✕

होम / बिजनेस / खई के ‘पान बनारस’ वाला और आम की इस किस्‍म को मिला GI Tag, जानिए क्‍या होगा फायदा

खई के ‘पान बनारस’ वाला और आम की इस किस्‍म को मिला GI Tag, जानिए क्‍या होगा फायदा

कुछ दिनों में 9 और वस्‍तुओं को देश की इंटीलेक्‍चुअल प्रॉपर्टी में एड कर लिया जाएगा. इनमें बनारस का लाल पेड़ा, बनारसी ठंडाई, तिरंगी बर्फी, बनारस लाल भरवा मिर्च, और बनारस लाल पेड़ा जैसी चीजें शामिल हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

अगर आपसे पूछा जाए बनारस की सबसे बड़ी पहचान के तौर पर आप क्‍या जानते हैं तो आप यही कहेंगें कि एक बनारस की साड़ी और दूसरा बनारस का पान. जी हां बिल्‍कुल लेकिन अब बनारसी पान को एक और उपलब्धि हासिल हो गई है. बनारसी पान को जीआई टैग मिल गया है. बनारसी पान के साथ-साथ आम की मशहूर किस्‍म लंगड़ा को भी जीआई टैग मिल गया है. इस टैग के मिलने के बाद दुनिया के किसी भी कोने में बैठा आदमी आसानी से इस प्रोडक्‍ट के बारे जान पाएगा और इससे इसे कमर्शियली भी बड़ा फायदा होगा.

किस-किस प्रोडक्‍ट को मिला जीआई टैग

यूपी सरकार की ओर से बनारसी पान और लंगड़ा आम सहित तकरीबन नौ वस्‍तुओं पर जीआई टैग के लिए आवेदन किया था. इस आवेदन के बाद अब इनमें से ज्‍यादातर वस्‍तुओं को जीआई टैग मिल चुका है. जिस-जिस को जीआई टैग मिला है उनमें बनारसी लंगड़ा आम, रामनगर भांता बैंगन और आदमचीनी चावल को भी जीआई टैग मिला है. इसी के साथ अब काशी से संबंध रखने वाली तकरीबन 22 ऐसी चीजें हो गई हैं जिन्‍हें अब तक जीआई टैग मिल चुका है. 

छत्‍तीसगढ़ की दुबरी को भी मिला जीआई टैग

इस बार छत्‍तीसगढ़ के बासमती नाम से प्रसिद्ध नगरी दुबराज को भी जीआई टैग मिला है. ये छत्‍तीसगढ़ की दूसरी ऐसी फसल होगी जिसे जीआई टैग मिला है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दुबराज एक छोटा चावल है जिसमें बहुत खुशबू आती है और ये खाने में बहुत नरम होता है. जीआई टैग मिलने का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि इससे प्रोडक्‍ट सर्टिफाइड तो होता ही है लेकिन उसकी कीमत भी बढ़ जाती है.

आखिर क्‍या होता है जीआई टैग

हमारे देश में अलग-अलग राज्‍यों में कई उत्‍पाद होते हैं इनमें से कई ऐसे होते हैं जो पूरे देश में मशहूर हो जाते हैं. ये उत्‍पाद उस इलाके की पहचान होते हैं. लेकिन जब ये उत्‍पाद देश दुनिया में फैलते हैं तो उसे मान्‍यता देने के लिए एक प्रक्रिया बनाई गई है. इसी का नाम जीआई टैग यानी जियोग्राफिकल इंडीकेटर कहते हैं इसे भौगोलिक संकेतक भी कहते हैं. इस अधिनियम को भारतीय संसद ने 1999 में पास किया था. इसे 2003 में लागू किया गया था.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट, 1.2 अरब डॉलर घटे; सोने के भंडार में भी बड़ी कमी

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 2.6 अरब डॉलर की कमी, विदेशी मुद्रा संपत्ति और SDR में दर्ज हुई बढ़ोतरी; सितंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद से Forex Reserve में जारी है गिरावट

11 minutes ago

रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 40.6% बढ़कर ₹25,548 करोड़ पहुंचा, रेवेन्यू में 28.6% का उछाल

ऑयल-टू-केमिकल्स और डिजिटल कारोबार के दम पर कंपनी ने दर्ज की मजबूत ग्रोथ, रिटेल कारोबार के एबिटा में आई गिरावट; ₹15,000 करोड़ जुटाने के लिए एनसीडी जारी करने को बोर्ड की मंजूरी

26 minutes ago

पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा का निधन, पत्रकारिता से लेकर कारोबार और राजनीति तक बनाई थी खास पहचान

नोएडा में 83 वर्षीय आर. के. सिन्हा ने ली अंतिम सांस, SIS ग्रुप की स्थापना कर भारत में निजी सुरक्षा उद्योग को नई पहचान दी; जनसंघ के दौर से भाजपा से जुड़े रहे

10 hours ago

छह महीने में राजकोषीय घाटा 25.4% बढ़कर 7.15 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सालाना लक्ष्य का 42.1% हुआ पूरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.7 लाख करोड़ रुपये था.

14 hours ago

दूसरी तिमाही में 7.35% रह सकती है GDP ग्रोथ, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में भी तेजी

अक्टूबर 2026 की मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार, पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही थी.

17 hours ago


बड़ी खबरें

विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट, 1.2 अरब डॉलर घटे; सोने के भंडार में भी बड़ी कमी

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 2.6 अरब डॉलर की कमी, विदेशी मुद्रा संपत्ति और SDR में दर्ज हुई बढ़ोतरी; सितंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद से Forex Reserve में जारी है गिरावट

11 minutes ago

रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 40.6% बढ़कर ₹25,548 करोड़ पहुंचा, रेवेन्यू में 28.6% का उछाल

ऑयल-टू-केमिकल्स और डिजिटल कारोबार के दम पर कंपनी ने दर्ज की मजबूत ग्रोथ, रिटेल कारोबार के एबिटा में आई गिरावट; ₹15,000 करोड़ जुटाने के लिए एनसीडी जारी करने को बोर्ड की मंजूरी

26 minutes ago

छह महीने में राजकोषीय घाटा 25.4% बढ़कर 7.15 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सालाना लक्ष्य का 42.1% हुआ पूरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.7 लाख करोड़ रुपये था.

14 hours ago

पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा का निधन, पत्रकारिता से लेकर कारोबार और राजनीति तक बनाई थी खास पहचान

नोएडा में 83 वर्षीय आर. के. सिन्हा ने ली अंतिम सांस, SIS ग्रुप की स्थापना कर भारत में निजी सुरक्षा उद्योग को नई पहचान दी; जनसंघ के दौर से भाजपा से जुड़े रहे

10 hours ago

राहुल गांधी ने IDBI बैंक की बिक्री पर उठाए सवाल, सीतारमण बोलीं- 25 हजार करोड़ रुपये डालकर बैंक को उबारा

राहुल गांधी ने सार्वजनिक बैंक को फेयरफैक्स को बेचने के फैसले पर उठाए सवाल, सीतारमण ने UPA सरकार पर लगाए राजनीतिक दबाव में कर्ज बांटने के आरोप; कहा- 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डालकर IDBI को संकट से निकाला

17 hours ago