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विदेशी निवेशकों का बदला भरोसा! अडानी ग्रुप में ₹19,000 करोड़ की बड़ी एंट्री, रिलायंस में घटाई हिस्सेदारी

अमेरिका की दिग्गज इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी कैपिटल ग्रुप ने हाल के महीनों में अडानी ग्रुप की कंपनियों में बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ाया है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी लगातार घटाई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 hours ago

भारत के दो सबसे बड़े कारोबारी घरानों, अडानी ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच कारोबारी मुकाबला अब विदेशी निवेशकों की रणनीति में भी साफ दिखाई देने लगा है. अमेरिका की दिग्गज इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी कैपिटल ग्रुप (Capital Group) ने हाल के महीनों में अडानी ग्रुप की कंपनियों में बड़े पैमाने पर निवेश बढ़ाया है, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में अपनी हिस्सेदारी लगातार घटाई है. यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब अडानी ग्रुप के शेयरों में तेज तेजी देखने को मिली है और रिलायंस के शेयर दबाव में रहे हैं.

अडानी ग्रुप की कंपनियों में ₹19,000 करोड़ से ज्यादा का निवेश

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉस एंजिलिस स्थित कैपिटल ग्रुप ने हाल ही में अडानी ग्रुप की तीन प्रमुख कंपनियों में करीब 2 अरब डॉलर यानी लगभग 19,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है. 5 मई 2026 को कंपनी ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन में करीब 2 फीसदी हिस्सेदारी 74.86 अरब रुपये में खरीदी. यह खरीदारी खुले बाजार के जरिए की गई. इसके अलावा कैपिटल ग्रुप ने अडानी पावर और अडानी ग्रीन एनर्जी में भी 1.5 फीसदी से 2 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदी है.

3.3 ट्रिलियन डॉलर एसेट्स मैनेज करती है कैपिटल ग्रुप

कैपिटल ग्रुप दुनिया की सबसे बड़ी इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल है और यह वैश्विक स्तर पर 3.3 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की परिसंपत्तियों का प्रबंधन करती है. हालांकि कंपनी की ओर से इस निवेश पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है. वहीं अडानी ग्रुप की तरफ से भी इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.

रिलायंस में लगातार घट रही हिस्सेदारी

जहां अडानी ग्रुप में निवेश बढ़ा है, वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज में कैपिटल ग्रुप की हिस्सेदारी लगातार कम होती दिख रही है. मार्च 2026 के अंत तक कैपिटल ग्रुप के पास रिलायंस इंडस्ट्रीज के करीब 142 मिलियन शेयर थे. छह साल पहले यह आंकड़ा करीब 500 मिलियन शेयर था, जबकि मार्च 2017 में यह 755 मिलियन शेयर तक पहुंचा हुआ था.

यह बदलाव दिखाता है कि विदेशी निवेशकों का फोकस धीरे-धीरे नए ग्रोथ सेक्टर्स और तेज रिटर्न देने वाली कंपनियों की ओर शिफ्ट हो रहा है.

शेयरों की चाल में भी दिखा बड़ा अंतर

पिछले एक साल में अडानी ग्रुप की कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया है.

1. अडानी पावर के शेयर में करीब 94 फीसदी तेजी आई
2. अडानी ग्रीन एनर्जी में 35 फीसदी उछाल दर्ज हुआ
3. अडानी पोर्ट्स के शेयर में 25 फीसदी की बढ़त रही

वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर पिछले एक साल में करीब 8.36 फीसदी गिरा है.

बाजार में फिलहाल कैसी है शेयरों की चाल

शुक्रवार को खबर लिखे जाने तक अडानी पोर्ट्स का शेयर 0.011 प्रतिशत की तेजी के साथ 1793.50 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था. इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 1823.75 रुपये रहा है. वहीं अडानी पावर का शेयर 0.46 प्रतिशत की तेजी के साथ 220.34 रुपये और अडानी ग्रीन एनर्जी का शेयर 0.88 प्रतिशत बढ़कर 1370.20 रुपये पर ट्रेड करता दिखा.

दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर  प्रतिशत के साथ 1343.40 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था, हालांकि यह अभी भी अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर 1611.20 रुपये से नीचे है.

क्या संकेत दे रहा है विदेशी निवेशकों का रुख?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और पावर सेक्टर में अडानी ग्रुप की आक्रामक विस्तार रणनीति विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही है. दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज में हालिया समय में सीमित रिटर्न और कुछ सेक्टर्स में धीमी ग्रोथ के कारण निवेशकों का रुख थोड़ा सतर्क दिखाई दे रहा है.

विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले समय में विदेशी निवेशकों की रणनीति भारत के कॉरपोरेट सेक्टर में नई प्रतिस्पर्धा और वैल्यूएशन ट्रेंड्स को प्रभावित कर सकती है.
 


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