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शेयर बाजार में ऐतिहासिक तेजी ने बढ़ाई CJI की चिंता, सेबी और सैट को दे डाली खास हिदायत
चीफ जस्टिस ने बाजार में तेज उछाल पर खुशी और चिंता दोनों जताई. कहा, इस समय ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
शेयर बाजार इन दिनों ऐतिहासिक तेजी का गवाह बन रहा है. बीते एक महीने में सेंसेक्स ने 10 हजार अंकों की जबरदस्त छलांग लगाई है. इस रिकॉर्ड बुल रन से बाजार के निवेशकों को खूब कमाई हो रही है और वे खुश हैं. हालांकि बाजार का यह बुल रन हर किसी को खुश नहीं कर रहा, बल्कि कुछ लोगों को डरा भी रहा है. बाजार की इस रैली से हैरान होने वालों में अब देश के मुख्य न्यायाधीश का नाम भी जुड़ गया है.
बाजार को लेकर मुख्य न्यायाधीश की चिंता
बाजार में आई तेजी को लेकर देश के मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने SEBI और SAT को सलाह दी है. मुख्य न्यायधीश ने कहा कि शेयर बाजार में जारी तेजी को लेकर सेबी और SAT को सतर्क रहना चाहिए. इन दोनों संस्थानों का इस बात का ध्यान देना चाहिए कि रीढ़ की हड्डी सही है. यहां रीढ़ की हड्डी का तात्पर्य शेयर मार्केट से है. नए SAT परिसर का उद्घाटन करते हुए CJI ने अधिकारियों को SAT की नई पीठ खोलने पर विचार करने की सलाह दी है. अखबार के एक आर्टिकल का रेफरेंस देते हुए चंद्रचूड़ ने कहा कि जहां एक तरफ भारत "stratospheric domain" में एंट्री ले रहा है वहीं, नियामक अधिकारियों को इस बात का ध्यान देना चाहिए कि हर कार्य कानून के अनुसार होना चाहिए.
चीफ जस्टिस ने क्यों जताई चिंता?
बीएसई के 80,000 अंक का आंकड़ा पार करने को उल्लास से भरा क्षण बताने वाली खबरों का हवाला देते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि इस तरह की घटनाएं नियामक प्राधिकरणों के लिए यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देती हैं कि जीत के बीच हर कोई अपना ‘‘संतुलन व धैर्य’’ बनाए रखे. लिहाजा सेबी और सैट को बाजार पर करीबी नजर गड़ाए रहनी होगी.
SEBI और SAT की बढ़ती भूमिका पर दिया जोर
बकौल मुख्य न्यायाधीश, जैसे-जैसे शेयर बाजार में तेजी बढ़ती जाती है, मुझे लगता है कि सेबी और सैट की भूमिका भी बढ़ती जाती है. मेरे हिसाब से ऐसे माहौल में सेबी और सैट संस्थान के रूप में सतर्कता बरतेंगे. वे बाजार की सफलता का जश्न तो मनाएंगे, लेकिन साथ ही ये सुनिश्चित भी करेंगे कि बाजार की रीढ़ मजबूत बनी रहे. उन्होंने कहा कि देश में स्थिर व अनुमान लगाने योग्य निवेश का माहौल तैयार करने में सेबी और अपीलेट फोरम सैट की भूमिका बड़े राष्ट्रीय महत्व वाली हो जाती है.
इस हफ्ते 80 हजार अंक के पार निकला सेंसेक्स
मुख्य न्यायाधीश की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब BSE सेंसेक्स ने इतिहास में पहली बार 80 हजार अंक के स्तर को इसी सप्ताह पार किया है. दरअसल शेयर बाजार की रैली पर यह कोई पहली बार चिंता नहीं जाहिर की गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कई बार बाजार की इस रैली के बीच F&O सेगमेंट में खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी पर चिंता जाहिर कर चुकी हैं. खुद बाजार नियामक SEBI भी डेरिवेटिव सेगमेंट में खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी से चिंतित है. दूसरी ओर सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच कुछ समय पहले मिड व स्मॉल कैप सेगमेंट में बबल की आशंका जाहिर कर चुकी हैं.
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