेक सेक्टर की स्थिति

भारत का एग्रीटेक सेक्टर इस समय तेज़ी से बदल रहा है. 2024 में इसका बाज़ार करीब 878.1 मिलियन डॉलर का है, और उम्मीद है कि 2033 तक ये 6 बिलियन डॉलर से ज़्यादा का हो जाएगा. लेकिन ज़्यादातर एग्रीटेक कंपनियों के लिए मुनाफा कमाना अभी भी बहुत मुश्किल है, क्योंकि ज़मीनें बहुत छोटी-छोटी हैं, किसानों को लोन मिलना मुश्किल होता है, फसलों को मंडी तक पहुँचाने में दिक्कत होती है, ऐसे माहौल में LEAF का मुनाफा कमाना बड़ी बात है. यह दिखाता है कि इन समस्याओं के बावजूद सही रणनीति से सफलता पाई जा सकती है.

मुनाफे के पीछे की 4 बड़ी वजहें

1. वैज्ञानिक खेती के तरीके: LEAF ने हाईटेक खेती के तरीकों में निवेश किया, जिससे फसल की पैदावार 30% बढ़ी. किसानों को सिर्फ उतनी ही खाद और कीटनाशक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई जितनी ज़रूरत हो, इससे लागत घटी और मुनाफा बढ़ा.

2. पर्यावरण की देखभाल: LEAF पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देता है, जैसे कम कार्बन वाली खेती, ज़मीन की उर्वरता बढ़ाना. इससे मिट्टी की सेहत सुधरी और वातावरण में प्रदूषण घटा.

3. ईमानदार फसल खरीद (Farm-Gate Procurement): LEAF किसानों से सीधे फसल खरीदता है, जिससे बिचौलियों की ज़रूरत नहीं रही. इससे किसानों की कमाई 56% से 78% तक बढ़ी और उन्हें 48 घंटे के अंदर पेमेंट मिलती है. LEAF किसानों को पुराने सिस्टम की तुलना में औसतन 22% ज़्यादा दाम देता है.

4. डिजिटल और आर्थिक मदद: LEAF ने Mastercard और बैंकों के साथ मिलकर LEAF Farmer Network (LFN) तैयार किया। इसके ज़रिए किसान डिजिटल पेमेंट पा सकते हैं, बैंकों से लोन ले सकते हैं, अपना पूरा लेन-देन मोबाइल से कर सकते हैं. इस प्लेटफॉर्म से 10 लाख से ज़्यादा किसान और 500 से ज़्यादा FPOs जुड़ चुके हैं. अब किसान साहूकारों के कर्ज़ से बाहर निकलकर बैंकिंग सिस्टम से जुड़ रहे हैं.

कंपनी के सीईओ का नजरिया

LEAF के फाउंडर और CEO पलाट विजयाराघवन ने कहा कि "चौथी तिमाही में मुनाफा कमाना हमारे किसान-केंद्रित मॉडल की सफलता का0 प्रमाण है. हमने दिखा दिया कि सामाजिक उद्देश्य और मुनाफा साथ-साथ चल सकते हैं. हमारा असली मकसद सिर्फ कमाई नहीं, बल्कि गाँवों को मजबूत बनाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है."

आगे की योजना

LEAF अब और विस्तार करना चाहता है. इसके लिए कंपनी कुछ बड़े निवेशकों से Series E फंडिंग की बातचीत कर रही है. नए पैसे से LEAF और किसानों को जोड़ेगा, नई तकनीक लाएगा, सप्लाई चेन और मंडी सिस्टम को मज़बूत करेगा. LEAF की यह सफलता उस समय आई है जब भारत में खेती का तरीका तेजी से बदल रहा है. इस बदलाव में LEAF एक मजबूत और जिम्मेदार मॉडल बनकर उभरा है जो बाकी कंपनियों को भी प्रेरणा दे सकता है.
 


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