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भारत-जापान के बैंकों की कमाई में जबरदस्त उछाल, चीन के बड़े बैंकों में आई गिरावट- रिपोर्ट

GlobalData नाम की डेटा और एनालिटिक्स कंपनी का कहना है कि यह बदलाव दिखाता है कि अब इस क्षेत्र में कौन आगे बढ़ रहा है और कौन पीछे रह रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

एशिया-पैसिफिक (APAC) क्षेत्र के टॉप 20 बैंकों की कुल कमाई 2023 में 1.6 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 2024 में 1.75 ट्रिलियन डॉलर हो गई, यानी 6.5% की मामूली बढ़त हुई. यह बढ़त खासतौर पर भारत और जापान के बैंकों की जबरदस्त कमाई के कारण हुई. वहीं, चीन के कई बड़े बैंकों की कमाई या तो रुकी रही या घट गई, क्योंकि वहां नियम कड़े हुए और लोगों ने कम लोन लिया.

GlobalData नाम की डेटा और एनालिटिक्स कंपनी का कहना है कि यह बदलाव दिखाता है कि अब इस क्षेत्र में कौन आगे बढ़ रहा है और कौन पीछे रह रहा है. GlobalData के एनालिस्ट मुरली ग्रांधी ने कहा, "2024 में APAC के बैंकिंग क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला. भारत और जापान के बैंकों ने जबरदस्त कमाई की, जबकि चीन के कुछ बड़े बैंक पिछड़ गए. यह केवल लीडरशिप का बदलाव नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि दुनिया की अर्थव्यवस्था, हर देश की नीतियाँ और पूंजी (पैसे) का बहाव कैसे बदल रहा है."

2024 में सिर्फ तीन बैंकों की कमाई 40% से ज्यादा बढ़ी. इनमें भारत का HDFC बैंक सबसे आगे रहा, जिसकी कमाई में 89.5% की जबरदस्त बढ़त हुई. जापान के Sumitomo Mitsui Financial और Mizuho Financial की कमाई में 42.8% और 41.6% की बढ़त हुई. GlobalData के विश्लेषक मुरली ग्रांधी ने बताया कि HDFC बैंक की इस तेजी का कारण है HDFC Ltd. के साथ उसका विलय (मर्जर), लोगों को दिए गए ज्यादा लोन (खासतौर पर रिटेल लोन), और डिजिटल बैंकिंग का विस्तार.

इसी तरह, State Bank of India (SBI) की कमाई भी 19.4% बढ़कर 72 अरब डॉलर हो गई. इसकी वजह रही इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती लोन की मांग. जापान के बैंकों ने भी सालों की धीमी ग्रोथ के बाद जबरदस्त वापसी की. यह बढ़त इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने दूसरे देशों में कंपनियों को जोड़ने में सलाह दी (M&A), दक्षिण-पूर्व एशिया में कंपनियों को लोन दिए, और हरित परियोजनाओं (ग्रीन फाइनेंस) में निवेश बढ़ाया. जापान के Mitsubishi UFJ Financial ने भी 11.7% की बढ़त के साथ 81.7 अरब डॉलर की कमाई की, जिसकी वजह घरेलू लोन में बढ़त और विदेशी कंपनियों की रणनीतिक खरीद रही.

चीन के बैंक अब भी कमाई के मामले में आगे हैं – टॉप 20 में से 11 जगहें उन्हीं के पास हैं. ICBC बैंक सबसे ऊपर रहा, जिसकी कमाई $227.9 अरब डॉलर रही, लेकिन इसमें 0.6% की हल्की गिरावट आई. इसी तरह, China Construction Bank की कमाई $198.1 अरब रही, गिरावट 2% की, Postal Savings Bank of China की कमाई $81.7 अरब, गिरावट 0.7% और Shanghai Pudong Development Bank की कमाई $49.2 अरब, गिरावट 4.4% रही. 

ये गिरावट इसलिए हुई क्योंकि लोगों और कंपनियों ने कम लोन लिए, रियल एस्टेट (property sector) में दिक्कतें आईं और सरकार ने लोन देने के नियम कड़े कर दिए. फिर भी Bank of China ने बेहतर प्रदर्शन किया. इसकी कमाई 2.6% बढ़कर $177.6 अरब हो गई. यह बढ़त इसलिए हुई क्योंकि इसने विदेशों में फाइनेंसिंग और मुद्रा (currency) से जुड़ी सेवाओं में अच्छा काम किया. खासकर व्यापार में चीनी मुद्रा (युआन) के बढ़ते इस्तेमाल से इसे फायदा हुआ.

GlobalData के एनालिस्ट मुरली ग्रांधी ने अंत में कहा कि “2025 में पूरी दुनिया का आर्थिक माहौल काफी उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है. एशिया-पैसिफिक (APAC) के बैंक ऐसी स्थिति में काम कर रहे हैं जहाँ राजनीतिक तनाव, टैक्स और टैरिफ में बढ़ोतरी, और पैसों की कमी जैसे कई मुश्किल हालात हैं. अमेरिका और चीन के बीच व्यापार में बदलाव, चिप (semiconductor) एक्सपोर्ट पर रोक, और एशिया में चल रहे विवाद – ये सभी चीजें देशों के बीच पैसों के लेन-देन को कम कर सकती हैं और बैंकों पर नियमों का पालन करने का खर्च बढ़ा सकती हैं”.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “जिन बैंकों की देश में अच्छी पकड़ है, जो डिजिटल तकनीक में तेज हैं, और जिनका अंतरराष्ट्रीय निवेश कई जगह फैला है – खासकर भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया में – वे इस मुश्किल समय को ज्यादा अच्छे से झेल सकते हैं. ऐसे बैंक फिनटेक (डिजिटल बैंकिंग), इंफ्रास्ट्रक्चर लोन और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स में ग्रोथ का फायदा उठा सकते हैं. आने वाला साल इन बैंकों की केवल बैलेंस शीट ही नहीं, बल्कि उनकी रणनीति और बदलाव के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता की भी परीक्षा लेगा”.
 


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