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दिसंबर 2025 में 1.74 ट्रिलियन पर पहुंचा GST कलेक्शन, देश के खजाने में बढ़त
GST कलेक्शन में दिसंबर 2025 की बढ़त सरकार की कर सुधार नीतियों और मजबूत टैक्स अनुपालन का परिणाम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
भारत में दिसंबर 2025 में ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन पिछले साल की तुलना में 6.1% बढ़कर 1.74 ट्रिलियन रुपये हो गया. यह आंकड़ा गुरुवार को जारी सरकारी डेटा में सामने आया. नवंबर 2025 में भी GST कलेक्शन में बढ़ोतरी देखी गई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि टैक्स सुधार और रेट कट के बावजूद राजस्व संग्रह मजबूत बना हुआ है.
घरेलू और इम्पोर्टेड रेवेन्यू में बढ़त
दिसंबर 2024 में ग्रॉस GST रेवेन्यू 1.64 लाख करोड़ रुपये था. दिसंबर 2025 में घरेलू लेन-देन से रेवेन्यू 1.2% बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि इम्पोर्टेड सामान से रेवेन्यू 19.7% बढ़कर 51,977 करोड़ रुपये तक पहुंचा. यह वृद्धि विदेशी सामान की बढ़ी बिक्री और आयात में तेजी के चलते हुई.
रिफंड और नेट GST रेवेन्यू का हाल
दिसंबर 2025 में GST रिफंड 31% बढ़कर 28,980 करोड़ रुपये हो गया. रिफंड को एडजस्ट करने के बाद नेट GST रेवेन्यू 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 2.2% ज्यादा है. पिछले महीने सेस कलेक्शन घटकर 4,238 करोड़ रुपये रहा, जबकि दिसंबर 2024 में यह 12,003 करोड़ रुपये था.
GST दरों में कटौती का असर
22 सितंबर 2025 से लगभग 375 वस्तुओं पर GST दरें कम कर दी गईं, जिससे सामान सस्ता हुआ. इसके साथ ही अब कम्पन्सेशन सेस सिर्फ़ तंबाकू और संबंधित उत्पादों पर लागू होता है, जबकि पहले यह लग्ज़री, सिन और डिमेरिट गुड्स पर लगाया जाता था. GST दरों में यह कमी रेवेन्यू कलेक्शन पर थोड़ा दबाव डाल रही थी, लेकिन कुल मिलाकर कलेक्शन में मजबूती देखी गई.
नवंबर 2025 में भी बढ़त जारी
देश में नवंबर 2025 में ग्रॉस GST कलेक्शन 0.7% बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि नवंबर 2024 में यह 1.69 लाख करोड़ रुपये था. इस महीने के आंकड़ों ने भी सरकार के GST सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को दिखाया.
राज्यों का राजस्व भी बढ़ा
नवंबर 2025 में बड़े राज्यों का भी GST कलेक्शन बढ़ा. हरियाणा का कलेक्शन 17%, केरल 8%, असम 18% बढ़ा. इसके अलावा गुजरात और तमिलनाडु का कलेक्शन क्रमशः 1% और 2% बढ़ा, जबकि राजस्थान में 6% की बढ़त देखी गई. यह संकेत देता है कि राज्यों के राजस्व में भी सुधार हुआ है और GST सुधार का फायदा देशभर में महसूस किया जा रहा है.
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