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पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इंडीग्रिड की बड़ी कामयाबी, आईपी के माध्यम से जुटाए ₹1,500 करोड़

यह पूंजी कंपनी को अपनी विस्तार योजनाओं, रणनीतिक अधिग्रहणों और ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी, साथ ही यूनिटधारकों के लिए सतत मूल्य सृजन सुनिश्चित करेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

भारत के पहले और सबसे बड़े सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध पावर सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) इंडीग्रिड ने सेबी (SEBI) के नियमों के अनुरूप संस्थागत प्लेसमेंट (Institutional Placement – IP) प्रक्रिया के माध्यम से सफलतापूर्वक ₹1,500 करोड़ जुटाने की घोषणा की है. यह आईपी प्रक्रिया लगभग 2 गुना अधिक सब्सक्राइब हुई. इसमें मौजूदा और नए दोनों प्रकार के दीर्घकालिक घरेलू और वैश्विक संस्थागत निवेशकों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली. इस प्लेसमेंट में 10 बीमा कंपनियों और 6 म्यूचुअल फंड्स ने हिस्सा लिया. कुल निवेश में घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 78 प्रतिशत और विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत रही.

FY 2025-26 में कुल ₹1,938 करोड़ की इक्विटी पूंजी जुटाई

यह फंडरेजिंग नवंबर 2025 में पूरी हुई ₹438 करोड़ की प्रेफरेंशियल इश्यू के बाद की गई है. इस आईपी के पूरा होने के साथ, इंडीग्रिड ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ₹1,938 करोड़ की इक्विटी पूंजी जुटा ली है. यह कंपनी की चरणबद्ध और संतुलित पूंजी जुटाने की रणनीति को दर्शाता है.

मजबूत बैलेंस शीट और बड़े ग्रोथ अवसर

इश्यू के बाद इंडीग्रिड का नेट डेट टू एयूएम अनुपात लगभग 57 प्रतिशत रहेगा, जो 70 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर है. इससे कंपनी को लगभग ₹45,000 करोड़ तक के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) तक विस्तार का अवसर मिलेगा.

ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल्स और एनर्जी स्टोरेज में विस्तार

इंडीग्रिड ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण क्षेत्रों में एक मजबूत और विविध ग्रोथ पाइपलाइन का निर्माण कर रहा है. वर्तमान में, इंडीग्रिड और इसके प्रायोजित डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म एनर्जीग्रिड (EnerGrid) के तहत 9 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिन पर कुल लगभग ₹7,500 करोड़ का पूंजीगत व्यय अनुमानित है.

रणनीतिक अधिग्रहण समझौते

वित्त वर्ष के दौरान इंडीग्रिड ने रीन्यू पावर से गडग ट्रांसमिशन लिमिटेड (GTL) के अधिग्रहण के लिए निर्णायक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके चालू वित्त वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है. इसके अलावा, कंपनी ने टेक्नो इलेक्ट्रिक से एनईआरईएस XVI पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (NPTL) परियोजना के अधिग्रहण की भी घोषणा की है, जो इसके कमीशनिंग के बाद पूरी होगी.

नए अवसरों का सतत मूल्यांकन

प्रतिबद्ध परियोजनाओं के अलावा, इंडीग्रिड और एनर्जीग्रिड ऊर्जा क्षेत्र में अपने जोखिम-रिटर्न ढांचे के अनुरूप ऑपरेशनल अधिग्रहण और ग्रीनफील्ड अवसरों का लगातार मूल्यांकन कर रहे हैं.

इस प्लेसमेंट पर टिप्पणी करते हुए, इंडीग्रिड के प्रबंध निदेशक हर्ष शाह ने कहा, “हम अपने यूनिटधारकों के निरंतर विश्वास के लिए आभारी हैं. यह पूंजी जुटाना हमारी बैलेंस शीट को और मजबूत बनाता है और हमें अनुशासित तरीके से विकास के अवसरों को आगे बढ़ाने में सक्षम करता है, जहां हर निवेश निर्णय दीर्घकालिक मूल्य सृजन और यूनिटधारकों के रिटर्न पर आधारित होता है.”

बोर्ड की मंजूरी और इश्यू विवरण

इंडीग्रिड इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स लिमिटेड के निदेशक मंडल ने, जो इंडीग्रिड के निवेश प्रबंधक के रूप में कार्य करता है, 22 जनवरी 2026 को इस आईपी के तहत ₹163 प्रति यूनिट की दर से लगभग 9.20 करोड़ नई यूनिट्स के निर्गम और आवंटन को मंजूरी दी.

इस इश्यू में एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, एम्बिट प्राइवेट लिमिटेड, अवेंदस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड, नोवा वन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड ने बुक रनिंग लीड मैनेजर्स की भूमिका निभाई. वहीं, AZB & पार्टनर्स और होगन लवेल्स (मिडिल ईस्ट) एलएलपी ने कानूनी सलाहकार के रूप में कार्य किया.


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