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टाटा के नेतृत्व परिवर्तन से लेकर फिनटेक के नए दौर तक, BW Businessworld के नए अंक में कारोबार की बड़ी तस्वीर

BW Businessworld के नवीनतम अंक में रतन टाटा के बाद नेतृत्व बदलाव, एन. चंद्रशेखरन के कार्यकाल का आकलन और फिनटेक के इंफ्रास्ट्रक्चर बनने पर खास फोकस

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

BW Businessworld के नवीनतम अंक में भारतीय कारोबार की दो बड़ी संस्थागत बदलावों पर विस्तार से चर्चा की गई है. एक ओर अंक में टाटा समूह में रतन टाटा के बाद नेतृत्व परिवर्तन और अगले Tata Sons चेयरमैन के सामने मौजूद चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है, वहीं दूसरी ओर फिनटेक के उपभोक्ता-केंद्रित सेक्टर से आगे बढ़कर आधुनिक वित्तीय व्यवस्था के बुनियादी ढांचे में बदलने पर व्यापक स्पेशल पैकेज पेश किया गया है.

इस अंक की कवर स्टोरी ‘Back To Tata’ है, जिसमें टाटा समूह के अगले चरण, टाटा ट्रस्ट्स की भूमिका और प्रोफेशनल मैनेजमेंट के सामने आने वाले नए दायित्वों का विश्लेषण किया गया है. इसके साथ ही ‘Festival of Fintech 2026’ पर आधारित फिनटेक स्पेशल में AI, पेमेंट्स, लेंडिंग, वेल्थटेक, इंश्योरटेक और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को जगह दी गई है.

अगले चेयरमैन से आगे टाटा समूह की दिशा पर नजर

‘Back To Tata’ कवर स्टोरी केवल अगले Tata Sons चेयरमैन के संभावित नामों तक सीमित नहीं है. इसमें इससे बड़ा सवाल उठाया गया है कि भारत के सबसे प्रभावशाली कारोबारी समूहों में से एक टाटा ग्रुप का अगला स्वरूप कैसा होगा और उसके अगले प्रोफेशनल लीडर के सामने क्या प्राथमिकताएं होंगी.

स्टोरी में कहा गया है कि टाटा समूह में परिवार के हाथों में प्रत्यक्ष प्रबंधन की वापसी की बात नहीं हो रही है. इसके बजाय Noel Tata के नेतृत्व में Tata Trusts एक बार फिर उस संस्थागत केंद्र के रूप में उभर रहे हैं, जो मालिकों के दीर्घकालिक उद्देश्य, जोखिम लेने की क्षमता और प्रोफेशनल मैनेजमेंट से अपेक्षाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

कवर पैकेज में एन. चंद्रशेखरन के कार्यकाल का डेटा आधारित आकलन भी किया गया है. FY20 से FY26 के बीच Tata Group का रेवेन्यू 2.1 गुना बढ़ा, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा 5.4 गुना बढ़ा. इसी अवधि में समूह की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.6 गुना बढ़ गया.

नए कारोबारों में बड़ा निवेश, लेकिन घाटा भी बढ़ा

BW Businessworld की रिपोर्ट के मुताबिक Tata Electronics, Air India, Tata Digital और Agratas ने FY26 में संयुक्त रूप से करीब 2.39 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया. हालांकि, इन चारों नए कारोबारों का संयुक्त घाटा 29,924 करोड़ रुपये रहा.

इसके विपरीत, Tata Sons ने इस नेतृत्व परिवर्तन के दौर में 31,961 करोड़ रुपये का टैक्स के बाद मुनाफा दर्ज किया. कंपनी के पास 21,841 करोड़ रुपये का नेट कैश था और उस पर कोई उधारी नहीं थी.

ऐसे में समूह के सामने सबसे बड़ी चुनौती वित्तीय क्षमता की नहीं, बल्कि पूंजी के सही आवंटन, कारोबारों के प्रभावी क्रियान्वयन और संस्थागत तालमेल की है.

BW Businessworld के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ तथा exchange4media Group के संस्थापक डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि टाटा समूह भारत के सबसे बड़े कारोबारी संस्थानों में से एक होने के साथ-साथ एंटरप्राइज, प्रोफेशनल मैनेजमेंट, ओनरशिप स्टूवर्डशिप और सार्वजनिक उद्देश्य के बीच एक अलग तरह का संतुलन भी दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि इस बदलाव को केवल अगले चेयरमैन की पहचान तक सीमित नहीं किया जा सकता. ‘Back To Tata’ के जरिए यह समझने की कोशिश की गई है कि Noel Tata की संस्थागत भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है, एन. चंद्रशेखरन अपने पीछे किस स्तर का समूह छोड़कर जा रहे हैं और अगले प्रोफेशनल लीडर के सामने क्या जिम्मेदारियां होंगी.

कवर स्टोरी के साथ डॉ. अनुराग बत्रा के कॉलम भी प्रकाशित किए गए हैं, जिनमें Noel Tata के ऑपरेटर, बिल्डर और टाटा की विचारधारा के संरक्षक के रूप में रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया है.

फिनटेक अब सिर्फ सेवा नहीं, वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर

अंक का दूसरा प्रमुख पैकेज ‘The Infrastructuralisation Of Finance’ है. इसमें बताया गया है कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर किस तरह वित्तीय सेवाओं को व्यक्तिगत लेनदेन के स्तर से आगे ले जाकर डिजिटल अर्थव्यवस्था की बुनियादी संरचना में बदल रहा है.

यूपीआई (UPI), आधार (Aadhaar), अकाउंट एग्रीगेटर्स (Account Aggregators), ओएनडीसी (ONDC) और ओपन क्रेडिट एनेबलमेंट नेटवर्क (Open Credit Enablement Network) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म इस बदलाव के प्रमुख आधार बन रहे हैं. इनके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता इस्तेमाल पेमेंट्स, क्रेडिट, इंश्योरेंस और निवेश जैसी सेवाओं को उन डिजिटल प्लेटफॉर्म और ग्राहक अनुभवों में शामिल कर रहा है, जिनका इस्तेमाल लोग और कंपनियां पहले से कर रही हैं.

इसका मतलब है कि वित्तीय सेवाएं धीरे-धीरे अधिक ‘इनविजिबल’ और रोजमर्रा की गतिविधियों में एकीकृत होती जा रही हैं. ट्रैवल बुकिंग, ई-कॉमर्स खरीदारी, सप्लाई चेन प्लेटफॉर्म, गिग वर्क और एंटरप्राइज सिस्टम इसका उदाहरण हैं.

MSME और नए कर्जदारों के लिए खुल रहे नए अवसर

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सहमति आधारित कैश-फ्लो डेटा पारंपरिक कोलेटरल और क्रेडिट हिस्ट्री का विकल्प या पूरक बन रहा है. इससे MSMEs, पहली बार कर्ज लेने वाले लोगों और अब तक वित्तीय सेवाओं से कम जुड़े उपभोक्ताओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं.

इस पैकेज में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर, Multi Commodity Exchange of India की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ प्रवीणा राय समेत पेमेंट्स, एम्बेडेड फाइनेंस, पब्लिक डिजिटल सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कई विशेषज्ञों और उद्योग नेताओं के विचार शामिल हैं.

‘India’s Fintech Architects’ को सम्मान

फिनटेक स्पेशल में ‘India’s Fintech Architects’ भी शामिल है, जिसमें BW Businessworld के Festival of Fintech 2026 में सम्मानित संगठनों और नेताओं को जगह दी गई है. इन पुरस्कारों में लेंडिंग प्लेटफॉर्म, पेमेंट सॉल्यूशंस, वित्तीय समावेशन, कस्टमर एक्सपीरियंस, फिनटेक प्रोडक्ट्स, वेल्थटेक, इंश्योरटेक, फिनटेक में AI के इस्तेमाल, स्टार्टअप्स और नई तकनीकी पहलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता दी गई.

प्रतिभागियों का मूल्यांकन इनोवेशन, कारोबारी प्रभाव, स्केलेबिलिटी, ग्राहक मूल्य, गवर्नेंस, तकनीकी उत्कृष्टता, बाजार में अलग पहचान और व्यापक वित्तीय इकोसिस्टम में योगदान जैसे मानकों पर किया गया.

BW Businessworld की ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर Noor Fathima Warsia ने कहा कि टाटा और फिनटेक दोनों ही महत्वपूर्ण संस्थागत बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं. जहां टाटा अपने अगले चरण के लिए ओनरशिप, उद्देश्य और प्रोफेशनल मैनेजमेंट के बीच संतुलन तय कर रहा है, वहीं फिनटेक डिसरप्शन से आगे बढ़कर इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थान निर्माण की दिशा में जा रहा है.

BW Businessworld का यह नया अंक डिजिटल और प्रिंट, दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध है. इसमें टाटा समूह के नेतृत्व परिवर्तन से लेकर भारत के तेजी से बदलते फिनटेक इकोसिस्टम तक कारोबार जगत के अहम बदलावों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है.

BW Businessworld के बारे में

45 साल की विरासत वाला BW Businessworld भारत के तेजी से बढ़ते 360-डिग्री बिजनेस मीडिया हाउस में से एक है. इसका नेटवर्क 23 विशेष कारोबारी समुदायों और 10 मैगजीन तक फैला हुआ है. समूह विभिन्न घरेलू और वैश्विक क्षेत्रों में कॉन्फ्रेंस और फोरम आयोजित करता है, जहां अलग-अलग सेक्टर के कारोबारी नेताओं को संवाद और सहयोग का मंच मिलता है. इसके सभी अंक डिजिटल रूप से भी कवर किए जाते हैं और प्रत्येक अंक का ई-मैगजीन संस्करण उपलब्ध है.

 


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