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जापान को पछाड़कर चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा भारत, IMF की रिपोर्ट में हुआ बड़ा दावा
आईएमएफ के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के अनुसार, भारत 2025 में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत इस साल जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी IMF की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जापान की नॉमिनल जीडीपी वित्त वर्ष 26 में 4.186 ट्रिलियन डॉलर की रह जाएगी जबकि भारत की जीडीपी के बढ़कर 4.187 ट्रिलियन डॉलर होने की उम्मीद है. पिछले साल भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया था. इस वित्तीय वर्ष में अब इसके चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है.
2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत
इतना ही नहीं, आने वाले सालों में, भारत की जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की भी संभावना है. 2028 तक, भारत का सकल घरेलू उत्पाद 5584.476 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो जर्मनी के 5251.928 बिलियन डॉलर से ज्यादा है. भारत 2027 में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा, जिसका सकल घरेलू उत्पाद 5069.47 बिलियन डॉलर होगा. संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन 2025 में भी दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका और चीन 2030 तक इस रैंक पर बरकरार रहेंगे.
IMF ने भारत के GDP ग्रोथ का पूर्वानुमान घटाया
अपने ताजा विश्व आर्थिक परिदृश्य में, IMF ने चेतावनी दी है कि जिस वैश्विक आर्थिक प्रणाली के तहत पिछले 80 सालों से ज्यादातर देश काम कर रहे हैं, उसे फिर से स्थापित किया जा रहा है, जिससे दुनिया एक नए युग में प्रवेश कर रही है. IMF ने अपनी रिपोर्ट में 2025 के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ के पूर्वानुमान को 6.2% तक समायोजित किया है. ये जनवरी के आउटलुक रिपोर्ट में प्रकाशित 6.5% के पहले के अनुमान से कम है.
भारत के लिए विकास की संभावना अपेक्षाकृत ज्यादा स्थिर
देश के जीडीपी ग्रोथ के पूर्वानुमान में गिरावट की वजह टैरिफ को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से उत्पन्न अनिश्चितताओं को बताया जा रहा है. आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत के लिए, 2025 में विकास की संभावना अपेक्षाकृत ज्यादा स्थिर है, जो खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में निजी खपत द्वारा समर्थित 6.2 प्रतिशत है, लेकिन ये दर व्यापार तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के उच्च स्तर के कारण जनवरी 2025 के WEO अपडेट की तुलना में 0.3 प्रतिशत कम है."
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