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सुलझने की बजाय उलझती जा रही है जा रही है NEET परीक्षा की कड़ी, SC में दाखिल हुई नई याचिका
नेट परीक्षा से जुड़े मामलों में अब तक सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर हो चुकी हैं. इस मामले में अब कहा गया है कि इस मामले की जांच एसआईसी से करवाई जानी चाहिए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
नीट परीक्षा में हुई अनियमित्ताओं को लेकर भले ही NTA (National Testing Agency) ने एक हाई प्रोफाइल कमिटी बनाकर इसकी जांच बिठा दी हो लेकिन हर रोज इसमें नया मामला सामने आ रहा है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में एक नई याचिका दायर हुई है जिसमें कहा गया है कि इसकी जांच एसआईटी से होनी चाहिए और जांच होने तक काउंसिलिंग पर रोक लगाई जानी चाहिए. इस बीच लखनऊ की एक स्टूडेंट ने एनटीए पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई नई याचिका
नीट परीक्षा को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर हुई है. इस NEET प्रवेश परीक्षा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के रहने वाले अब्दुल्ला मोहम्मद फैज और उनके सहयोगियों ने दाखिल की हैं. मोहम्मद फैज ने अपनी इस याचिका में कहा है कि पूरे मामले की जांच SIT से कराई जानी चाहिए. उन्होंने अपनी इस याचिका में 5 मई को हुई NEET परीक्षा रद्द करने की मांग भी की है. उन्होंने NEET परीक्षा को दोबारा कराने की भी मांग की गई है. उन्होंने 4 जून को आए NEET के नतीजों के आधार पर होने वाली काउंसिलिंग पर रोक की मांग की है.
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आयुषी की ओएमआर शीट फटने का क्या है रहस्य?
नीट परीक्षा के नतीजे आने के बाद लखनऊ की आयुषी के साथ अजीबो गरीब मामला सामने आया है. आयुषी का कहना है कि 5 तारीख को रिजल्ट आने के बाद जब उन्हें उनका रिजल्ट नहीं मिला तो उन्हें एनटीए की ओर से एक मेल मिला. इसमें उन्हें बताया गया था कि आपका रिजल्ट जारी नहीं किया जा सकता है क्योंकि आपकी ओएमआर शीट फटी हुई है. इस पर उन्होंने एनटीए पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि फटी हुई ओएमआर शीट से उनका कोई संबंध नहीं है. उन्होंने इस मामले में लखनऊ हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर कर दी है. उनका कहना है कि जब फटी हुई ओएमआर शीट में उनके द्वारा दिए गए जवाब साफ देखे जा सकते हैं तो उनका रिजल्ट जारी किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि उनके द्वारा दिए गए जवाबों में सिर्फ एक सवाल गलत है ऐसे में उनके 720 में से 715 नंबर आ रहे हैं.
एनटीए की ओर से बनाई गई है हाई पॉवर्ड कमिटी
इस पूरे मामले की जांच करने के लिए एनटीए की ओर से एक हाई पॉवर्ड कमिटि बनाई गई है. यूपीएससी चेयरपर्सन की अध्यक्षता में बनाई गई ये समिति एक हफ्ते में इन अनियमित्ताओं पर अपनी रिपोर्ट देगी. एनटीए की ओर से कहा गया है कि ये मामला उन 6 सेंटरों से जुड़ा हुआ है जहां देरी से पेपर दिया गया. ये मामला सिर्फ 1600 स्टूडेंट से जुड़ा हुआ है. एनटीए का कहना है कि समिति इस मामले में जो भी सिफारिश करेगी उस पर कार्रवाई की जाएगी.
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