होम / बिजनेस / Cochin Shipyard-DP World की 50:50 साझेदारी, ₹1,800 करोड़ की ISRF का होगा विस्तार
Cochin Shipyard-DP World की 50:50 साझेदारी, ₹1,800 करोड़ की ISRF का होगा विस्तार
कोच्चि की इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी को संयुक्त उद्यम में ट्रांसफर करेगा कोचीन शिपयार्ड, सुविधा के विस्तार से वर्कस्टेशन की संख्या 6 से बढ़कर 10 होगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
कोचीन शिपयार्ड ने विलिंगडन आइलैंड, कोच्चि स्थित अपनी इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (ISRF) के संचालन और प्रबंधन के लिए DP World की कंपनी Drydocks World–Dubai FZCO के साथ 50:50 संयुक्त उद्यम (JV) बनाने को मंजूरी दी है.
प्रस्तावित सौदे के तहत कोचीन शिपयार्ड ISRF को कम से कम ₹1,800 करोड़ के मूल्यांकन पर स्लंप-सेल आधार पर नए संयुक्त उद्यम को ट्रांसफर करेगा. इस राशि का आधा भुगतान नकद में किया जाएगा, जबकि बाकी आधी राशि JV के शेयरों के रूप में प्राप्त होगी. ₹1,800 करोड़ का यह मूल्यांकन कोचीन शिपयार्ड के लिए महत्वपूर्ण है. यह 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेटवर्थ के करीब 30.55 फीसदी के बराबर है.
DP World की कंपनी की संचालन में बड़ी भूमिका
संयुक्त उद्यम में कोचीन शिपयार्ड और Drydocks World की 50-50 हिस्सेदारी होगी. हालांकि, Drydocks World को JV के पांच निदेशकों में से तीन नामित करने का अधिकार होगा, जबकि कोचीन शिपयार्ड दो निदेशक नामित करेगा.
इसके अलावा, Drydocks World को वरिष्ठ प्रबंधन में CEO, CFO और COO समेत प्रमुख पदों पर अधिकारियों को नामित करने का अधिकार होगा. इससे सुविधा के संचालन और प्रबंधन में DP World की कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी.
JV विलिंगडन आइलैंड स्थित ISRF का स्वामित्व, संचालन और प्रबंधन करेगा. यहां 130 मीटर तक लंबे और 6,000 टन तक वजन वाले वाणिज्यिक और नौसैनिक जहाजों की ड्राई-डॉकिंग, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल का काम किया जा सकेगा. साझेदार सुविधा का विस्तार करने की भी योजना बना रहे हैं. इसके तहत चार नए वर्कस्टेशन जोड़े जाएंगे, जिससे कुल संख्या छह से बढ़कर 10 हो जाएगी.
₹970 करोड़ में बनी सुविधा ने FY26 में कमाए ₹207 करोड़
करीब 30 हेक्टेयर में फैली ISRF विलिंगडन आइलैंड पर स्थित है. यह सुविधा कोचीन पोर्ट अथॉरिटी से 60 साल की लीज पर मिली जमीन और जल क्षेत्र में विकसित की गई है.
इस सुविधा के निर्माण पर करीब ₹970 करोड़ खर्च हुए हैं. इसमें 6,000 टन क्षमता वाली शिप लिफ्ट और ट्रांसफर प्रणाली, छह वर्कस्टेशन और करीब 1,400 मीटर की बर्थिंग क्षमता शामिल है. यह सुविधा एक साथ छह जहाजों को संभाल सकती है और इसकी सालाना क्षमता 82 जहाजों तक है.
ISRF का उद्घाटन जनवरी 2024 में हुआ था और उसी साल अगस्त में इसने व्यावसायिक संचालन शुरू किया. वित्त वर्ष 2025-26 में इस सुविधा ने ₹207.33 करोड़ का राजस्व हासिल किया, जो कोचीन शिपयार्ड के ऑपरेशंस से प्राप्त कुल राजस्व का करीब 4.81 फीसदी था.
भारत की शिप रिपेयर क्षमता बढ़ाने पर जोर
इस साझेदारी से Drydocks World का जहाज मरम्मत और समुद्री परिचालन का अनुभव कोचीन शिपयार्ड की मौजूदा भारतीय सुविधा के साथ जुड़ेगा. इससे कंपनी को वाणिज्यिक और नौसैनिक जहाजों की मरम्मत क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है. Drydocks World जहाज मरम्मत, जहाजों के रूपांतरण और ऑफशोर एनर्जी सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है. दुबई स्थित इसकी सुविधा मध्य पूर्व की सबसे बड़ी शिप रिपेयर फैसिलिटी है.
प्रस्तावित लेनदेन के लिए कोचीन पोर्ट अथॉरिटी, बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) और कोचीन शिपयार्ड के शेयरधारकों समेत संबंधित मंजूरियां जरूरी होंगी.
संयुक्त उद्यम समझौते पर 11 सितंबर को हस्ताक्षर किए जाने का प्रस्ताव है. इसके बाद JV के गठन और नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद अन्य अंतिम समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. कंपनी के मुताबिक, यह लेनदेन मौजूदा वित्त वर्ष के अंत से पहले पूरा होने की उम्मीद है.
टैग्स