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भारत में बनेगा हाई-टेक ड्रोन हब: Paras Defence ने HevenDrones के साथ किया JV, जानें पूरी डिटेल
यह संयुक्त उद्यम भारत के रक्षा और आंतरिक सुरक्षा क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा, जबकि घरेलू आधार मजबूत होने के बाद अंतरराष्ट्रीय निर्यात की संभावनाएं तलाशी जाएंगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत की अग्रणी रक्षा इंजीनियरिंग कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (Paras Defence) ने हेवनड्रोन्स (HevenDrones) इजराइल के साथ एक रणनीतिक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) की घोषणा की है. हेवनड्रोन्स, अमेरिका-आधारित वैश्विक ड्रोन इनोवेटर Heven की एक स्वतंत्र सब्सिडियरी है, जो ऑटोनोमस, हाइड्रोजन-चालित और मिशन-विशेष ड्रोन विकसित करने के लिए जानी जाती है.
भारत में बनेगा नया ड्रोन निर्माण हब
इस संयुक्त उद्यम के तहत भारत में एक नई इकाई की स्थापना की जाएगी, जो भारत की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए अगली पीढ़ी के ड्रोन सिस्टम डिज़ाइन, निर्माण और आपूर्ति करेगी. भविष्य में इस JV का लक्ष्य वैश्विक बाजारों को भी कवर करना है.
यह साझेदारी पारस डिफेंस की उन्नत इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमताओं को हेवनड्रोन्स की अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक के साथ जोड़ती है. यह JV भारत में पहली बार हाइड्रोजन-चालित ड्रोन तकनीक लाने वाला एकमात्र मंच होगा.
भारतीय जरूरतों के अनुसार तैयार होंगे हाई-एंड ड्रोन
यह ड्रोन सिस्टम पूरी तरह से भारत में डिज़ाइन, निर्मित और तैनात किए जाएंगे. इनका उपयोग विशेष रूप से दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, सामरिक निगरानी, रक्षा आपूर्ति श्रृंखला और ऊंचाई वाले अभियानों में किया जाएगा.
“Made in India” ड्रोन अब वैश्विक मानकों पर तैयार
पारस डिफेंस के मैनेजिंग डायरेक्टर मुंजाल शरद शाह ने कहा, “भारत बड़े पैमाने पर ड्रोन तैनाती के लिए एक प्राथमिकता वाला बाजार है. हेवनड्रोन्स की युद्ध-प्रमाणित तकनीक के साथ, हम भारत और वैश्विक बाजारों के लिए विश्वस्तरीय ‘मेक इन इंडिया’ ड्रोन सिस्टम प्रदान करने में सक्षम होंगे.”
दोनों कंपनियां इस साझेदारी में अहम योगदान देंगी. हेवनड्रोन्स जहां तकनीकी ज्ञान, प्रोडक्शन मैनुअल और प्रोटोटाइप मुहैया कराएगी, वहीं पारस डिफेंस विनिर्माण, बिक्री, स्थानीय अनुपालन और संचालन का जिम्मा संभालेगी.
प्रशिक्षण और प्रबंधन संरचना भी होगी साझा
संयुक्त उद्यम के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे. कंपनी का संचालन एक संयुक्त बोर्ड द्वारा किया जाएगा, जिसमें दोनों कंपनियों के एक-एक प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह बोर्ड मिलकर CEO, CFO और COO की नियुक्ति करेगा. हेवनड्रोन्स के CEO बेंतज़ियन लेविंसन ने इस साझेदारी को "वैश्विक सहयोग की दिशा में एक बड़ा कदम" बताया. उन्होंने कहा, “पारस डिफेंस की अभूतपूर्व इंजीनियरिंग और भारत के रक्षा क्षेत्र की गहरी समझ के साथ, हम आत्मनिर्भर भारत मिशन को मजबूत करने और वैश्विक ड्रोन समाधान के लिए एक नया बेंचमार्क तय कर रहे हैं.”
डिफेंस और होमलैंड सेक्योरिटी प्राथमिकता
JV के तहत विशेष रूप से सैन्य उपयोग जैसे कि फ्रंटलाइन लॉजिस्टिक्स, बॉर्डर ऑपरेशन, शहरी सुरक्षा और सामरिक निगरानी के लिए ड्रोन बनाए जाएंगे. इन ड्रोन में हेवनड्रोन्स की मूल तकनीक और पारस की भारत में निर्मित प्रणालियों का मेल होगा, जिससे रक्षा खरीद नियमों और आयात प्रतिबंधों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा.
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