होम / बिजनेस / टियर-2 शहरों और जेन-जेड ने बढ़ाई रफ्तार, फ्लिपकार्ट मिनट्स की पहुंच 130 शहरों तक
टियर-2 शहरों और जेन-जेड ने बढ़ाई रफ्तार, फ्लिपकार्ट मिनट्स की पहुंच 130 शहरों तक
कंपनी के अनुसार, क्विक कॉमर्स की अगली वृद्धि देश के उभरते बाजारों से आ रही है. टियर-2 और टियर-3 शहरों में पिछले एक वर्ष के दौरान 42 गुना वृद्धि दर्ज की गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
भारत में क्विक कॉमर्स बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने इस क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. लॉन्च के दो साल से भी कम समय में कंपनी ने 1,000 माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर का नेटवर्क खड़ा कर लिया है. 130 से अधिक शहरों और 8,000 से ज्यादा पिनकोड तक पहुंच बनाने के साथ प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर्स में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है. खास बात यह है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों तथा जेन-जेड उपभोक्ताओं ने इस तेजी को नई दिशा दी है.
फ्लिपकार्ट मिनट्स ने बनाया नया रिकॉर्ड
बेंगलुरु फ्लिपकार्ट की क्विक कॉमर्स सेवा फ्लिपकार्ट मिनट्स ने लॉन्च के दो साल से भी कम समय में 1,000 माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर स्थापित करने का बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है. कंपनी द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2024 में शुरू हुई यह सेवा अब 130 से अधिक शहरों और 8,000 से ज्यादा पिनकोड तक पहुंच चुकी है. नेटवर्क विस्तार के साथ कंपनी के ऑर्डर्स में सालाना आधार पर पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है.
टियर-2 और टियर-3 शहरों से मिली सबसे बड़ी ताकत
कंपनी के अनुसार, क्विक कॉमर्स की अगली वृद्धि देश के उभरते बाजारों से आ रही है. टियर-2 और टियर-3 शहरों में पिछले एक वर्ष के दौरान 42 गुना वृद्धि दर्ज की गई है. अंबाला, आरा, बोकारो, दरभंगा, जोरहाट, ओंगोल, पूर्णिया, सहरसा और तेनाली जैसे शहरों से मांग में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है. पिछले एक वर्ष में फ्लिपकार्ट मिनट्स ने 90 से अधिक नए शहरों में अपनी सेवाओं का विस्तार किया है, जिससे कंपनी की पहुंच और ग्राहक आधार दोनों तेजी से बढ़े हैं.
जेन-जेड बना सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन
फ्लिपकार्ट मिनट्स का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ग्राहक वर्ग जेन-जेड बनकर उभरा है. कंपनी के कुल ग्राहक आधार में इस वर्ग की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है. यह वर्ग केवल दैनिक जरूरतों के सामान तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्यूटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, वेलनेस और लाइफस्टाइल उत्पादों की भी तेजी से खरीदारी कर रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि जेन-ज़ेड क्विक कॉमर्स को सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि ऑन-डिमांड शॉपिंग की नई आदत के रूप में अपना रहा है.
किराना से आगे बढ़ा क्विक कॉमर्स
फ्लिपकार्ट मिनट्स पर अब ग्राहक केवल किराना सामान ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी, वेलनेस और लाइफस्टाइल उत्पादों की भी खरीदारी कर रहे हैं. फलों और सब्जियों की औसत ऑर्डर वैल्यू में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि रिपीट परचेज में 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कंपनी के अनुसार, 120 से अधिक नई श्रेणियों में बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि क्विक कॉमर्स अब एक मल्टी-कैटेगरी रिटेल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हो रहा है.
किसानों, ब्रांड्स और रोजगार को भी मिला लाभ
फ्लिपकार्ट मिनट्स करीब 500 डी2सी ब्रांड्स के साथ काम कर रहा है. इसके अलावा कंपनी के ‘समर्थ कृषि’ कार्यक्रम के तहत 3,000 से अधिक किसानों को बाजार से जोड़ने का काम किया गया है. एफपीओ और फार्म-टू-डोर मॉडल के जरिए किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही वेयरहाउसिंग, सप्लाई चेन और लास्ट-माइल डिलीवरी के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं.
ग्रीन डिलीवरी पर भी फोकस
कंपनी ने पिछले एक वर्ष में अपने इलेक्ट्रिक वाहन बेड़े को दोगुना किया है. वर्तमान में 10 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी ग्रीन माध्यमों से की जा रही हैं. इसके अलावा 20 प्रतिशत ग्राहकों ने पुन: उपयोग योग्य बैग का विकल्प चुना है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद मिल रही है. फ्लिपकार्ट का मानना है कि आने वाले समय में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल डिलीवरी मॉडल क्विक कॉमर्स की नई पहचान बनेंगे.
टैग्स