होम / बिजनेस / अलीगढ़ के विजय शेखर शर्मा ने आखिर कैसे खड़ा किया कारोबार? जानते हैं कितनी है उनकी नेटवर्थ?

अलीगढ़ के विजय शेखर शर्मा ने आखिर कैसे खड़ा किया कारोबार? जानते हैं कितनी है उनकी नेटवर्थ?

एक समय में विजय शेखर ने जब कोई दूसरा कारोबार शुरू किया तो वो उसमें कर्ज के जंजाल में फंस गए. उस कर्ज को उतारने के लिए उन्‍हें छोटी नौकरियां भी करनी पड़ी. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

पेटीएम (Paytm) को लेकर आरबीआई की कार्रवाई के बाद भले ही इस कंपनी से हर रोज कोई न कोई खबर आ रही हो  और कंपनी को नुकसान हो रहा हो लेकिन पेटीएम को खड़ा करने वाले विजय शेखर शर्मा की इस कंपनी को खड़ा करने की कहानी बड़ी दिलचस्‍प है. अलीगढ़ के एक सामान्‍य से परिवार में जन्‍मे विजय शेखर शर्मा ने जिन संघर्षों के साथ इसे खड़ा किया वो सभी के लिए सीखने वाली बात है. इसी का नतीजा है कि आज उनके पास करोड़ों की दौलत है और वो एक बड़ा पारिश्रमिक लेते हैं.

आखिर कहां से शुरू हुआ सफर? 
 विजय शेखर शर्मा मूल रूप से अलीगढ़ के रहने वाले हैं. उनके पिता एक टीचर थे. विजय ने 14 साल की उम्र में ही अपनी स्‍कूल की पढ़ाई खत्‍म कर ली. उनकी प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो अपने स्‍कूल से इंजीनियरिंग करने वाले दूसरे छात्र थे. विजय हिंदी मीडियम से पढ़े थे तो ऐसे में भाषा उनके सामने बड़ी बाधा बनकर सामने आ गई थी. इसके कारण उन्‍हें खासा संघर्ष करना पड़ा. कहा जाता है कि एक समय में तो उन्‍होंने तय कर लिया था कि अब वो कॉलेज छोड़ देंगे. 

Paytm से पहले दूसरी कंपनी में आजमाया था दांव 
पेटीएम शुरू करने पहले उन्‍होंने कुछ नया करने की सोची और कुछ दोस्‍तों के साथ मिलकर एक कंटेट मैनेजर कंपनी बनाई. उन्‍होंने एक्‍सएस कम्‍यूनिकेशन नाम की कंपनी भी बनाई जिसके लिए उन्‍हें 8 लाख रुपये का कर्ज लेना पड़ा. लेकिन कर्ज की ब्‍याज दर इतनी ज्‍यादा थी कि उन्‍हें लेने के देने पड़ गए. इतना कर्ज सिर पर चढ़ गया कि उसे उतारने के लिए उन्‍हें कई छोटी छोटी नौकरियां करनी पड़ी. आज भले ही विजय शेखर एक अरबपति आदमी हों लेकिन उन्‍होंने अपने जीवन में बड़ा संघर्ष किया है.  

कैसे हुई पेटीएम की शुरुआत? 
आखिरकार 2010 में विजयशेखर के संघर्ष को विराम मिला और उन्‍होंने पेटीएम.कॉम को एक ऑनलाइन लेन देन प्‍लेटफॉर्म के रूप में लॉन्‍च किया.  नया आईडिया था तो ऐसे में विजय शेखर के प्‍लेटफॉर्म को लोगों ने हाथों हाथ लिया और इसका कस्‍टमर बेस 2.5 लाख तक पहुंच गया.  अगले सात सालों में पेटीएम पहली ऐसी कंपनी बन गयी जिसका ग्राहक आधार 100 मिलियन तक पहुंच गया. पेटीएम देश में इतने ग्राहक आधार वाली पहली कंपनी भी बनी. लेकिन नोटबंदी ने इस ऐप के लिए जैसे स्‍वर्णकाल ला दिया.  उसका ग्राहक आधार 200 मिलियन तक पहुंच गया.विजय शेखर शर्मा सबसे कम उम्र के अरबपति भी बन गए और सितंबर 2022 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो उनके पास 1.1 अरब से ज्‍यादा की संपत्ति है. विजय शेखर पेटीएम से सालाना 4 करोड़ रुपये का मुआवजा पाते हैं. वो मासिक 33 लाख रुपये तक पाते हैं. 

ये भी पढ़ें: RBI की पाबंदियों के बाद Paytm Payment Bank से आई ये बड़ी खबर
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

3 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

6 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

6 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

7 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

7 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

6 hours ago

जून में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI

सेवा क्षेत्र के साथ-साथ जून में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि भी धीमी रही. इसके चलते HSBC इंडिया कंपोजिट PMI आउटपुट इंडेक्स मई के 59.3 से घटकर जून में 57.7 पर आ गया.

3 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

4 hours ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

5 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

6 hours ago