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मंदी को लेकर आई डराने वाली खबर, इस साल के अंत तक हो सकती है शुरुआत!

मंदी का खतरा बढ़ गया है. माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

अमेरिका एक बार फिर से मंदी के मुहाने पर खड़ा है. फेडरल रिजर्व पॉलिसी मीटिंग के मिनट्स में चेतावनी दी गई है कि मौजूदा बैंकिंग संकट के चलते इस साल के अंत तक अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ सकती है. फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक के ब्योरे के अनुसार, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के कई नीति निर्माताओं ने पिछले महीने दो क्षेत्रीय बैंकों की विफलता के बाद बढ़ती ब्याज दरों को रोकने की बात कही और फेड स्टाफ द्वारा भविष्यवाणी की गई कि बैंकिंग क्षेत्र का संकट अर्थव्यवस्था को मंदी की तरफ ले जाएगा. 

रिकवरी की भी संभावना जताई
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के स्टाफ का मानना है कि इस साल के अंत तक मंदी की शुरुआत हो जाएगी. हालांकि, इसके 2024-2025 में रिकवरी की भी संभावना है. मंदी की परिभाषा की बात करें, तो इसका मतलब आर्थिक गतिविधि में एक महत्वपूर्ण गिरावट है, जो पूरी अर्थव्यवस्था को अपनी चपेट में ले लेती है और कुछ महीनों से अधिक समय तक चलती है. हालांकि, 10 मार्च को सिलिकॉन वैली बैंक और 12 मार्च को सिग्नेचर बैंक के डूबने के बावजूद फेड ने नीतिगत ब्याज दरों में इजाफे की गाड़ी पर ब्रेक नहीं लगाए और मंदी की आशंकाओं के बीच नीति निर्माताओं ने एक और दर वृद्धि पर सहमति व्यक्त की.

Fitch ने भी कही थी ये बात
यहां तक कि वो नीति-निर्माता जिन्होंने दर वृद्धि पर रोक की मांग की थी, अंत में फेड के नीतिगत दरों में इजाफे के पक्ष में खड़े आए. इस बीच, अमेरिकी मुद्रास्फीति की दर फेड के 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर बनी हुई है. बता दें कि पिछले साल रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने भी आशंका जताई था कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की तरफ बढ़ रही है. उसने कहा था कि चरम पर पहुंची महंगाई और इसे काबू में करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा लगातार बढ़ाई जा रहीं ब्याज दरों के चलते देश मंदी की तरफ बढ़ रहा है. Fitch Ratings ने रिपोर्ट में कहा था कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका में मंदी का जोखिम 1990 के पैटर्न की तरह दिखाई दे रहा है.   

इस तरह हुई शुरुआत
ग्लोबल बैंकिंग संकट की शुरुआत अमेरिका के सिलिकॉन वैली बैंक के डूबने से हुई थी. इसके बाद यूएस से सिग्नेचर बैंक को लेकर बुरी खबर आई और फिर यूरोप के क्रेडिट सुइस (Credit Suiss) की खबर ने पूरी दुनिया को हिला दिया. आर्थिक संकट के भंवर में फंस हुए क्रेडिट सुइस बैंक को उसका प्रतिद्वंदी UBS टेकओवर कर रहा है. इस विलय के पूरा होने के बाद बड़े पैमाने पर क्रेडिट सुइस के कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, UBS ने क्रेडिट सुइस के स्टाफ को कम करने की योजना बनाई है और इसके तहत कम से कम 20 से 30 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है. भारत में क्रेडिट सुइस के कई कर्मचारी हैं. 
 


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