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बेंगलुरु रोडशो में यूपी को ₹50,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, GCC हब बनने की ओर बड़ा कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 15 से अधिक कंपनियों ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
उत्तर प्रदेश ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और बड़ी सफलता हासिल की है. बेंगलुरु में आयोजित निवेशक रोडशो के दौरान राज्य को 50,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में 15 से अधिक कंपनियों ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए. यह निवेश प्रस्ताव ‘उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026’ के दौरान सामने आए. राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत देश और विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
रियल एस्टेट और बिजनेस पार्क सेक्टर से सबसे बड़े निवेश प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे अधिक निवेश प्रस्ताव रियल एस्टेट, औद्योगिक पार्क और बिजनेस पार्क सेक्टर से मिले हैं. होराइजन (ब्लैकस्टोन) ने 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है. वहीं, एम्बेसी और रहेजा माइंडस्पेस REIT ने 5,000-5,000 करोड़ रुपये निवेश की प्रतिबद्धता जताई है.
प्रेस्टीज ग्रुप ने 15,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना पेश की है, जबकि सत्वा डेवलपर्स ने 4,000 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव रखा है. श्रीराम प्रॉपर्टीज ने भी राज्य में निजी औद्योगिक और बिजनेस पार्क विकसित करने के लिए समझौता किया है.
GCC सेक्टर में भी बढ़ी वैश्विक कंपनियों की दिलचस्पी
उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) क्षेत्र में भी नई कंपनियों की रुचि मिली है. एलजी, एऑन, मेटलाइफ और टेबल स्पेस जैसी कंपनियों ने राज्य में निवेश को लेकर समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए. वहीं, टीमलीज ने उत्तर प्रदेश में GCC के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से गैर-वित्तीय समझौता किया है. इसका उद्देश्य राज्य में प्रशिक्षित पेशेवरों की मजबूत पाइपलाइन तैयार करना है.
निवेशकों के साथ बंद कमरे में हुई अहम बैठकें
बेंगलुरु दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैश्विक निवेशकों और प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ तीन बंद कमरे की गोलमेज बैठकों में हिस्सा लिया. इन बैठकों में शहरी अवसंरचना, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, आईटी सेवाएं और राज्य में बढ़ते प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने राज्य की औद्योगिक नीतियों, तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक सुधारों को दीर्घकालिक निवेश के लिए अनुकूल बताया.
2031 तक 500 GCC स्थापित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख GCC हब बनाने का रोडमैप भी पेश किया. इसके तहत वर्ष 2031 तक 4 करोड़ वर्गफुट ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस विकसित करने और 500 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश के शीर्ष तीन एफडीआई गंतव्यों में शामिल करना है.
गूगल क्लाउड के साथ AI और डिजिटल तकनीक पर चर्चा
बेंगलुरु प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गूगल क्लाउड के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की. इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा आधारित तकनीकों के उपयोग पर चर्चा हुई. बैठक में शासन व्यवस्था, कृषि, एमएसएमई और स्टार्टअप सेक्टर में डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाओं पर विचार किया गया. राज्य सरकार का मानना है कि नई तकनीकों के जरिए सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा सकती है और किसानों, युवाओं तथा छोटे कारोबारियों को अधिक लाभ पहुंचाया जा सकता है.
उत्तर प्रदेश को निवेश केंद्र बनाने की रणनीति
राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक नीतियां, तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े निवेश केंद्रों में बदल सकते हैं. बेंगलुरु रोडशो में मिले निवेश प्रस्ताव इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माने जा रहे हैं.
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