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UPI सर्विस बार-बार बंद होने के बाद एक्शन में सरकार, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

यह बैठक हाल ही में हुई तीन बड़ी आउटेज घटनाओं के बाद बुलाई गई थी, जिसमें देशभर के यूजर्स को लेन-देन में दिक्कत का सामना करना पड़ा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

हाल के दिनों में UPI के माध्यम से भुगतान में लगातार आ रही दिक्कतों को गंभीरता से लेते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य UPI के बुनियादी ढांचे में तत्काल सुधार लाना और भविष्य में इस तरह की बाधाओं को रोकना है. यह बैठक हाल ही में हुई तीन बड़ी आउटेज घटनाओं के बाद बुलाई गई थी, जिसमें देशभर के यूजर्स को लेन-देन में दिक्कत का सामना करना पड़ा. अप्रैल 12 को तीसरी बार यूपीआई सेवा में बाधा आई थी, इससे पहले मार्च 26 और अप्रैल 2 को भी इसी तरह की समस्याएं देखी गई थीं.

मीटिंग में रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस अहम बैठक में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी जैसे वित्त सचिव अजय सेठ, वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू और एनपीसीआई (NPCI) के एमडी और सीईओ दिलीप असबे भी शामिल हुए. वित्त मंत्री ने अधिकारियों को यूपीआई प्लेटफॉर्म पर और अधिक यूजर्स और व्यापारियों को जोड़ने की दिशा में तेजी से काम करने के लिए प्रेरित किया, ताकि यूपीआई की पहुंच और प्रभाव को और बढ़ाया जा सके.

खामियों को दूर करने को कहा

वित्त मंत्री ने उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने और साइबर सुरक्षा आर्किटेक्चर में सुधार के लिए हितधारकों से साथ मिलकर ढांचागत खामियों को दूर करने की अपील की. उन्होंने एनपीसीआई अधिकारियों को यूपीआई तंत्र की मजबूती बढ़ाने और भविष्य में बाधाओं को रोकने के उपाय करने के निर्देश दिए. मंत्रालय के अनुसार, यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती, विस्तार और रियल-टाइम निगरानी में सुधार पर चर्चा हुई, ताकि निर्बाध सेवा प्रदान कर उपयोगकर्ता का विश्वास मजबूत किया जा सके. देश में यूपीआई का चलन बढ़ रहा है. वित्त वर्ष 2019-20 से 2024-25 तक पांच साल में इसकी औसत वार्षिक विकास दर 72 प्रतिशत रही.

45 करोड़ लोग करते हैं यूपीआई का इस्तेमाल

एनपीसीआई अधिकारियों ने वित्त मंत्री को बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच 26 करोड़ नए उपयोगकर्ता बने और 5.5 करोड़ नए मर्चेंट यूपीआई प्लेटफार्मों से जुड़े. वर्तमान में लगभग 45 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं. गत 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2024-25 में यूपीआई ट्रांजेक्शन का मूल्य 30 प्रतिशत बढ़कर 261 लाख करोड़ रुपए पर और ट्रांजेक्शनों की संख्या 42 प्रतिशत बढ़कर 18,586 करोड़ पर पहुंच गई.

अधिकारियों को बताया विजन

वित्त मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे अगले दो-तीन साल में प्रतिदिन एक बिलियन ट्रांजेक्शन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम करें. साथ ही, उन्होंने इंटऑपरेबल फ्रेमवर्क का विकास और वैश्विक भुगतान स्वीकार्यता बढ़ाकर यूपीआई के अंतर्राष्ट्रीयकरण में गति लाने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि यूपीआई की पहुंच और प्रभाव बढ़ाने के लिए वे यूपीआई प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं और मर्चेंट की संख्या बढ़ाने का प्रयास करें.
 


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