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फिनटेक ने बदली भारत की वित्तीय व्यवस्था, बैंकिंग सेवाओं को हर नागरिक तक पहुंचाया: RBI गवर्नर
UPI, आधार आधारित भुगतान और डिजिटल लेंडिंग ने बढ़ाई वित्तीय पहुंच, MSME के लिए कर्ज की राह आसान करने में भी तकनीक की अहम भूमिका
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 hours ago
भारत के फिनटेक इकोसिस्टम ने देश की वित्तीय व्यवस्था को बड़े स्तर पर बदल दिया है. डिजिटल तकनीक की मदद से बैंकिंग और औपचारिक वित्तीय सेवाएं ग्रामीण इलाकों तक पहुंची हैं और लोगों के लिए भुगतान, बैंकिंग तथा कर्ज लेना पहले के मुकाबले आसान हुआ है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मंगलवार को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 के उद्घाटन के दौरान यह बात कही.
मल्होत्रा ने कहा कि फिनटेक कंपनियां भारत की विशाल और विविध आबादी तथा औपचारिक वित्तीय व्यवस्था के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरी हैं. इनके चलते वित्तीय सेवाओं की लागत कम हुई है, ग्राहक अनुभव बेहतर हुआ है और पूरी व्यवस्था की दक्षता बढ़ी है.
शाखा से निकलकर हर नागरिक के हाथ तक पहुंची बैंकिंग
RBI गवर्नर ने कहा कि पिछले एक दशक में फिनटेक ने भारत की वित्तीय व्यवस्था के ढांचे को बुनियादी रूप से बदल दिया है. बैंकिंग अब सिर्फ बैंक शाखाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि डिजिटल माध्यमों के जरिए सीधे नागरिकों के हाथ तक पहुंच गई है. उन्होंने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), आधार आधारित भुगतान प्रणाली और जनधन इकोसिस्टम को इस डिजिटल विस्तार की प्रमुख आधारभूत व्यवस्थाओं के रूप में रेखांकित किया. इन प्रणालियों की मदद से उन आबादी वर्गों तक भी वित्तीय सेवाएं पहुंची हैं, जो पहले औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से कम जुड़े हुए थे.
खाते खोलने से लेकर भुगतान तक, सब कुछ हुआ तेज
मल्होत्रा के मुताबिक, तकनीक ने केवल वित्तीय सेवाओं की पहुंच नहीं बढ़ाई, बल्कि इन्हें उपलब्ध कराने के तरीके को भी बदल दिया है. डिजिटल सिस्टम ने बैंक खाते खोलने और भुगतान निपटाने में लगने वाला समय कम किया है. इससे लेनदेन की लागत घटी है. साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित एनालिटिक्स की मदद से धोखाधड़ी की पहचान करने की क्षमता भी मजबूत हुई है.
उन्होंने रियल टाइम सुपरविजन में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का भी उल्लेख किया. इसके जरिए वित्तीय संस्थान और नियामक संभावित जोखिमों की पहले पहचान कर सकते हैं और तेजी से कार्रवाई कर सकते हैं.
MSME को कर्ज दिलाने में डिजिटल सिस्टम की बड़ी भूमिका
फिनटेक का प्रभाव
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण रहा है. छोटे कारोबारों के लिए औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से कर्ज हासिल करना लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है. मल्होत्रा ने कहा कि कैश फ्लो आधारित लेंडिंग, अकाउंट एग्रीगेटर और यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म छोटे कारोबारों की वित्तीय स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में ऋणदाताओं की मदद कर रहे हैं.
इन प्रणालियों के जरिए कर्ज देने वाली संस्थाएं केवल पारंपरिक संपार्श्विक पर निर्भर रहने के बजाय डिजिटल वित्तीय जानकारी के आधार पर भी उधारकर्ता की क्षमता का आकलन कर सकती हैं. इससे छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए औपचारिक कर्ज तक पहुंच बढ़ने की संभावना है.
RBI फिनटेक को मानता है महत्वपूर्ण साझेदार
RBI गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक भविष्य की वित्तीय व्यवस्था तैयार करने में फिनटेक को एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है. उन्होंने नियामकीय सैंडबॉक्स, रिजर्व बैंक इनोवेशन हब और स्टार्टअप्स, फिनटेक कंपनियों तथा अन्य हितधारकों के साथ लगातार संवाद का उल्लेख किया. उनके मुताबिक, लगातार खुले और रचनात्मक संवाद के जरिए ही बेहतर नीतियां तैयार की जा सकती हैं.
नवाचार के साथ ग्राहक सुरक्षा भी जरूरी
फिनटेक क्षेत्र के तेजी से विस्तार के बीच RBI ने उद्योग में स्व-नियमन को भी बढ़ावा दिया है. मल्होत्रा ने कहा कि तकनीकी नवाचार के साथ ग्राहक सुरक्षा, डेटा और लेनदेन की सुरक्षा तथा भरोसे से जुड़े मजबूत उपाय भी जरूरी हैं.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक का उद्देश्य ऐसा वित्तीय वातावरण तैयार करना है, जहां नवाचार को बढ़ावा मिले और इसके साथ वित्तीय व्यवस्था सुरक्षित, समावेशी, निष्पक्ष और कुशल भी बनी रहे.
डिजिटल ढांचा बना वित्तीय व्यवस्था का अहम हिस्सा
RBI गवर्नर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब भारत की वित्तीय व्यवस्था में डिजिटल ढांचे की भूमिका लगातार बढ़ रही है. डिजिटल प्लेटफॉर्म ने लोगों और कारोबारों के भुगतान करने, कर्ज लेने तथा बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल करने के तरीके को तेजी से बदल दिया है.
फिनटेक के विस्तार के साथ भारत में वित्तीय सेवाओं का दायरा अब पारंपरिक बैंक शाखाओं से आगे बढ़कर मोबाइल, डिजिटल पहचान और आंकड़ों पर आधारित प्रणालियों तक पहुंच गया है. इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलने के साथ छोटे कारोबारों के लिए औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से कर्ज हासिल करना भी आसान होने की उम्मीद है.
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