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IMF ने फिर घटाया भारत का GDP अनुमान, कहा- "दुनिया के लिए बुरा वक्त तो अभी आना बाकी है"

IMF के आर्थिक सलाहकार पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने कहा, "सबसे बुरा वक्त तो अभी आना बाकी है और कई लोगों के लिए 2023 मंदी की तरह महसूस होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: अतंरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए भारत के GDP ग्रोथ अनुमान को एक बार फिर घटा दिया है. IMF ने GDP ग्रोथ अनुमान को घटाकर 6.8 परसेंट कर दिया है. IMF का कहना है कि यह अनुमान दूसरी तिमाही में आउटपुट उम्मीद से कम रहने और बाहरी मांग में कमजोरी बने रहने के कारण घटाया गया है. 

IMF ने ग्रोथ अनुमान घटाकर 6.8% किया
ग्रोथ अनुमान जारी करते हुए IMF ने कहा "2022 के लिए भारत का ग्रोथ अनुमान 6.8 परसेंट है, जो जुलाई के अनुमान से 0.6 परसेंट कम है. जो ये दर्शाता है कि दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) से काफी कम है. जुलाई में IMF ने 7.4 परसेंट का ग्रोथ अनुमान दिया था, जबकि जनवरी में ये 8.2 परसेंट था. IMF के ये अनुमान तब आए हैं जब वर्ल्ड बैंक ने इसी महीने भारत के GDP अनुमानों को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए घटाकर 6.5 परसेंट कर दिया है. इसके पहले पीछे महीने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रियल जीडीपी का अनुमान घटाकर 7 परसेंट कर दिया था. IMF के मुताबिक 2023-24 में ग्रोथ दर 6.1% रहने का अनुमान है, जबकि 2021-22 में 8.7% रही थी.

"सबसे बुरा वक्त तो आना बाकी है"
अपने नए ग्रोथ अनुमानों को जारी करते हुए IMF ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी का एक तिहाई से अधिक संकुचन की ओर बढ़ रहा है - या तो इस साल या अगले साल-  संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीनी अर्थव्यवस्थाएं ठप होती रहेंगी. इतना ही नहीं, IMF के आर्थिक सलाहकार पियरे-ओलिवियर गौरींचस ने कहा, "सबसे बुरा वक्त तो अभी आना बाकी है और कई लोगों के लिए 2023 मंदी की तरह महसूस होगा." हालांकि ग्रोथ अनुमानों में गिरावट के बावजूद भारत 2022 और 2023 में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना रहेगा.
 
"ठोस कदम उठाने की जरूरत"
IMF ने अपनी रिपोर्ट में ये चेतावनी दी है  कि तूफान के बादल छाए हैं, नीति निर्माताओं को ठोक कदम उठाने की जरूरत है. IMF ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जो तीन शक्तिशाली कारणों से हैं, यूक्रेन पर रूसी आक्रमण, लगातार और व्यापक महंगाई का दबाव और चीन में मंदी का संकट. IMF ने चीन के 2022 के ग्रोथ पूर्वानुमान में 10 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर दी है, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था 2023 में 4.4 परसेंट की रफ्तार से बढ़ रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊर्जा और खाद्य कीमतों में तेजी के कारण महंगाई लंबे समय तक बनी रह सकती है. मौद्रिक नीतियों की सख्ती उभरते बाजारों का ऋण संकट बढ़ा सकती है. 

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