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डॉ. अनुराग बत्रा: मीडिया से उद्यमिता तक, रिश्तों और विश्वास से बनी एक प्रेरक यात्रा

डॉ. अनुराग बत्रा की यात्रा बताती है कि मजबूत मीडिया संस्थान केवल सामग्री और पूंजी से नहीं, बल्कि समुदाय, विश्वास और लगातार खुद को नए सिरे से गढ़ने के साहस से बनते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago

आमतौर पर कारोबारी यात्राओं की कहानी अधिग्रहण, राजस्व, बाजार विस्तार और संस्थानों के निर्माण के आधार पर बताई जाती है. इस पैमाने पर देखें तो डॉ. अनुराग बत्रा की कहानी बेहद प्रभावशाली है. वह पहली पीढ़ी के उद्यमी हैं, जिन्होंने exchange4media की स्थापना की और बाद में BW Businessworld की जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने दोनों संस्थानों को सामग्री, आयोजनों और पेशेवर समुदायों के प्रभावशाली नेटवर्क में विस्तार दिया, लेकिन यह उनकी कहानी का केवल एक पहलू है. दूसरा पहलू उन रिश्तों, सद्भावना और उन तमाम लोगों से जुड़ा है, जिनके पेशेवर सफर को उन्होंने किसी न किसी रूप में प्रभावित किया है.

54 वर्ष की उम्र में भी डॉ. बत्रा उस चिंतनशील दौर में नहीं पहुंचे हैं, जहां सफलता के बाद व्यक्ति ठहराव महसूस करने लगता है. उनका ध्यान अक्सर अगले मंच, साझेदारी, बातचीत या अवसर पर रहता है. उनके साथ काम करने वाले लोग इस बेचैनी को अच्छी तरह पहचानते हैं. उनके पास विचार तेजी से आते हैं, अपेक्षाएं ऊंची रहती हैं और वर्तमान अक्सर भविष्य की संभावनाओं से प्रभावित होता रहता है.

डॉ. बत्रा के लिए यह लगातार आगे बढ़ते रहने की प्रवृत्ति महज सार्वजनिक छवि नहीं, बल्कि उनके काम करने का तरीका है.

मीडिया क्षेत्र में अलग तरह की शुरुआत

मीडिया क्षेत्र में उनकी उद्यमशीलता की नींव पारंपरिक नहीं थी. कंप्यूटर विज्ञान की डिग्री और एमडीआई गुरुग्राम से प्रबंधन की शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने पहली पीढ़ी के उद्यमी के तौर पर कारोबार की दुनिया में कदम रखा. जब exchange4media की शुरुआत हुई, उस समय भारत में विज्ञापन, विपणन और मीडिया क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहे थे. हालांकि, उद्योग में ऐसा मजबूत दैनिक मंच नहीं था, जो इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों, कारोबार और बदलती शक्ति संरचनाओं पर केंद्रित हो. डॉ. बत्रा ने केवल सूचना की कमी को नहीं पहचाना, बल्कि पेशेवर समुदाय के बीच संवाद की कमी को भी समझा.

exchange4media ने दोनों जरूरतों को पूरा करते हुए विस्तार किया. इस मंच ने उद्योग से जुड़ी खबरें देने के साथ-साथ उसके अलग-अलग हिस्सों को एक-दूसरे से जोड़ने का काम भी किया. IMPACT, PITCH और समाचार4मीडिया जैसे मंचों के अलावा सम्मेलनों, पुरस्कारों और नेतृत्व से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से एजेंसियों, विज्ञापनदाताओं, प्रसारकों, प्रकाशकों, डिजिटल कंपनियों और उभरते पेशेवरों को साझा संवाद का अवसर मिला.

इसके पीछे एक महत्वपूर्ण कारोबारी सोच थी कि विशेषज्ञ मीडिया तब ज्यादा मूल्यवान बनता है, जब उसके दर्शकों और पाठकों को केवल पाठक समूह नहीं, बल्कि एक जीवंत पेशेवर समुदाय के रूप में देखा जाए.

BW Businessworld को नई दिशा

2013 में BW Businessworld का अधिग्रहण उनके लिए एक अलग तरह की उद्यमशील चुनौती थी. उस समय दुनियाभर में प्रिंट प्रकाशन तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहे थे. पाठकों का ध्यान कम हो रहा था और दर्शक तेजी से डिजिटल मंचों की ओर बढ़ रहे थे.

डॉ. बत्रा ने BW Businessworld को उसके अतीत की स्थिर विरासत के रूप में बनाए रखने के बजाय उसे डिजिटल मीडिया, आयोजनों और विशेषज्ञ कारोबारी समुदायों तक विस्तार दिया. शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आतिथ्य, प्रौद्योगिकी, स्थिरता और भारत के विकास को प्रभावित करने वाले कई अन्य क्षेत्रों को इसके दायरे में शामिल किया गया.

यह बदलाव दो विरोधाभासी दिखने वाले विचारों को साथ लेकर चलने की क्षमता को दर्शाता है. एक ओर विरासत में मिले संस्थान की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा का सम्मान करना और दूसरी ओर इतिहास के प्रति सम्मान को बदलाव के रास्ते में बाधा न बनने देना.

तेज फैसले और लोगों तक आसान पहुंच

उनकी नेतृत्व शैली भी इसी सोच को दर्शाती है. डॉ. बत्रा धीमी गति से निर्णय लेने वाले व्यक्ति नहीं हैं. वह अधीर, सख्त और मांग करने वाले हो सकते हैं, क्योंकि कई बार उन्हें कोई अवसर उस समय दिखाई दे जाता है, जब उनके आसपास की व्यवस्था उसे अपनाने के लिए अभी तैयार नहीं होती. उनकी गति टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है, लेकिन यही गति संस्थानों को बीती उपलब्धियों में बहुत अधिक सहज होने से भी रोकती है. हालांकि, इस तीव्रता को उनकी सहज उपलब्धता संतुलित करती है. पेशेवर नेटवर्क कितना भी बड़ा क्यों न हो, लोगों तक पहुंच में पद और हैसियत हमेशा निर्णायक नहीं होती. कोई युवा पत्रकार, पहली बार कारोबार शुरू करने वाला उद्यमी या करियर को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहा व्यक्ति भी उनसे उसी तरह संवाद कर सकता है, जैसे उद्योग का कोई वरिष्ठ नेता. इसीलिए उन्हें केवल एक नेटवर्क बनाने वाले व्यक्ति के रूप में देखना उनकी शख्सियत को सीमित कर देना होगा. डॉ. बत्रा रिश्तों को निजी पूंजी की तरह सुरक्षित रखने के बजाय उन्हें साझा करने और आगे बढ़ाने में विश्वास रखते हैं. एक मुलाकात परिचय में, परिचय अवसर में और अवसर किसी व्यक्ति के करियर के निर्णायक क्षण में बदल सकता है.

लोगों के प्रति उदारता

उनके करीबी लोग उनकी उस उदारता का भी उल्लेख करते हैं, जिसका वह कभी सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं करते. यह उनके द्वारा दिए गए समय, लोगों पर जताए गए भरोसे और मुश्किल समय में दिए गए सहयोग में दिखाई देती है. उन्होंने कई बार ऐसे लोगों का समर्थन किया है, जिनकी क्षमता उस समय हर किसी को स्पष्ट नजर नहीं आती थी. ये छोटे-बड़े सहयोग शायद किसी कॉरपोरेट इतिहास का हिस्सा न बनें, लेकिन यही उनकी विभिन्न पीढ़ियों और उद्योगों में बनी मजबूत विश्वसनीयता और निष्ठा को समझने में मदद करते हैं.

आस्था से मिलती है गति को दिशा

उनकी तेज रफ्तार जिंदगी में आस्था एक संतुलन का काम करती है. डॉ. बत्रा गहरे धार्मिक हैं और आध्यात्मिकता उनके जीवन में केवल औपचारिक हिस्सा नहीं है. उनके करीबी लोगों के अनुसार, आस्था उन्हें कृतज्ञता, विनम्रता और सेवा की भावना देती है. गति और महत्वाकांक्षा से भरे पेशेवर जीवन में यही आस्था उन्हें ठहराव और व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करती है.

मेंटॉरशिप में उनका विश्वास भी इसी सोच से जुड़ा है. डॉ. बत्रा अक्सर ‘रिवर्स मेंटरिंग’ की बात करते हैं. इसका अर्थ है कि अनुभवी नेताओं को युवा उद्यमियों और पेशेवरों से सीखने के लिए भी तैयार रहना चाहिए. यह उनके नेतृत्व का एक महत्वपूर्ण पहलू सामने लाता है. वह वरिष्ठता को ज्ञान पर एकाधिकार नहीं मानते.

पत्रकारिता से जुड़ाव बरकरार

डॉ. बत्रा खुद को केवल संस्थान के मालिक या उद्यमी तक सीमित नहीं रखते. वह पत्रकार, साक्षात्कारकर्ता और टिप्पणीकार के रूप में भी मीडिया से जुड़े हुए हैं. उनकी बातचीत उद्यमिता, नीतियों, प्रौद्योगिकी और नेतृत्व जैसे विषयों तक फैली हुई है. इन संवादों के पीछे जिज्ञासा और स्थापित धारणाओं को चुनौती देने की इच्छा दिखाई देती है.

54 वर्ष की उम्र में डॉ. अनुराग बत्रा की कहानी अभी पूरी नहीं हुई है. exchange4media और BW Businessworld का पुनर्निर्माण उनकी संस्थागत विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा. हालांकि, उनका व्यापक योगदान शायद इस बात में है कि उन्होंने यह दिखाया कि कारोबार तब टिकाऊ बनते हैं, जब लोगों को लगता है कि वे किसी कंपनी से बड़ी चीज का हिस्सा हैं.

उन्होंने ब्रांड और मंच बनाए हैं. इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि उन्होंने विचारों, संस्थानों और सबसे बढ़कर लोगों में विश्वास पैदा किया है.

आज डॉ. अनुराग बत्रा का जन्मदिन हैं, इस खास अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं. ईश्वर उन्हें स्वस्थ, सफल और ऊर्जावान जीवन प्रदान करें और उनकी नई यात्राएं नई उपलब्धियों के साथ आगे बढ़ती रहें.


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