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विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर में अब तक बेच डाले 10 अरब डॉलर के शेयर, लेकिन IPO में बढ़ी रुचि
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से भारतीय बाजार में अक्टूबर महीने के दौरान भारी बिकवाली देखने को मिल रही है. हालांकि, इस बीच प्राइमरी मार्केट में उनका रुझान बढ़ा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में बिकवाली का सारा रेकॉर्ड तोड़ दिया है. अक्टूबर के त्यौहारी महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) अब तक लगभग 10 अरब डॉलर का निवेश निकाल चुके हैं. यह मार्च 2020 में कोरोना महामारी के कारण बाजार में आई गिरावट के दौरान देखी गई 7.9 अरब डॉलर (58,632 करोड़ रुपये) की बिकवाली से भी अधिक है. तब घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 55,595 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी लेकिन इसके बावजूद निफ्टी में 23% की गिरावट आई थी.
बेच डाले 10 अरब डॉलर के शेयर
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) की ओर से जारी आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अक्टूबर में करीब 10 अरब डॉलर की निकासी कर ली है. इतनी बड़ी संख्या में पैसे निकालने का आंकड़ा कोरोनाकाल में मार्च, 2020 के बाद आया है, जब 8.3 अरब डॉलर (करीब 70 हजार करोड़ रुपये) निकाले थे. यह निकासी सेकंडरी बाजार से की गई है, जबकि प्राइमरी बाजार में निवेश बढ़ा है.
फिर कहां लगा रहे पैसा?
रिपोर्ट बताती है कि विदेशी निवेशक सेकंडरी बाजार से पैसे निकालकर उसे प्राइमरी बाजार में लगा रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां आईपीओ के जरिये ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिल रहा है. अक्टूबर के आंकड़े देखें तो प्राइमरी बाजार में FII ने अब तक 64.5 करोड़ डॉलर (करीब 6 हजार करोड़ रुपये) का निवेश कर डाला है. वहीं, सेकंडरी मार्केट में देखें तो FII ने लगातार 12 सेशन में निकासी की है और 17 अक्टूबर तक कुल 9.9 अरब डॉलर (करीब 84 हजार करोड़ रुपये) बाजार से निकाल लिए थे. इसके बाद 18 अक्टूबर को भी FII ने 5,485 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले थे.
IPO ने खींचा मन
विदेशी निवेशक अभी प्राइमरी बाजार की तरफ इसलिए ज्यादा रुख कर रहे हैं, क्योंकि यहां आने वाले आईपीओ में उन्हें कमाई का मौका दिख रहा है. हाल में शेयर बाजार में कई बड़े आईपीओ उतारे गए हैं, जिसमें गरुड़ा कंस्ट्रक्शन एंड इंजीनियरिंग और ह्यूंडई मोटर्स इंडिया प्रमुख हैं. ह्यूंडई का आईपीओ तो अब तक का सबसे बड़ा 38 हजार करोड़ का था.
क्यों बदला है ये ट्रेड?
एनालिस्ट अजय बग्गा का कहना है कि फेड रिजर्व के 50 आधार अंक ब्याज दरें घटाने के बाद से शेयर बाजार में तेजी का माहौल है. इसके अलावा यूएस इकनॉमिक डाटा से भी ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना हुआ है. इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख रहा और पिछले 3 सप्ताह से अमेरिकी बाजार में तेजी बनी हुई है. बाजार की इस तेजी का फायदा उठाने के लिए तमाम कंपनियां आईपीओ उतार रही हैं, जिसका फायदा उठाने का अवसर खुदरा निवेशकों के साथ थोक विक्रेताओं को भी मिल रहा है.
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