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जापानी कंपनी Sojitz की भारत में एंट्री, बनाएगी 400 मिलियन डॉलर की बायोमीथेन प्लेटफॉर्म

Sojitz का भारत में यह पहला कदम न केवल निवेश की दृष्टि से बड़ा है, बल्कि यह भारत की स्वच्छ ऊर्जा रणनीति के लिए भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

जापान की प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनी Sojitz Corporation ने भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर में कदम रखते हुए GPS Renewables और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) की साझेदारी में एक नई बायोमीथेन परियोजना में निवेश किया है. इस साझेदारी के तहत 'GPSR-IOCL बायोमीथेन प्लेटफॉर्म' नामक एक विशेष प्रयोजन कंपनी (SPV) बनाई गई है, जो बायोमीथेन संयंत्रों को डिज़ाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव करेगी.

USD 400 मिलियन का निवेश, 30 संयंत्रों की योजना  
Sojitz इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत में बायोमीथेन उत्पादन और बिक्री के क्षेत्र में कदम रख रही है. इसकी संयुक्त उद्यम कंपनी IGRPL (IOC GPS Renewables Pvt. Ltd.), देशभर में कृषि अपशिष्ट से बायोमीथेन बनाने के लिए 2026-2027 तक 30 संयंत्र स्थापित करेगी. इन संयंत्रों की कुल उत्पादन क्षमता 1.6 लाख टन प्रति वर्ष होगी और इन परियोजनाओं पर कुल लागत 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक आंकी गई है.

इस सौदे के लिए EY ने M&A इनवेस्टमेंट बैंकर की भूमिका निभाई, जबकि लीगल सलाहकार के रूप में Cyril Amarchand Mangaldas (पार्टनर आलोक सोनकर के नेतृत्व में) ने GPS Renewables का प्रतिनिधित्व किया.

क्या है बायोमीथेन और क्यों है यह जरूरी?  
बायोमीथेन, बायोगैस को शुद्ध कर प्राप्त की जाती है और यह जीवाश्म ईंधन का सीधा विकल्प बन सकती है. इससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भारी कमी आती है और यह सर्कुलर इकोनॉमी को भी बढ़ावा देती है. GPS Renewables के सह-संस्थापक और CEO मैनक चक्रवर्ती ने कहा, “भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए हमें बायोफ्यूल्स को प्राथमिकता देनी चाहिए और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करना चाहिए. Sojitz के साथ हमारी साझेदारी स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने और खेतों में जलाए जाने वाले अपशिष्ट से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक अहम कदम है”

Sojitz का लक्ष्य 
Sojitz ने भारत को अपनी प्रमुख रणनीतिक बाजारों में से एक बताया है. कंपनी ने ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन (GX) को प्राथमिकता बनाते हुए इसके लिए एक समर्पित संगठन भी बनाया है. Sojitz का लक्ष्य भारत के बायोमीथेन सेक्टर को बढ़ावा देने के साथ-साथ वायु प्रदूषण जैसी पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान करना है.

देशभर में होगी विस्तार योजना, विदेशों तक भी पहुंचेगा मॉडल  
इस निवेश के माध्यम से Sojitz, GPS Renewables और IOCL मिलकर भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को गति देंगे. GPSR की तकनीकी विशेषज्ञता और संचालन अनुभव, तथा IOCL के व्यापक उपभोक्ता नेटवर्क के माध्यम से इस परियोजना को देशभर में फैलाया जाएगा. साथ ही, Sojitz इस तकनीक को अन्य देशों में लागू करने की संभावनाएं भी तलाशेगा ताकि ग्लोबल बायोएनर्जी सेक्टर में भारत की भूमिका मजबूत हो सके.


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