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HUL अपने आइसक्रीम बिजनेस को करेगा अलग, आखिर कंपनी ने क्यों उठाया ये बड़ा कदम?
कंपनी ने कहा, शेयरधारकों के लिए ज्यादा वैल्यू कैसे बनाया जाए उस मकसद को ध्यान में रखते हुए कंपनी बोर्ड ये तय करेगा कि आइसक्रीम बिजनेस को कैसे अलग किया जाए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिग्गज एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने एलान किया है कि कंपनी अपने आईसक्रीम बिजनेस को खुद से अलग करेगी. एचयूएल ने ये जानकारी दी है कि इंडीपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) की कमिटी की सिफारिशों के आधार पर 23 अक्टूबर, 2024 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में ये तय किया गया हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड अपने आइसक्रीम बिजनेस (Ice Cream Business) को अलग करेगी.
रेगुलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने दी जानकारी
स्टॉक एक्सचेंज के पास रेगुलेटरी फाइलिंग में हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने कहा, सभी शेयरधारकों के लिए ज्यादा से ज्यादा वैल्यू कैसे क्रिएट किया जाए उस मकसद को ध्यान में रखते हुए इंडीपेंडेंट कमिटी की सिफारिशों के आधार पर कंपनी का बोर्ड ये तय करेगा कि आइसक्रीम बिजनेस को कैसे अलग किया जाए. कंपनी ने बताया कि, सेबी के लिस्टिंग रेगुलेशंस और दूसरे नियमों के तहत बोर्ड के विचार करने के बाद डिस्क्लोजर के साथ जरूरी घोषणाएं की जाएंगी.
कंपनी ने कमिटी का किया था गठन
HUL ने बताया कि कंपनी ने आईसक्रीम बिजनेस की संभावनाओं के तलाश करने के लिए सितंबर 2024 में इंडीपेंडेंट डायरेक्टर्स की एक कमिटी का गठन किया था जो विस्तार से इस कारोबार का अध्ययन कर बोर्ड को अपनी सिफारिश सौंपे. सेबी रेगुलेशंस 2015 के तहत कंपनी ने ये जानकारी दी है कि इंडीपेंडेंट कमिटी की सिफारिशों के आधार पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में ये तय किया गया हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड अपने आइसक्रीम बिजनेस को अलग करेगी. हालांकि आइसक्रीम बिजनेस को कैसे अलग किया जाएगा इसपर बाद में विचार किया जाएगा.
आईसक्रीम बिजनेस का 3 फीसदी योगदान
इंडीपेंडेंट डायरेक्टर्स जिन प्रमुख बातों को ध्यान में रखकर अपने निर्णय पर पहुंची है उसमें प्रमुख है कि आईसक्रीम बिजनेस हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के टर्नओवर में 3 फीसदी का योगदान देता है और ये हाई-ग्रोथ कैटगरी है जिसकी पूरी क्षमता को हासिल करने के लिए जरूरी निवेश किए जाने की जरूरत है. कंपनी ने कहा, यूनिलीवर के पास ट्रेडमार्क और तकनीकी जानकारी है और उसने आइसक्रीम बिजनेस को अलग करने का फैसला किया है ऐसे में लोकल क्षमताओं को विकसित करने की आवश्यकता होगी जिससे आइसक्रीम बिजनेस को चलाया जा सके. आइसक्रीम में कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर समेत एक अलग ऑपरेटिंग मॉडल है, और एक विशिष्ट चैनल लैंडस्केप है जो एचयूएल के बाकी हिस्सों के साथ तालमेल को सीमित करता है.
इससे क्या होगा फायदा?
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के मुताबिक इस पोर्टफोलियो के पुनर्गठन से एचयूएल को अपने कोर बिजनेस पर फोकस करने में मदद मिलेगी साथ ही मुख्य व्यवसाय जिसमें ब्यूटी, फूड्स, हेल्थ और वेलबिंग जैसे ट्रेंडिंग डिमांड वाले स्पेस में खुद की मौजूदगी को मजबूत करे सकेगी. इससे आइसक्रीम बिजनेस को ज्यादा लचीलेपन और फोकस के साथ चलाने में भी मदद मिलेगी.
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