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कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स के अधिग्रहण की तैयारी में गौतम अडानी, CCI से मांगी मंजूरी
अगर यह सौदा पूरा होता है, तो अडानी ग्रुप को न केवल विशाल सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार मिलेगा, बल्कि प्रमुख रियल एस्टेट संपत्तियां और होटल भी उसके पोर्टफोलियो में शामिल होंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
देश के प्रमुख उद्योगपति गौतम अडानी एक और बड़ी डील की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. अडानी ग्रुप (Adani Group) अब कर्ज में डूबी दिग्गज इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) को खरीदने की तैयारी में है. इस सौदे के लिए अडानी समूह ने बिना शर्त बोली लगाई है और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से इसकी मंजूरी मांगी है.
57,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज
जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड पर कुल 57,185 करोड़ रुपये का भारी कर्ज है. जून 2024 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), इलाहाबाद की अनुमति के बाद कंपनी को दिवाला प्रक्रिया (CIRP) में शामिल किया गया था. कंपनी कर्ज चुकाने में असमर्थ रही है, और इस वजह से यह बिक्री प्रक्रिया शुरू हुई. बता दें, जयप्रकाश एसोसिएट्स का सबसे बड़ा कर्जदाता नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) है, जिसने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले कर्जदाताओं के समूह से इसका कर्ज खरीदा है.
अडानी ग्रुप की बोली ने मचाई हलचल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जयप्रकाश एसोसिएट्स को खरीदने में कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है, लेकिन अडानी ग्रुप की बिना शर्त बोली सबसे चर्चित रही है. यह बोली अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अडानी इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दी गई है. जरूरत पड़ने पर अडानी समूह की अन्य कंपनियां भी इस सौदे में शामिल हो सकती हैं.
सीमेंट से लेकर बिजली, रियल एस्टेट और होटल तक फैला कारोबार
जयप्रकाश एसोसिएट्स एक बहु-क्षेत्रीय कंपनी है, जिसका कारोबार इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, सीमेंट, पावर, रियल एस्टेट और होटल जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है. इसके प्रमुख प्रोजेक्ट्स में ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स, नोएडा की विशटाउन टाउनशिप, और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी शामिल हैं. इसके अलावा, दिल्ली-NCR, मसूरी और आगरा में इसके पांच होटल और तीन प्रमुख ऑफिस स्पेस भी हैं.
रेस में कौन-कौन?
अडानी ग्रुप के अलावा, डालमिया भारत सीमेंट, वेदांता ग्रुप, जिंदल पावर, और PNC इन्फ्राटेक जैसी कंपनियां भी JAL को खरीदने की रेस में हैं. डालमिया सीमेंट ने भी पिछले महीने CCI से मंजूरी मांगी थी ताकि वह कंपनी की पूर्ण हिस्सेदारी खरीद सके, जिसमें JAL की संपत्तियां और उसकी सहयोगी कंपनियों में हिस्सेदारी भी शामिल है.
अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी इन्फ्रास्ट्रक्चर और जयप्रकाश एसोसिएट्स ने CCI को आश्वस्त किया है कि इस अधिग्रहण से बाजार में प्रतिस्पर्धा पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. अब देखना होगा कि CCI की मंजूरी मिलने के बाद यह डील किस दिशा में जाती है.
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