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भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे आकर्षक बिजनेस डेस्टिनेशन: WEF रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका 65 प्रतिशत समर्थन के साथ पहले स्थान पर रहा. वहीं भारत 56 प्रतिशत समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर रहा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन में बदलाव के दौर में भारत दुनिया की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए दूसरा सबसे आकर्षक कारोबारी बाजार बनकर उभरा है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की ताजा रिपोर्ट में भारत को अमेरिका के बाद दूसरा स्थान मिला है. रिपोर्ट के मुताबिक, तेज आर्थिक वृद्धि, विशाल घरेलू बाजार और निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियां भारत को वैश्विक कंपनियों की पहली पसंद बना रही हैं.
WEF रिपोर्ट में भारत को बड़ी कामयाबी
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की ‘चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक मई 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए दुनिया का दूसरा सबसे आकर्षक कारोबारी माहौल बनकर उभरा है. रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब दुनिया भू-राजनीतिक संघर्ष, महंगाई और सप्लाई चेन में बदलाव जैसी चुनौतियों से जूझ रही है. सर्वे में शामिल प्रमुख वैश्विक संस्थानों के 38 मुख्य अर्थशास्त्रियों में से 56 प्रतिशत ने भारत को अगले 12 महीनों के लिए अपनी शीर्ष तीन पसंदीदा कारोबारी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया.
अमेरिका पहले, भारत दूसरे स्थान पर
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका 65 प्रतिशत समर्थन के साथ पहले स्थान पर रहा. वहीं भारत 56 प्रतिशत समर्थन के साथ दूसरे स्थान पर रहा. दक्षिण-पूर्व एशिया को 50 प्रतिशत, यूरोप को 44 प्रतिशत और चीन को 35 प्रतिशत समर्थन मिला. इस तरह भारत ने कई प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए निवेशकों का भरोसा हासिल किया है.
भारत की विकास कहानी बना रही आकर्षण का केंद्र
WEF ने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, विशाल उपभोक्ता बाजार और नीतिगत सुधारों ने उसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत लगातार व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोल रहा है तथा आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ा रहा है. नई व्यापारिक साझेदारियों और वैश्विक आर्थिक एकीकरण की दिशा में भारत के प्रयासों ने भी निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है.
भू-राजनीतिक तनाव बदल रहे निवेश के फैसले
रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने निवेश गंतव्यों पर दोबारा विचार कर रही हैं. कंपनियां अब केवल तेज विकास दर ही नहीं, बल्कि स्थिरता, सप्लाई चेन की मजबूती और रणनीतिक लचीलापन भी देख रही हैं. WEF ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने में सक्षम अर्थव्यवस्थाओं को कंपनियां अधिक प्राथमिकता दे रही हैं और भारत इस मामले में मजबूत स्थिति में दिखाई देता है.
सप्लाई चेन बदलाव से दक्षिण-पूर्व एशिया को भी फायदा
रिपोर्ट में कहा गया है कि सप्लाई चेन के विविधीकरण से दक्षिण-पूर्व एशिया को भी लाभ मिल रहा है. करीब आधे अर्थशास्त्रियों ने अगले एक वर्ष में क्षेत्र में मध्यम वृद्धि की उम्मीद जताई है, जबकि 21 प्रतिशत ने मजबूत वृद्धि की संभावना व्यक्त की.
हालांकि ऊर्जा और खाद्य आयात से जुड़ी महंगाई तथा सस्ते चीनी उत्पादों के बढ़ते आयात को क्षेत्र के लिए चुनौती बताया गया है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल
WEF ने चेतावनी दी है कि जारी वैश्विक संघर्ष और व्यापार मार्गों में व्यवधान कई क्षेत्रों में आर्थिक जोखिम बढ़ा रहे हैं. मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के लिए आर्थिक दृष्टिकोण काफी कमजोर हुआ है.
रिपोर्ट के अनुसार, 88 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने इस क्षेत्र में अगले एक वर्ष के दौरान कमजोर या बेहद कमजोर वृद्धि की आशंका जताई है. वहीं, जापान और कई उभरते बाजारों में भी विकास दर को लेकर चिंता बनी हुई है.
निवेश और विस्तार के लिए भारत बना उम्मीद की किरण
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक ऐसे रणनीतिक बाजार के रूप में उभर रहा है, जो उन्हें विकास के अवसरों के साथ-साथ मजबूत सप्लाई चेन और स्थिर कारोबारी माहौल भी उपलब्ध करा सकता है. जैसे-जैसे कंपनियां अपनी वैश्विक रणनीतियों में बदलाव कर रही हैं, भारत अंतरराष्ट्रीय निवेश और कॉरपोरेट विस्तार का बड़ा केंद्र बनने की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है.
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