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LIC के अपने ही हुए उससे नाराज़, देशभर में आंदोलन की दे डाली चेतावनी; क्या है माजरा?

भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC मुश्किल में फंस गई है. LIC एजेंट्स ने उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के खिलाफ उसके ही एजेंट्स ने मोर्चा खोल दिया है. दरअसल, भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC ने बीमा एजेंट कमीशन में बदलाव किया है, जिससे एजेंट नाखुश हैं. उन्होंने LIC के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है. एलआईसी को सरेंडर वैल्यू नियमों में हुए बदलाव के मद्देनजर अपने  कई पॉलिसी नियम बदलने पड़े हैं. इसकी वजह से कमीशन को भी रीस्ट्रक्चर किया गया है. एजेंटों का कहना है कि उनका कमीशन पहले से कम कर दिया गया है और इस संबंध में उनसे कोई सलाह-मशविरा भी नहीं किया गया.

क्या है सरेंडर वैल्यू नियम?
LIC से जुड़ी एजेंट एसोसिएशन (Agents Associations) ने काम बंद करके एलआईसी की ब्रांचों के सामने धरना -प्रदर्शन की चेतावनी दी है. सरेंडर वैल्यू के नए नियम 1 अक्टूबर से लागू हुए हैं, जिनके तहत अब पहला प्रीमियम देने के बाद पॉलिसी सरेंडर करने पर भी लोगों का पूरा पैसा नहीं डूबेगा. उन्हें प्रीमियम का कुछ हिस्सा वापस मिल जाएगा. इस वजह से एलआईसी ने कई पॉलिसी के नियमों में बदलाव किया है और एजेंटों का कमीशन घटा दिया है. 

'दबाव बनायें एजेंट'
LIC के इस कदम से एजेंट बेहद नाराज हैं और देशव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. लाइफ इंश्योरेंस एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (Life Insurance Agents’ Federation of India) ने अपने सदस्यों को लिखे पत्र में कहा है कि वे एलआईसी पर नए नियमों को वापस लेने का दबाव डालें. एजेंट्स फेडरेशन का दावा है कि LIC ने यह निर्णय लेने से पहले उससे विमर्श नहीं किया. फेडरेशन का कहना है कि नए नियम न तो एजेंट के हित में हैं और न ही पॉलिसीधारकों के.

30 तक धरने की तैयारी 
एजेंट्स फेडरेशन ने 30 अक्टूबर तक कई जगहों पर LIC के कार्यालयों के सामने धरना देने की योजना बनाई है. एजेंट्स दावा है कि नए नियमों के तहत भी उन्हें मिलने वाला कमीशन एलआईसी रिकवर कर लेगी. ऐसे में उनका कमीशन काटे जाने की कोई आवश्यकता नहीं है. बता दें कि स्पेशल सरेंडर वैल्यू के नियम इंश्योरेंस रेगुलेटर इरडा (IRDAI) ने मार्च में जारी किए थे, जो एक अक्टूबर से लागू हो गए हैं. आशंका जताई जा रही है कि अब पॉलिसी सरेंडर करने के मामले बढ़ जाएंगे.


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