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विश्व में भारत का दबदबा रहेगा कायम, IMF ने बढ़ाया GDP अनुमान, बाकी सब हुए पीछे
आईएमएफ के मुताबिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत है जिससे निजी खपत बढ़ेगी. इसी के चलते आर्थिक विकास में तेजी आ सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर आई है, इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (International Monetary Fund) ने भारत के आर्थिक विकास के ग्रोथ अनुमान को बढ़ा दिया है. आईएमएफ ने मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 में 20 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी के साथ भारत की जीडीपी के 7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. जबकि इससे पहले अप्रैल 2024 में आईएमएफ ने 6.8 फीसदी जीडीपी रहने का अनुमान जताया था.
कितनी रह सकती है भारत की ग्रोथ
IMF की डिप्टी एमडी गीता गोपीनाथ एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2024 की अंतिम तिमाही में भारत की जीडीपी वार्षिक आधार पर 7.8 फीसदी दर से बढ़ी. इसके अलावा, केंद्र ने वित्त वर्ष 2024 की ओवरऑल ग्रोथ रेट के अनुमान को बढ़ाकर 8.2 फीसदी दिया. कुल मिलाकर, आईएमएफ ने मंगलवार को कहा कि उसे अभी भी उम्मीद है कि ग्लोबल इकोनॉमी इस साल 3.2 फीसदी की धीमी गति से बढ़ेगी. आईएमएफ ने इसके अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है. खास बात तो ये है कि से अनुमान साल 2023 में 3.3 फीसदी की ग्रोथ से कम है. 2000 से 2019 तक, महामारी से पहले आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण, ग्लोबल ग्रोथ रेट दर प्रति वर्ष औसतन 3.8 फीसदी रही.
New WEO update: Growth in India & China will account for almost half of global growth in 2024. Growth in major advanced economies is more aligned: euro area growth picks up as the US shows signs of cooling after a strong year. Read here: https://t.co/LQe1ZD2sOR pic.twitter.com/IyjWgBFv68
— Gita Gopinath (@GitaGopinath) July 16, 2024
भारत नंबर 1
IMF के ताजा अनुमान के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि दर अब 7 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. यह अप्रैल में अनुमानित 6.8 प्रतिशत से अधिक है. इसका एक कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत उपभोक्ता खर्च है. वहीं अमेरिका के मामले में इस साल के लिए वृद्धि दर अनुमान को घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया गया जबकि अप्रैल में इसके 2.7 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी गयी थी. इसी तरह, जापान के लिए आर्थिक वृद्धि अनुमान को 0.9 प्रतिशत से घटाकर 0.7 प्रतिशत कर दिया गया है. मुद्रा कोष ने यूरो मुद्रा साझा करने वाले 20 देशों के लिए अपने 2024 के वृद्धि अनुमान को बढ़ाकर 0.9 प्रतिशत कर दिया. बीते साल यूरो क्षेत्र की वृद्धि दर 0.5 प्रतिशत रही थी.
फोकस में भारत और चीन
दुनिया के 190 देशों को कर्ज देने वाला वैश्विक संगठन मुद्रा कोष आर्थिक विकास और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देने तथा वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए काम करता है. वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के ताजा आंकड़े के साथ आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने लिखा है कि इस साल ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ में चीन और भारत की हिस्सेदारी लगभग आधी होगी. इसका कारण 2024 की शुरुआत में चीनी निर्यात में वृद्धि है. IMF ने इस साल चीन के लिए अपने वृद्धि अनुमान को बढ़ाकर 5.0 प्रतिशत कर दिया है. जबकि अप्रैल में यह 4.6 प्रतिशत था. हालांकि, यह 2023 के 5.2 प्रतिशत से कम है.
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