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भ्रामक दावों के साथ बेचे जा रहे दर्जनों प्रोटीन सप्लीमेंट्स, FSSAI कसेगा नकेल
फिटनेस को लेकर बढ़ती जागरूकता ने प्रोटीन सप्लीमेंट के बिजनेस को बढ़ावा दिया है. कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर हाई परफॉर्मेंस प्रोटीन पाउडर के 2-3 किलो के जार 2 से 7 हजार रुपये में बिक रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आजकल सोशल मीडिया का जमाना है. ऐसे में इंस्टाग्राम से लेकर फेसबुक तक कई ऐसे वीडियो देखने को मिलते हैं, जिसमें जिम जाने वाले लोग प्रोटीन पाउडर का सेवन करते दिखते हैं. इतना ही नहीं वे दूसरों को भी इसके सेवन के लिए प्रेरित करते हैं. ऐसे में अब आपको इन लोगों से सावधान होने की जरूरत है. जानते हैं क्यों? अगर नहीं जानते, तो चलिए हम आपको इस प्रोटीन पाउडर की पूरी सच्चाई बताते हैं.
FSSAI प्रोटीन सप्लीमेंट्स को लेकर जारी करेगा सख्त नियम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार अधिकृत मेडिकल सर्टिफिकेशन के बिना या भ्रामक लेबलिंग दावों के साथ प्रोटीन सप्लीमेंट्स, पाउडर और शेक की बड़े पैमाने पर बिक्री पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है. एक व्यक्ति ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) प्रोटीन सप्लीमेंट्स पर सख्त नियम जारी करने जा रहा है.
स्टडी में हुआ ये खुलासा
एफएसएसएआई की एक स्टडी में पता चला है कि स्टोर शेल्फ, जिम और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर दर्जनों प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट्स झूठे और भ्रामक दावों के साथ बेचे जा रहे हैं. एफएसएसएआई के अनुसार कि बाजार में बहुत सारे प्रोटीन प्रोडक्ट ऐसे हैं, जो फायदेमंद से ज्यादा हानिकारक हैं. ऐसे में अब एफएसएसएआई सख्त मानदंड बनाने जा रहा है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य को कोई नुकसान न हो.
मानदंडों को पूरा न करने वाले प्रोडक्ट्स पर लगेगा प्रतिबंध
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एफएसएसएआई अब ऐसे कई उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लग सकता है, जो नए मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार बाजार में बिक रहे प्रोटीन प्रोडक्ट्स पर गलत लेबलिंग बहुत आम है और यह बहुत बड़ी चिंता का विषय है. इस पर सख्त एक्शन लेने की जरूरत है.
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तेजी से बढ़ रहा प्रोटीन पाउडर, सप्लीमेंट का बाजार
आपको बता दें, अगर किसी का नियमित आहार प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है, तो वह प्रोटीन सप्लीमेंट्स ले सकता है. लेकिन ये सीमित मात्रा में और डॉक्टरके मार्गदर्शन में लेना चाहिए. अप्रैल में प्रोटीन सप्लीमेंट का जिक्र करते हुए, स्नैपडील और टाइटन कैपिटल के को-फाउंडर कुणाल बहल ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था कि मैंने एक बहुत ही प्रसिद्ध घरेलू ब्रैंड आजमाया, यह मानते हुए कि यह सुरक्षित होगा, लेकिन 6-8 हफ्तों के भीतर इसने मेरे लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर दीं. शुक्र है कि एक बार जब मैंने इसे लेना बंद कर दिया तो स्वास्थ्य की स्थिति ठीक हो गई. ऐसे ही कई लोग देखा देखी में ये प्रोटीन पाउडर ले रहे हैं. फिटनेस के बारे में बढ़ती जागरूकता ने प्रोटीन सप्लीमेंट की भरमार को बढ़ावा दिया है. इसी का फायदा उठाते हुए हेल्थकार्ट और अमेज़न जैसे कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर हाई परफॉर्मेंस प्रोटीन पाउडर के जार 2-3 किलो के जार के लिए 2,000 से 6,800 रुपये में बिक रहे हैं.
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