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Greenko ने फॉरेक्स रिस्क घटाने के लिए NaBFID से जुटाए ₹4,800 करोड़, डॉलर बॉन्ड चुकाने में होगा इस्तेमाल
NaBFID से मिली ₹4,800 करोड़ की यह फंडिंग ग्रीनको के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है. इससे न सिर्फ कंपनी का फॉरेक्स रिस्क कम होगा, बल्कि कर्ज की अवधि लंबी होने से फाइनेंशियल दबाव भी घटेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी ग्रीनको एनर्जी होल्डिंग्स ने नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट (NaBFID) से ₹4,800 करोड़ की लंबी अवधि की फंडिंग जुटाई है. इस रकम का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज को रीफाइनेंस करने और अपने रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को मजबूती देने के लिए किया जाएगा.
38 प्रोजेक्ट कंपनियों को मिला प्रोजेक्ट लोन
यह फंडिंग ग्रुप की 38 स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) कंपनियों को प्रोजेक्ट लोन के तौर पर दी गई है. ये सभी मिलकर सोलर, विंड और हाइड्रो एसेट्स के जरिए करीब 1 गीगावॉट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का संचालन करती हैं. इन प्रोजेक्ट्स के लिए राज्य बिजली वितरण कंपनियों और कमर्शियल व इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं के साथ लंबी अवधि के पावर परचेज एग्रीमेंट पहले से मौजूद हैं.
डॉलर बॉन्ड चुकाने में होगा बड़े हिस्से का इस्तेमाल
इस फंडिंग का एक बड़ा हिस्सा 2021 में ग्रीनको की ऑफशोर यूनिट द्वारा जारी किए गए US डॉलर बॉन्ड को चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा, जिनकी मैच्योरिटी इस साल के अंत में है. विदेशी मुद्रा वाले कर्ज की जगह रुपये में फंडिंग लेकर कंपनी एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करना चाहती है.
25 साल से ज्यादा की अवधि का लोन
डील से जुड़े लोगों के मुताबिक, NaBFID का यह लोन 25 साल से ज्यादा की अवधि के लिए दिया गया है. बॉन्ड के ज्यादातर भुगतान इसी लोन से किए जाएंगे, जबकि बची हुई रकम कंपनी अपने इंटरनल कैश फ्लो से चुकाएगी. इस लोन पर ब्याज दर करीब 8 से 8.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है.
देशभर में 11 GW से ज्यादा की क्षमता
ग्रीनको इस समय भारत में करीब 11 गीगावॉट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का संचालन कर रही है. इसके साथ ही कंपनी कई राज्यों में बड़े पैमाने पर इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स भी विकसित कर रही है. हाल ही में फिच रेटिंग्स ने कुछ हाइड्रो एसेट्स की बहाली और पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग में देरी का हवाला देते हुए कंपनी की विदेशी मुद्रा क्रेडिट रेटिंग को डाउनग्रेड किया था.
बैलेंस शीट मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
कंपनी के सीनियर अधिकारियों का मानना है कि NaBFID से मिली यह फंडिंग बैलेंस शीट को स्थिर करने, रीफाइनेंसिंग रिस्क घटाने और फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने में मदद करेगी. इससे ग्रीनको को भारत में अपने रिन्यूएबल एनर्जी और स्टोरेज बिजनेस को तेजी से विस्तार देने में सहारा मिलेगा.
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