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नहीं आएगा इंडियन ऑयल का 22000 करोड़ का राइट्स इश्यू, इस वजह से पीछे खींचे कदम

सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल के बोर्ड ने पिछले साल राइट्स इश्यू के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, लेकिन अब प्रस्ताव को वापस ले लिया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन  (IOC) ने 22000 करोड़ रुपए के राइट्स इश्यू से कदम वापस खींच लिए हैं. कंपनी की तरफ से बताया गया है कि आज यानी 30 सितंबर को हुई बोर्ड की बैठक में इक्विटी शेयरों के राइट्स इश्यू के प्रस्ताव को वापस ले लिया गया है. इसका मतलब है कि कंपनी का राइट्स इश्यू अब नहीं आएगा. बता दें कि इंडियन ऑयल के बोर्ड ने पिछले साल जुलाई में राइट्स इश्यू के जरिए 22000 करोड़ जुटाने को मंजूरी दी थी.

फाइलिंग में दी जानकारी 
IOC ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने सूचना दी है कि बजट 2024-25 में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए कैपिटल सपोर्ट को लेकर फंड आवंटित नहीं किया गया है. जबकि पहले 30,000 करोड़ रुपए का आवंटन प्रस्तावित था. इसलिए राइट इश्यू में सरकार के नॉन-पार्टिसिपेशन को देखते हुए, कंपनी के बोर्ड ने प्रस्तावित राइट्स इश्यू को वापस लेने का फैसला लिया है. केंद्र सरकार इंडियन ऑयल की प्रमोटर है.

ऐसा है शेयर का हाल
इस साल जून के शेयर होल्डिंग पैटर्न के अनुसार, सरकार के पास इंडियन ऑयल में 51.50% हिस्सेदारी है. आईओसी का मार्केट कैप 2.54 लाख करोड़ रुपए है. शेयर मार्केट में कंपनी के प्रदर्शन की बात करें, तो आज इसके शेयर गिरावट के साथ 179.69 रुपए पर बंद हुए हैं. हालांकि, इस साल अब तक इसने 37.90% और पिछले एक साल में 99.66% का शानदार रिटर्न दिया है. 

ऐसी है आर्थिक सेहत
कंपनी की वित्तीय सेहत पर नज़र डालें तो अप्रैल-जून 2024 तिमाही में IOC का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 74.7% गिरकर  3722.63 करोड़ रुपए पर आ गया. पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 14735.30 करोड़ था. जून-अप्रैल 2024 तिमाही में कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रिवेन्यु सालाना आधार पर 2.4% घटकर 219864.34 करोड़ रुपए रहा, जबकि जून 2023 तिमाही में यह 225410.49 करोड़ रुपए था. 


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