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Goodluck India को मिला बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर, डिफेंस बिजनेस बनेगा ग्रोथ इंजन

Goodluck India के डिफेंस बिजनेस में नया निर्यात ऑर्डर और बुलेट शेल प्रोजेक्ट कंपनी के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

स्टील प्रोडक्ट्स बनाने वाली Goodluck India Ltd की सहायक कंपनी Goodluck Defence and Aerospace Limited को 6 मिलियन डॉलर (लगभग 53.23 करोड़ रुपये) का नया निर्यात ऑर्डर मिला है. यह ऑर्डर 155mm M107 रेडी-टू-फिल शेल्स की सप्लाई के लिए है. निवेशकों की नजर अब कंपनी के शेयरों और डिफेंस बिजनेस की संभावनाओं पर टिकी है. 

शेयर बाजार में प्रदर्शन
गुरुवार यानी 20 नवंबर को Goodluck India का शेयर BSE पर 1.32% गिरकर ₹1,169.90 पर बंद हुआ. पिछले एक साल में स्टॉक ने 21.52% का रिटर्न दिया है, जिससे निवेशकों में उत्साह बना हुआ है.

निर्यात ऑर्डर का विवरण

कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया, "Goodluck Defence and Aerospace Limited को 155mm M107 रेडी-टू-फिल शेल्स की सप्लाई के लिए 6 मिलियन डॉलर का निर्यात ऑर्डर मिला है." यह ऑर्डर कंपनी के डिफेंस बिजनेस के लिए महत्वपूर्ण बढ़त साबित हो सकता है.

रेवेन्यू गाइडेंस में बदलाव

इस साल सितंबर में Goodluck India ने FY26 के लिए अपनी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस घटाकर लगभग 12% कर दी थी, जबकि पहले यह लक्ष्य 20% था. कंपनी ने बताया कि यह कटौती ग्लोबल अनिश्चितताओं और टैरिफ चुनौतियों के कारण की गई है. इसके बावजूद मार्जिन में सुधार की संभावना बनी हुई है. CMD एमसी गर्ग के मुताबिक, "हम अमेरिका से टैरिफ की चुनौतियों के बावजूद कुल रेवेन्यू में लगभग 8% योगदान की उम्मीद कर रहे हैं. निच कैटेगरी वाले एक्सपोर्ट प्रोडक्ट्स हमें बड़े टैरिफ प्रभावों से बचाएंगे."

डिफेंस बिजनेस का ग्रोथ इंजन बनना

Goodluck India के रेवेन्यू में फिलहाल डिफेंस का योगदान सिर्फ 2% है, लेकिन FY26 में यह 5-6% तक पहुंचने की उम्मीद है. यह बढ़त खास तौर पर कंपनी के बुलेट शेल प्रोजेक्ट से मिलने की संभावना है. गर्ग ने कहा, "पूरा प्लान तैयार है, बस इंडस्ट्रियल लाइसेंस का इंतजार है. यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए गेम चेंजर साबित होगा." चालू होने पर यह प्रोजेक्ट हर साल ₹300-350 करोड़ की आय ला सकता है, जिसे तीन साल में ₹700 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है.

कंपनी का बैकग्राउंड और मौजूदगी

1986 में स्थापित Goodluck India ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, हाई-एंड फोर्जिंग्स, हाई-स्पीड रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए हेवी फैब्रिकेशन और ऑटो सेक्टर के लिए प्रिसिजन ट्यूबिंग में मजबूत मौजूदगी बनाई है. कंपनी की कमान पहले-पीढ़ी के टेक्नोप्रेन्योर महेश चंद्र गर्ग के हाथों में है.

 


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