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LIC के तिमाही नतीजे: 23% उछला मुनाफा, निवेशकों को मिलेगा ₹10 प्रति शेयर डिविडेंड
LIC के सिंगल प्रीमियम कलेक्शन में भी मजबूत बढ़त देखने को मिली. Q4FY26 में यह 22 फीसदी बढ़कर 70,119 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 57,694 करोड़ रुपये था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 hours ago
देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 23,467 करोड़ रुपये पहुंच गया है. मजबूत प्रीमियम कलेक्शन और निवेश से बढ़ी कमाई ने कंपनी के नतीजों को मजबूती दी है. इसके साथ ही LIC ने निवेशकों के लिए 10 रुपये प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड की सिफारिश भी की है, जिससे शेयरधारकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
23 फीसदी बढ़ा कंपनी का मुनाफा
LIC का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही में 19,039 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 23,467 करोड़ रुपये हो गया है. कंपनी ने बताया कि बेहतर प्रीमियम इनकम और निवेश से हुई मजबूत आय ने मुनाफे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है.
प्रीमियम इनकम में भी शानदार बढ़ोतरी
मार्च तिमाही में कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम 12 फीसदी बढ़कर 1.65 लाख करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1.48 लाख करोड़ रुपये थी. पहले साल की प्रीमियम इनकम 17 फीसदी बढ़कर 13,009 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले साल 11,103 करोड़ रुपये थी. वहीं रिन्यूअल प्रीमियम इनकम भी बढ़कर 82,233 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 79,425 करोड़ रुपये थी.
सिंगल प्रीमियम कलेक्शन में बड़ा उछाल
LIC के सिंगल प्रीमियम कलेक्शन में भी मजबूत बढ़त देखने को मिली. Q4FY26 में यह 22 फीसदी बढ़कर 70,119 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 57,694 करोड़ रुपये था.
निवेश से कमाई में आई तेजी
निवेश से होने वाली कमाई LIC के लिए सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बनी रही. मार्च तिमाही में निवेश आय करीब 17 फीसदी बढ़कर 1.09 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 93,443 करोड़ रुपये थी.
कंपनी ने इस तिमाही में कुल 89,058 करोड़ रुपये का सरप्लस दर्ज किया. एसोसिएट्स और माइनॉरिटी इंटरेस्ट का हिस्सा घटाने के बाद सरप्लस 24,964 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल 20,271 करोड़ रुपये था.
खर्च बढ़ने के बावजूद मजबूत रही वित्तीय स्थिति
तिमाही के दौरान LIC के मैनेजमेंट खर्च बढ़कर 20,699 करोड़ रुपये हो गए, जबकि पिछले साल यह 16,526 करोड़ रुपये थे. कर्मचारियों की सैलरी और वेलफेयर खर्च भी बढ़कर 8,891 करोड़ रुपये पहुंच गया.
इसके बावजूद कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रही. 31 मार्च 2026 तक LIC का सॉल्वेंसी रेश्यो बढ़कर 2.35 हो गया, जो पिछले साल 2.11 था. यह स्तर नियामकीय जरूरतों से काफी ऊपर है.
परसिस्टेंसी रेशियो में हल्की गिरावट
कंपनी का 13वें महीने का परसिस्टेंसी रेशियो 67.77 फीसदी रहा, जो पिछले साल 68.62 फीसदी था. वहीं 61वें महीने का परसिस्टेंसी रेशियो घटकर 54.13 फीसदी पर आ गया, जो एक साल पहले 58.54 फीसदी था.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
मजबूत मुनाफा, बढ़ती प्रीमियम इनकम और डिविडेंड ऐलान से LIC ने निवेशकों को सकारात्मक संकेत दिए हैं. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और निवेश पोर्टफोलियो भविष्य में भी इसकी ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं.
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