होम / बिजनेस / हिमाचल से आई इस टैक्स की खबर पर खूब हो रही चर्चा, आखिर क्या है सच्चाई?

हिमाचल से आई इस टैक्स की खबर पर खूब हो रही चर्चा, आखिर क्या है सच्चाई?

हाल ही में मीडिया में हिमाचल प्रदेश सरकार के एक नए टैक्स की खबर चली थी, जिसे लेकर चर्चा भी जमकर हुई. अब सरकार ने इस संबंध में बयान जारी किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

हिमाचल प्रदेश से आई एक टैक्स की खबर चर्चा का विषय बनी हुई है. हिमाचल के लोग भी एक-दूसरे से पूछ रहे हैं कि क्या वाकई ऐसा होने वाला है? अब सरकार ने इस वायरल खबर पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है. हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग ने बाकायदा इस संबंध में एक बयान जारी किया है. चलिए जानते हैं कि आखिर इस खबर में ऐसा क्या है और सरकार की तरफ से क्या बयान आया है.

क्या था खबरों में? 
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने घरों में टॉयलेट सीट की संख्या के आधार पर सीवरेज टैक्स लगाने का फैसला लिया है.  रिपोर्ट्स में कहा गया था कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल सरकार ने एक नई नीति तैयार की है, जिसके तहत लोगों से उनके घरों में टॉयलेट सीट्स की संख्या के आधार पर प्रति माह 25 रुपए शुल्क लिया जाएगा. आजकल अधिकांश घरों में 2 या तीन टॉयलेट सीट्स लगाए जाने लगे हैं. इस लिहाज से उन्हें थोड़ी ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है. 

सरकार ने किया खंडन
अब सरकार ने इन खबरों का खंडन किया है. हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है. सीवरेज कनेक्शन पूर्व की भांति ही प्रदान किए जाते रहेंगे. विभाग का लक्ष्य 100 प्रतिशत कनेक्टिविटी प्राप्त करना है, ताकि प्रदूषण कम और सीवरेज का ट्रीटमेंट सुनिश्चित किया जा सके.हाल ही में पानी के शुल्क के संबंध में ज़रूर अधिसूचना जारी की गई है, लेकिन अन्य सभी चीजें यथावत रहेंगी. 

मुश्किल में सुक्खू सरकार
सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार इस समय आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही है. पिछले महीने राज्य कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन समय पर नहीं मिली थी. इससे पहले, CM  सुक्खू ने ऐलान किया था कि वह और राज्य के मुख्य संसदीय सचिव अगले दो महीने तक अपना वेतन एवं भत्ते नहीं लेंगे. इतना ही नहीं, उन्होंने विधानसभा के अन्य सदस्यों से भी अपील की थी कि वे स्वेच्छा से अपना वेतन और भत्ते छोड़कर आर्थिक संकट से निपटने में सरकार की मदद करें. ऐसे में जब टॉयलेट सीट पर टैक्स की खबर सामने आई, तो लोगों ने इसे तुरंत सही मान लिया, क्योंकि सरकार को अपना खजाना भरना है. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

रिलायंस फैसले की खामोश विरासत: क्या सेबी के लिए अब धोखाधड़ी साबित करना होगा और मुश्किल?

रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा कि किसी नियम का उल्लंघन करना और धोखाधड़ी करना एक ही बात नहीं है. लेकिन सबसे गंभीर मामलों में सबूत के स्तर को ऊंचा उठाते हुए अदालत एक ऐसे सवाल को अनुत्तरित छोड़ गई, जिसका जवाब उसने नहीं दिया: ऐसे बाजार में, जहां गलत काम गुमनाम, इलेक्ट्रॉनिक और बिना किसी स्पष्ट पीड़ित के होता है, एक नागरिक नियामक धोखाधड़ी को साबित कैसे करे?

1 week ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 99% बातचीत पूरी; जल्द हो सकता है अंतरिम समझौता: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.

1 week ago

स्पाइसजेट पर GST विभाग का शिकंजा, रद्द हो सकता है पंजीकरण; 124 करोड़ रुपये की टैक्स मांग

जीएसटी विभाग ने CGST/SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का प्रोविजनल असेसमेंट किया है. इस आकलन के आधार पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की कर मांग निर्धारित की गई है.

1 week ago

मई में 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा भारत का क्रूड आयात, रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

1 week ago

सेबी का सुजलॉन पर बड़ा प्रहार: 29 करोड़ रुपये का जुर्माना, पुरानी क्लीन चिट भी रद्द

खातों में कथित हेराफेरी, भ्रामक वित्तीय खुलासे और समूह कंपनियों के बीच फंड घुमाकर मुनाफा दिखाने के आरोपों पर सेबी ने सुजलॉन एनर्जी और उसके पूर्व शीर्ष अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाया है.

1 week ago


बड़ी खबरें

मई में 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा भारत का क्रूड आयात, रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

1 week ago

रिलायंस फैसले की खामोश विरासत: क्या सेबी के लिए अब धोखाधड़ी साबित करना होगा और मुश्किल?

रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा कि किसी नियम का उल्लंघन करना और धोखाधड़ी करना एक ही बात नहीं है. लेकिन सबसे गंभीर मामलों में सबूत के स्तर को ऊंचा उठाते हुए अदालत एक ऐसे सवाल को अनुत्तरित छोड़ गई, जिसका जवाब उसने नहीं दिया: ऐसे बाजार में, जहां गलत काम गुमनाम, इलेक्ट्रॉनिक और बिना किसी स्पष्ट पीड़ित के होता है, एक नागरिक नियामक धोखाधड़ी को साबित कैसे करे?

1 week ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 99% बातचीत पूरी; जल्द हो सकता है अंतरिम समझौता: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.

1 week ago

सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा दांव, 2035 तक 150 अरब डॉलर की वैल्यू चेन खड़ी करेगा भारत

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक दशक में 135-180 अरब डॉलर के निवेश और मजबूत सरकारी समर्थन के दम पर देश न केवल अपनी चिप जरूरतों को पूरा कर सकता है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी अहम भूमिका निभा सकता है.

1 week ago

स्पाइसजेट पर GST विभाग का शिकंजा, रद्द हो सकता है पंजीकरण; 124 करोड़ रुपये की टैक्स मांग

जीएसटी विभाग ने CGST/SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का प्रोविजनल असेसमेंट किया है. इस आकलन के आधार पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की कर मांग निर्धारित की गई है.

1 week ago