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भारत–फ्रांस रिश्तों को नई ऊंचाई, ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के साथ 21 अहम समझौते
इस नई रणनीतिक ऊंचाई के साथ भारत–फ्रांस संबंध आने वाले वर्षों में वैश्विक राजनीति और रक्षा सहयोग के परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात ने भारत–फ्रांस संबंधों को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया. रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और नवाचार जैसे क्षेत्रों में 21 समझौतों के साथ दोनों देशों ने साझेदारी को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा देने की घोषणा की.
भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच मजबूत होता सहयोग
वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता और बदलते शक्ति समीकरणों के बीच भारत और फ्रांस ने रणनीतिक तालमेल को और गहरा करने का संकल्प लिया. दोनों नेताओं ने कहा कि यह साझेदारी केवल द्विपक्षीय हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और प्रगति के लिए भी महत्वपूर्ण है. मैक्रों की यह भारत यात्रा चौथी है. मुंबई पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया. मरीन ड्राइव पर उनकी जॉगिंग की तस्वीरें भी चर्चा में रहीं.
रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम, 114 राफेल को मंजूरी
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग पर विशेष जोर दिया गया. इस महीने की शुरुआत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है. इससे दोनों देशों के रक्षा संबंध और मजबूत होंगे.
रक्षा क्षेत्र में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की कंपनी सैफरन इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड डिफेंस के बीच संयुक्त उपक्रम की घोषणा की गई. इसके अलावा भारतीय सेना और फ्रांसीसी थल सेना प्रतिष्ठानों में अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती पर भी सहमति बनी.
एयरबस हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन
दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से कर्नाटक के बेंगलूरु के पास वेमागल में एयरबस एच125 हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया. यह परियोजना भारत में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.
नवाचार से ऊर्जा तक, बहु-क्षेत्रीय समझौते
भारत और फ्रांस के बीच नवाचार, स्टार्टअप, दुर्लभ खनिज, कौशल विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी समझौते हुए. साथ ही दोहरे कराधान से बचाव समझौते के प्रोटोकॉल में संशोधन पर हस्ताक्षर किए गए. इससे निवेश और व्यापार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.
‘होरिजन 2047 रोडमैप’ की वार्षिक समीक्षा
दोनों नेताओं ने ‘होरिजन 2047 रोडमैप’ के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए विदेश मंत्रियों के बीच वार्षिक वार्ता की व्यवस्था पर सहमति जताई. मैक्रों ने कहा कि कूटनीति की भाषा में इस तरह की साझेदारी का विशेष महत्व होता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस को भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारों में से एक बताया. उन्होंने कहा, “हम फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत की व्यापकता को जोड़ रहे हैं.”
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