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इसरो प्रमुख बोले, भारत के पहले स्पेस प्रोग्राम के तहत अंतरिक्ष जा सकते हैं ये शख्स
भारत के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए इस साल की शुरुआत में चार लोगों का चयन किया जा चुका है. सबसे खास बात ये है कि ये चारों वायु सेना से हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
पीएम मोदी ने अपने 10 सालों के कार्यकाल में अब तक कई ऐसे काम किए हैं जो इससे पहले किसी पीएम ने नहीं किए. अब वो भले ही फाइटर प्लेन में सफर करने की बात हो या समुद्र में स्कूबा ड्राइविंग की बात हो. पीएम हमेशा ही ऐसे काम करते रहे हैं जो अलग रहे हैं. इसी कड़ी में अब इसरो प्रमुख के हवाले से कहा गया है कि पीएम मोदी भारत के पहले अंतरिक्ष मिशन के जरिए स्पेस में जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर हम ऐसा कर पाने में कामयाब होते हैं तो ये हमारे लिए बड़े गर्व की बात होगी.
इस प्रोजेक्ट के तहत जा सकते हैं पीएम मोदी
मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू के दौरान इसरो प्रमुख ने बताया है कि पीएम मोदी भारत के पहले मानव मिशन के तहत अंतरिक्ष में जा सकते हैं. इसरो प्रमुख टी सोमनाथ ने कहा कि हम मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को विकसित करना चाहते हैं. उन्होंने इस मिशन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि भारत का गगनयान अंतरिक्ष कार्यक्रम अंतराष्र्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम में योगदान देने का है. उन्होंने ये भी कहा कि इससे जो भी अनुभव प्राप्त होगा वो हमारे इस कार्यक्रम के अनुभव को बढ़ाएगा.
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क्या है इस अंतरिक्ष यात्रा में खास?
साल 2028 में संभावित पहली अंतरिक्ष यात्रा 1 दिन की होगी. इसमें जो अंतरिक्ष यात्री जाएगा वो धरती के 16 चक्कर लगाएगा. उन्होंने कहा अगर ये सबकुछ वैसा ही होता है जैसा हमने प्लान किया है तो इस सुविधा का फायदा ये होगा कि पर्यावरण जीवन समर्थन और नियंत्रण प्रणालियों का सही तरीके से आंकलन किया जा सकेगा. उन्होंने कहा इस पूरे प्रोजेक्ट को हमने तीन चरणों में बांटा है. पहला चरण ये है कि किसी अंतरिक्ष यात्री का वहां जाना, वहां समय बिताना और उसके बाद वापस आना. इसके बाद दूसरा चरण एल्गोरिदम के बारे में परीक्षण है और तीसरा चरण लॉन्च पैड की जांच करने के लिए एक परीक्षण है.
कब तक हो सकती है पहली उड़ान?
इसरो प्रमुख ने अपने इस इंटरव्यू के दौरान बताया कि अगर सबकुछ योजनाबद्ध तरीके से चला तो गगनयान मिशन की पहली अगले साल के आखिरी तक इसकी पहली उड़ान हो सकती है. इसरो प्रमुख ने ये भी कहा लेकिन ये इस बात पर निर्भर करता है कि हम कितनी ग्रोथ करने जा रहे हैं. गौरतलब है कि इस साल भारत के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए 4 लोगों की तलाश की जा चुकी है. ये सभी चारों लोग भारतीय वायु सेना से जुड़े हुए हैं. इनमें ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन, ग्रुप कैप्टन अजीत कृष्णन, ग्रुप कैप्टन आनंद प्रताप और विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला शामिल थे.
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