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जनवरी में रफ्तार पकड़ती भारतीय अर्थव्यवस्था, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों मजबूत

जनवरी 2026 के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने साल की शुरुआत घरेलू मांग, निर्यात, रोजगार और उत्पादन में मजबूत नोट पर की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

जनवरी 2026 में भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती देखने को मिली है. एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों में अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई है. नए ऑर्डर, घरेलू मांग और निर्यात में तेजी ने प्राइवेट सेक्टर की गतिविधियों को नई रफ्तार दी है.

पीएमआई में जबरदस्त उछाल

एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट आउटपुट इंडेक्स जनवरी में बढ़कर 59.5 हो गया, जो दिसंबर में 57.8 था. यह दर्शाता है कि निजी क्षेत्र की कुल गतिविधियों में मजबूत सुधार हुआ है. एसएंडपी ग्लोबल द्वारा जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, नए कारोबार में बढ़ोतरी ने ग्रोथ को सबसे ज्यादा सहारा दिया है. हालांकि, मौसम के अनुसार समायोजित आंकड़ों में उत्पादन वृद्धि की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दोनों ने लगभग समान गति से प्रदर्शन किया है.

मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में संतुलित ग्रोथ

रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में दोनों सेक्टरों की ग्रोथ लगभग बराबर रही है. यह इंडेक्स हर महीने दोनों क्षेत्रों के कुल उत्पादन में बदलाव को मापता है. कंपनियों ने बताया कि बेहतर मांग और मजबूत मार्केटिंग रणनीतियों का उन्हें सीधा फायदा मिला है. मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने सर्विस सेक्टर की तुलना में अपनी बिक्री में ज्यादा तेजी दर्ज की है.

HSBC के चीफ इकोनॉमिस्ट ने क्या कहा?

एचएसबीसी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा कि, "जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस दोनों सेक्टरों में ग्रोथ की रफ्तार तेज हुई है. हालांकि मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में सुधार हुआ है, लेकिन यह अब भी 2025 के औसत स्तर से नीचे है. नए ऑर्डर खासतौर पर घरेलू मांग की वजह से तेजी से बढ़े हैं." उन्होंने यह भी बताया कि इनपुट लागत का दबाव बढ़ा है, और इसका असर सर्विस सेक्टर की तुलना में मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर ज्यादा पड़ा है.

निर्यात में चार महीने की सबसे तेज बढ़ोतरी

जनवरी में अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर में भी मजबूत उछाल देखने को मिला है. यह पिछले चार महीनों में निर्यात की सबसे तेज ग्रोथ है. एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका और मिडिल ईस्ट से भारतीय कंपनियों को ज्यादा ऑर्डर मिले हैं, जिससे कुल कारोबार को और मजबूती मिली है.

रोजगार और खरीदारी में भी इजाफा

जनवरी में निजी क्षेत्र में भर्ती की रफ्तार बढ़ी है, जबकि दिसंबर में इसमें स्थिरता थी. हालांकि नौकरियों में बढ़ोतरी सीमित रही है, लेकिन यह लंबे समय के ट्रेंड के अनुरूप रही है. खासतौर पर जूनियर और मिड-लेवल कर्मचारियों की भर्ती बढ़ी है. मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने न सिर्फ ज्यादा लोगों को नौकरी दी है, बल्कि कच्चे माल की खरीद भी बढ़ाई है. दिसंबर के मुकाबले जनवरी में खरीदारी की रफ्तार तेज रही है.

मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई भी मजबूत

बेहतर कारोबारी हालात को दर्शाते हुए, एचएसबीसी फ्लैश इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई जनवरी में 55.0 से बढ़कर 56.8 हो गया है, जो अक्टूबर के बाद का सबसे अच्छा स्तर है.


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