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भारत-कनाडा संबंधों को नई रफ्तार देने पर सहमत जयशंकर और अनीता आनंद, US-कनाडा ट्रेड टेंशन के बीच हुई बातचीत
ऐसे वैश्विक व्यापार तनाव के माहौल में भारत और कनाडा के बीच बढ़ता संवाद यह संकेत देता है कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और रणनीतिक सहयोग को और विस्तार देने के इच्छुक हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
विदेश मंत्री एस जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के बीच सोमवार को द्विपक्षीय संबंधों को लेकर अहम बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा सहयोग को आगे बढ़ाने और उच्चस्तरीय संवाद की गति बनाए रखने पर जोर दिया.
द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर फोकस
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि चर्चा का मुख्य फोकस भारत और कनाडा के रिश्तों को आगे बढ़ाने और दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर रहा. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष साझा हितों के क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
उच्चस्तरीय संवाद को बनाए रखने पर सहमति
जयशंकर ने इस बातचीत को “उपयोगी और सकारात्मक” बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार उच्चस्तरीय संपर्क बने रहना जरूरी है ताकि द्विपक्षीय रिश्तों में स्थिरता और गति बनी रहे.
US-कनाडा ट्रेड टेंशन की पृष्ठभूमि में हुई बैठक
यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर तनाव बना हुआ है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आने वाले सामान पर भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी देखने को मिल रही है.
चीन के साथ फ्री ट्रेड डील से कनाडा का इनकार
इस बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कर दिया है कि उनका देश चीन के साथ कोई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने का इरादा नहीं रखता. उन्होंने यह बयान उन अटकलों के जवाब में दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि कनाडा बीजिंग के साथ नजदीकी बढ़ा सकता है.
ट्रंप की चेतावनी के बाद आया बयान
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर कनाडा चीन के साथ कोई व्यापार समझौता करता है तो वह कनाडाई सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं. इसके बाद मार्क कार्नी ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि चीन के साथ हालिया संपर्क केवल पुराने टैरिफ विवादों को सुलझाने तक सीमित है.
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