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नवंबर में औद्योगिक गतिविधियों ने पकड़ी रफ्तार, 25 महीनों की सबसे तेज ग्रोथ दर्ज
विनिर्माण और खनन क्षेत्रों में आई मजबूती से यह साफ है कि औद्योगिक गतिविधियों में रफ्तार लौट रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए नवंबर महीना बेहद सकारात्मक रहा. खनन और विनिर्माण क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन के चलते औद्योगिक उत्पादन में 25 महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई. ताजा सरकारी आंकड़े संकेत देते हैं कि मांग में सुधार और नीतिगत समर्थन का असर उद्योगों पर साफ नजर आने लगा है.
औद्योगिक उत्पादन में 6.7 फीसदी की मजबूत बढ़त
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार नवंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन 6.7 फीसदी बढ़ा. इससे पहले अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन की संशोधित वृद्धि दर 0.5 फीसदी रही थी. पिछले साल नवंबर में औद्योगिक उत्पादन में 5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी.
विनिर्माण और खनन बने ग्रोथ के मुख्य आधार
औद्योगिक उत्पादन में लगभग 78 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन नवंबर में 8 फीसदी बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी महीने यह 5.5 फीसदी था. खनन क्षेत्र का उत्पादन भी नवंबर में 5.4 फीसदी बढ़ा, जो पिछले साल इसी अवधि में 1.9 फीसदी रहा था. इन दोनों क्षेत्रों ने कुल औद्योगिक वृद्धि को मजबूत आधार दिया.
बिजली क्षेत्र का प्रदर्शन रहा कमजोर
जहां विनिर्माण और खनन क्षेत्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं बिजली क्षेत्र नवंबर में कमजोर नजर आया. इस दौरान बिजली उत्पादन में 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पिछले वर्ष की समान अवधि में बिजली उत्पादन 4.4 फीसदी बढ़ा था.
जीएसटी कटौती और त्योहारी मांग का दिखा असर
त्योहारी सीजन से पहले कई उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की गई थी. इसका सीधा असर विनिर्माण ऑर्डरों में तेजी के रूप में देखने को मिला. बढ़ी हुई मांग और खपत ने उद्योगों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया.
चालू वित्त वर्ष में औद्योगिक प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से नवंबर के दौरान देश का औद्योगिक उत्पादन 3.3 फीसदी की दर से बढ़ा. हालांकि यह पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 4.1 फीसदी से कम है, लेकिन नवंबर के मजबूत आंकड़े आगे सुधार के संकेत दे रहे हैं. विनिर्माण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 23 में से 20 उद्योग समूहों में नवंबर में सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई.
आगे के महीनों को लेकर विशेषज्ञों का अनुमान
इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के अनुसार अमेरिकी शुल्क और जुर्माने का असर कुछ विनिर्माण क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है. इससे जीएसटी कटौती के सकारात्मक प्रभाव का असर सीमित हो सकता है. उनका मानना है कि दिसंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि 3.5 से 5 फीसदी के दायरे में रह सकती है.
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