✕

होम / बिजनेस / ग्रोव-जेरोधा से MSE को मिलेगा बूस्टर! 3-4 महीने में प्लेटफॉर्म पर दिखेगा एक्सचेंज

ग्रोव-जेरोधा से MSE को मिलेगा बूस्टर! 3-4 महीने में प्लेटफॉर्म पर दिखेगा एक्सचेंज

जानकारी के अनुसार, दोनों ब्रोकर्स फिलहाल MSE के साथ इंटीग्रेशन का परीक्षण कर रहे हैं. ग्राहकों के लिए एक्सचेंज उपलब्ध कराने से पहले उनके ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में कुछ प्रोडक्ट-स्तरीय बदलाव करने होंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago

भारत के दो बड़े रिटेल ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म ग्रोव और जेरोधा अगले तीन से चार महीनों में मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MSE) को कैश मार्केट ट्रेडिंग के अतिरिक्त विकल्प के तौर पर अपने प्लेटफॉर्म पर जोड़ सकते हैं. इससे MSE की रिटेल निवेशकों तक पहुंच बढ़ने और एक्सचेंज की लिक्विडिटी में सुधार की संभावना है.

जानकारी के अनुसार, दोनों ब्रोकर्स फिलहाल MSE के साथ इंटीग्रेशन का परीक्षण कर रहे हैं. ग्राहकों के लिए एक्सचेंज उपलब्ध कराने से पहले उनके ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में कुछ प्रोडक्ट-स्तरीय बदलाव करने होंगे. हालांकि, अंतिम रोलआउट इन प्रक्रियाओं के सफलतापूर्वक पूरा होने पर निर्भर करेगा.

MSE के कैश मार्केट में रोजाना 400-500 करोड़ रुपये का कारोबार

MSE में फिलहाल कैश मार्केट का दैनिक कारोबार करीब 400-500 करोड़ रुपये है. इसमें मार्केट मेकर के जरिए किए जाने वाले लेनदेन भी शामिल हैं. एक्सचेंज के बाजार आंकड़ों के मुताबिक, 9 सितंबर को दोपहर 2:01 बजे तक ट्रेडेड वैल्यू करीब 381.7 करोड़ रुपये थी.

ग्रोव और जेरोधा जैसे बड़े रिटेल ब्रोकर्स के जुड़ने से MSE को प्रोपाइटरी ट्रेडिंग फर्मों से आगे अपना निवेशक आधार बढ़ाने में मदद मिल सकती है. इससे एक्सचेंज को बड़ी संख्या में रिटेल निवेशकों तक पहुंच मिलेगी और कारोबार में विविधता आने की उम्मीद है.

MSE से पहले से जुड़ा है ग्रोव और जेरोधा का वित्तीय संबंध

ग्रोव और जेरोधा का MSE के साथ पहले से वित्तीय संबंध भी है. एक्सचेंज ने दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में दो चरणों में कुल 1,240 करोड़ रुपये जुटाए थे. इन फंडिंग राउंड में ग्रोव और जेरोधा समेत कई ब्रोकरेज हाउस ने भाग लिया था. MSE भारत का तीसरा स्टॉक एक्सचेंज है और इसने इस साल की शुरुआत में औपचारिक रूप से अपना परिचालन शुरू किया था.

3-4 महीने में F&O सेगमेंट लॉन्च करने की भी तैयारी

MSE अपने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट को लॉन्च करने की भी तैयारी कर रहा है. हालांकि, डेरिवेटिव्स कारोबार शुरू करने से पहले एक्सचेंज कैश मार्केट में स्वस्थ और टिकाऊ ट्रेडिंग वॉल्यूम विकसित करना चाहता है. F&O सेगमेंट को भी करीब तीन से चार महीने में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है. यह समयसीमा बड़े रिटेल ब्रोकर्स के साथ MSE के इंटीग्रेशन की संभावित समयसीमा के आसपास ही है. ऐसे में डेरिवेटिव्स कारोबार शुरू करने से पहले कैश मार्केट में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाना MSE के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण होगा.

भारत के डेरिवेटिव्स बाजार में इस समय नियामकीय और संरचनात्मक बदलाव भी हो रहे हैं. अगस्त में इक्विटी डेरिवेटिव्स गतिविधि कमजोर हुई और नए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन मैकेनिज्म को लेकर अनिश्चितता के बीच ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग संख्या महीने-दर-महीने 30 फीसदी घट गई.

बड़े ब्रोकर्स से MSE को लिक्विडिटी बढ़ाने में मिलेगी मदद

ग्रोव और जेरोधा का जुड़ना MSE को भारत के इक्विटी बाजार में एक बड़े वैकल्पिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है. रिटेल निवेशकों की अधिक भागीदारी से एक्सचेंज का ट्रेडिंग बेस अधिक विविध हो सकता है और प्रोपाइटरी मार्केट पार्टिसिपेंट्स पर उसकी निर्भरता कम हो सकती है.

इंटीग्रेशन पूरा होने के बाद इन ब्रोकरेज के ग्राहकों को कैश मार्केट में लेनदेन के लिए MSE एक और एक्सचेंज विकल्प के रूप में उपलब्ध होगा. फिलहाल मुख्य फोकस तकनीकी परीक्षण और ट्रेडिंग प्रोडक्ट में जरूरी बदलावों को पूरा करने पर है. इसलिए तीन से चार महीने की अनुमानित समयसीमा सफल इंटीग्रेशन पर निर्भर करेगी.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा

सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

7 hours ago

विदेशी और MF निवेशकों को मिल सकती है टैक्स राहत, सेबी ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का उद्देश्य निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. मौजूदा व्यवस्था में एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को यूनिट्स की बिक्री माना जाता है और इस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

10 hours ago

हरियाणा में 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना, स्टीमहाउस इंडिया ने सरकार के साथ किया समझौता

इस समझौते के तहत राज्य के औद्योगिक क्लस्टर में सामुदायिक बॉयलर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विचार किया जाएगा.

11 hours ago

IDBI को खरीदने के लिए IDBI की पूंजी का इस्तेमाल करेगी फेयरफैक्स?

फेयरफैक्स, IDBI बैंक का नियंत्रण हासिल करने के लिए 52,878 करोड़ रुपये का भुगतान कर रहा है. लेकिन इसके चेयरमैन प्रेम वत्सा ने निवेशकों से कहा है कि IDBI खुद फेयरफैक्स के बीमा और वित्तीय सेवा कारोबार को खरीदने के लिए नकद भुगतान करेगा. फेयरफैक्स ने इस रकम को उन स्रोतों में भी शामिल किया है, जिनसे वह अधिग्रहण के लिए भुगतान करेगी.

12 hours ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

12 hours ago


बड़ी खबरें

शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,233 अंक उछला; निवेशकों की दौलत में ₹8 लाख करोड़ का इजाफा

सोमवार, 2 नवंबर को बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 75,692 और निफ्टी 23,440 के स्तर को पार कर गए. दोनों प्रमुख सूचकांक लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए.

7 hours ago

कैंसर की 543 दवाएं होंगी सस्ती, 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

इस व्यवस्था के तहत कई प्रमुख कैंसर दवाओं की कीमतों में कमी की गई है. इनमें 20 से अधिक प्रकार के कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्यूनोथेरेपी दवाएं शामिल हैं.

7 hours ago

विदेशी और MF निवेशकों को मिल सकती है टैक्स राहत, सेबी ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

इस प्रस्ताव का उद्देश्य निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है. मौजूदा व्यवस्था में एक स्कीम से दूसरी स्कीम में स्विच करने को यूनिट्स की बिक्री माना जाता है और इस पर लागू नियमों के अनुसार कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

10 hours ago

AAAI ने बनाई मीडिया काउंसिल, WPP, ओमनीकॉम, पब्लिसिस, हवास और मैडिसन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

भारतीय विज्ञापन एजेंसियों का संगठन AAAI मीडिया इंडस्ट्री के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नई मीडिया काउंसिल बनाएगा. ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा को काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है.

12 hours ago

मार्च 2027 तक 6.75-7% तक आ सकती है 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड: SBI रिसर्च

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, अगर RBI रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 6 फीसदी तक पहुंचा देता है, तब भी 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 6.75 से 7 फीसदी के दायरे में रह सकती है.

12 hours ago