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गौतम अडानी का पावर सेक्टर में ₹2 लाख करोड़ का दांव, 45 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य
पारंपरिक बिजली उत्पादन के अलावा अडानी समूह अब स्वच्छ और दीर्घकालिक ऊर्जा स्रोतों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
देश में तेजी से बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए अडानी समूह ने ऊर्जा क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी निवेश योजनाओं में से एक का ऐलान किया है. समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने बताया कि अडानी पावर अगले पांच वर्षों में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी. इस निवेश के जरिए कंपनी अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को 45 गीगावाट तक पहुंचाने के साथ-साथ परमाणु और जलविद्युत ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाएगी.
बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर फोकस
देश में बढ़ती गर्मी, औद्योगिक विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की तेज रफ्तार के बीच बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है. इसी बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए अडानी समूह ने बड़ा विस्तार कार्यक्रम तैयार किया है. समूह की वार्षिक आम बैठक (AGM) में गौतम अडानी ने घोषणा की कि अडानी पावर अगले पांच वर्षों में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी. इस निवेश का मुख्य उद्देश्य कंपनी की उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 45 गीगावाट तक पहुंचाना है.
अगले पांच वर्षों के लिए तैयार हुआ मेगा प्लान
अडानी समूह ऊर्जा, परिवहन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में लगातार विस्तार कर रहा है. हाल ही में समाप्त वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान समूह ने करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) किया है. कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में औद्योगिक गतिविधियों, शहरीकरण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के कारण बिजली की मांग में और तेजी आएगी. ऐसे में उत्पादन क्षमता बढ़ाना उसकी दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा है.
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ी एंट्री
पारंपरिक बिजली उत्पादन के अलावा अडानी समूह अब स्वच्छ और दीर्घकालिक ऊर्जा स्रोतों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है. गौतम अडानी ने बताया कि समूह ने ‘अडानी एटॉमिक एनर्जी’ के माध्यम से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखा है. इसके लिए कंपनी ने उपयुक्त भूमि की पहचान भी कर ली है. कंपनी ने वर्ष 2035 तक 10 गीगावाट परमाणु बिजली उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिल सकती है.
भूटान के साथ हाइड्रो पावर परियोजनाएं
अडानी समूह नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है. कंपनी ने भूटान की ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर हिमालयी क्षेत्र में 5,000 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाएं विकसित करने की योजना बनाई है. इन परियोजनाओं का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना और क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत करना है.
रिकॉर्ड कमाई से मिली निवेश की ताकत
इतने बड़े निवेश कार्यक्रम के पीछे समूह की मजबूत वित्तीय स्थिति भी बड़ी वजह है. वित्त वर्ष 2025-26 में अडानी समूह का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 2.92 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. इस दौरान समूह का EBITDA 94,834 करोड़ रुपये रहा, जबकि कर भुगतान के बाद मुनाफा करीब 13.9 प्रतिशत बढ़कर 46,376 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी के पास लगभग 67,995 करोड़ रुपये का मजबूत नकदी प्रवाह भी मौजूद है.
भारत के ऊर्जा भविष्य पर बड़ा दांव
अडानी समूह का यह निवेश केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है. कंपनी पारंपरिक, परमाणु और नवीकरणीय ऊर्जा के जरिए भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की तैयारी कर रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ती है, तो यह देश के बिजली क्षेत्र में निजी निवेश का सबसे बड़ा उदाहरण बन सकती है.
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