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Nishant Pitti ने Easy Trip Planners में बेच दी 14 प्रतिशत हिस्सेदारी, क्या रही वजह?
निशांत पिट्टी के अपनी कंपनी में 14 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी दिखाई दे रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ईजी ट्रिप प्लानर्स (Easy Trip Planners) के प्रोमोटर निशांत पिट्टी (Nishant Pitti) ने कंपनी में अपनी 14 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है. एक रिपोर्ट के अनुसार, यह डील 920 करोड़ रुपए में खुले बाजार के लेनदेन के जरिये हुई है. निशांत पिट्टी ने कंपनी के कुल 24,65,49,833 शेयर बेचे, जो ईजी ट्रिप प्लानर्स में 14% हिस्सेदारी के बराबर है.
इतनी रह गई हिस्सेदारी
इस डील के बाद ईजी ट्रिप में निशांत पिट्टी की हिस्सेदारी घटकर 14.22 प्रतिशत रह गई है. इससे पहले उनकी पास 28.13 प्रतिशत हिस्सेदारी थी. इस तरह, कंपनी में प्रोमोटरों की कुल हिस्सेदारी 64.30% से घटकर 50.39 प्रतिशत हो गई है. बता दें कि ईजी ट्रिप प्लानर्स ऑनलाइन ट्रेवल बुकिंग प्लेटफॉर्म ईजमाईट्रिप की मूल कंपनी है. इसकी स्थापना 2008 में निशांत पिट्टी, रिकांत पिट्टी और प्रशांत पिट्टी ने की थी. अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि निशांत पिट्टी ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी क्यों घटाई है.
शेयरों ने लगाई छलांग
इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में तेजी दिखाई दे रही है. Easy Trip Planners के शेयर आज करीब सात प्रतिशत की उछाल के साथ कारोबार कर रहे हैं. खबर लिखे जाने तक यह 36.51 रुपए के लेवल पर पहुंच चुके थे. हालांकि, बाते 5 कारोबारी सत्रों में यह शेयर 9.36% नीचे भी आया है. जबकि पिछले एक साल में इसमें 12.24% की गिरावट आई है. इस लिहाज से देखें तो Easy Trip Planners अब तक कुछ खास नहीं कर पाया है. इसका 52 वीक का हाई लेवल 54 रुपए है.
ऐसी है आर्थिक सेहत
Easy Trip Planners की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो जून 2024 तिमाही में कंपनी ने अपने समेकित शुद्ध लाभ में साल-दर-साल (Y-o-Y) आधार पर 31% की वृद्धि दर्ज की थी. कंपनी का प्रॉफिट 25.9 करोड़ से बढ़कर 33.93 करोड़ रुपए हो गया. अप्रैल-जून अवधि में कंपनी की कुल आय बढ़कर 156.22 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में यह 126.64 करोड़ रुपए थी. हालांकि, इस दौरान कंपनी के खर्चे भी बढ़े हैं. इस तिमाही में खर्चे बढ़कर 109.03 करोड़ रुपए हो गए, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 91.56 करोड़ थे.
तब आए थे सुर्खियों में
निशांत पिट्टी इस साल मई में तब भी खबरों में आए थे जब उन्होंने खुद को कर्ज में डूबी गो फर्स्ट एयरलाइन (Go First Airline) खरीदने वालों की दौड़ से अलग कर लिया था. पहले उन्होंने खुद ही इसमें दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन बाद में अपने कदम वापस खींच लिए. EaseMyTrip Easy और निशांत पिट्टी असल मायनों में तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने मालदीव विवाद के मद्देनजर मालदीव के लिए सभी फ्लाइट बुकिंग रोकने का ऐलान किया था. कंपनी के नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम के अलावा बेंगलुरु और मुंबई सहित देश के कई शहरों में कार्यालय हैं. इसके अंतरराष्ट्रीय कार्यालय (सहायक कंपनियों के रूप में) सिंगापुर, फिलीपींस, थाईलैंड, UAE, UK, US और न्यूजीलैंड में हैं.
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