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SEBI ने निवेशकों को दी खुशखबरी, बढ़ाई बेसिक सर्विस डीमैट एकाउंट की लिमिट
SEBI ने कहा कि 4 लाख रुपये तक के पोर्टफोलियो मूल्य होने पर बीडीएसए के लिए कोई वार्षिक रखरखाव शुल्क नहीं लगेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
डीमैट खातों के जरिए शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए खुशखबरी है और वह यह कि अब वे डीमैट खातों के जरिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं. हालांकि, पहले यह डीमैट अकाउंट के जरिए निवेश करने की सीमा 2 लाख रुपये तक ही सीमति थी. बाजार विनियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने डीमैट खातों के जरिए निवेश की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक करने का फैसला किया है.
सेबी ने जारी किया सर्कुलर
सेबी ने बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट की लिमिट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की जानकारी शुक्रवार को दी. इसके लिए सेबी ने एक सर्कुलर जारी किया. महीनों से इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है. सेबी का सर्कुलर आने से सारे कयास सच साबित हो गए हैं. हालांकि यह तुंरत प्रभावी नहीं होने वाला है. सेबी ने बताया है कि यह बदलाव 1 सितंबर 2024 से प्रभावी होगा.
छोटे निवेशकों को मिलेगा इसका फायदा
बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट में रेगुलर डीमैट अकाउंट की तुलना में कम सर्विसेज मिलती हैं, लेकिन ये वैसे निवेशकों के लिए आदर्श होते हैं, जो बाजार के विभिन्न सेगमेंट में रेगुलर ट्रेड नहीं करते हैं. अभी तक की व्यवस्था में निवेशकों को बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट में 2 लाख रुपये तक के शेयर या अन्य सिक्योरिटीज रखने की सुविधा मिलती थी. लिमिट बढ़ने के बाद निवेशक अब बेसिक डीमैट अकाउंट में कुल 10 लाख रुपये तक के शेयर या अन्य सिक्योरिटीज को रख पाएंगे.
डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के लिए सेबी के निर्देश
बेसिक डीमैट अकाउंट में रेगुलर डीमैट अकाउंट की तरह चार्ज नहीं देना होता है. यानी ये अकाउंट कम खर्चीले साबित होते हैं. ऐसे में ये कम ट्रेडिंग करने वाले छोटे निवेशकों के लिए किफायती विकल्प बन जाते हैं. सेबी ने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट को निर्देश दिया है कि वे हर पात्र निवेशक का बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट की खोलेंगे, जब तक कि इन्वेस्टर ईमेल के जरिए रेगुलर डीमैट अकाउंट खोलने के लिए न कहे. साथ ही डीपी को बढ़ी हुई लिमिट के हिसाब से सभी पात्र निवेशकों के डीमैट अकाउंट को 2 महीने में बीएसडीए में कंवर्ट करने के लिए भी कहा है.
साल 2012 में की गई थी शुरुआत
बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट को बीएसडीए भी कहा जाता है. यह दरअसल रेगुलर डीमैट अकाउंट का बेसिक वर्जन है. इसे सेबी की ओर से सबसे पहली बार साल 2012 में शुरू किया गया था. सेबी ने छोटे पोर्टफोलियो रखने वाले निवेशकों यानी खुदरा निवेशकों के ऊपर बोझ कम करने के लिए इसकी शुरुआत की थी.
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