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श्राप नहीं, वरदान बन रहा AI, डिज़ाइनर्स को हो रहा अच्छा मुनाफ़ा, सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा
AI को अब ऐसा ताकतवर टूल माना जा रहा है जो इंसानी रचनात्मकता को खत्म करने की बजाय उसे बेहतर बनाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सांता क्रूज़ सॉफ्टवेयर (Santa Cruz Software) द्वारा किए गए एक नए सर्वे में पता चला है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिज़ाइन सेक्टर को तेज़ी से बदल रहा है. 400 से ज़्यादा अमेरिका के ग्राफिक डिज़ाइनर्स से बात करने पर 98% ने बताया कि AI टूल्स के इस्तेमाल से उनकी रोज़ की काम करने की प्रक्रिया बदल गई है. डिज़ाइनर्स न सिर्फ़ इन तकनीकों को अपना रहे हैं, बल्कि इससे उन्हें बड़ा फ़ायदा भी हो रहा है. 91% डिज़ाइनर्स ने कहा कि AI के इस्तेमाल से उनका निवेश (ROI) बढ़ा है.
क्रिएटिव डायरेक्टर्स में से 72% मानते हैं कि AI इंसानों की क्रिएटिविटी को बदलने की बजाय उसे बेहतर बनाने में मदद करता है. इससे यह साफ़ होता है कि डिज़ाइनर्स और AI मिलकर साथ काम करने वाले भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं. डिज़ाइन फील्ड में बने रहने के लिए 93% डिज़ाइनर्स ने AI ट्रेनिंग ली है. AI का इस्तेमाल अब अलग-अलग तरीकों से हो रहा है- 67% डिज़ाइनर्स इमेज और वीडियो बनाने वाले टूल्स का उपयोग करते हैं, 51% लिखने के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं, और 45% AI-पावर्ड डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर पर निर्भर हैं. यह दिखाता है कि AI डिज़ाइन को तेज़ और क्रिएटिव बना रहा है.
हालांकि, AI के उपयोग पर नैतिक चिंताएं (ethical concerns) भी बनी हुई हैं. 65% लोग इसे नैतिक (ethical) मानते हैं, लेकिन 24% इसे ग़लत (unethical) मानते हैं, और 11% ने कोई राय नहीं दी. खास तौर पर, डिज़ाइनर्स को कॉपीराइट और ओनरशिप (55%), ओरिजिनलिटी (46%), बायस (34%) और प्राइवेसी (41%) को लेकर चिंतित हैं. इन्हीं चिंताओं के कारण 81% डिज़ाइनर्स सिर्फ़ अपनी कंपनी द्वारा अप्रूव्ड AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं. इससे साफ़ है कि कंपनियां AI के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम और पॉलिसी बनाने पर काम कर रही हैं.
सांता क्रूज़ सॉफ़्टवेयर के AI कंसल्टेंट पॉल मेल्चर ने कहा कि AI रचनात्मकता (creativity) को नए स्तर तक ले जा सकता है, लेकिन इसके उपयोग को नैतिकता (ethics) के साथ करना ज़रूरी है. उन्होंने हाल ही में AI & Graphic Design: Navigating the Ethical Frontier किताब लिखी है. उनका मानना है कि कंपनियों को AI टूल्स के लिए स्पष्ट मानक (standards) बनाने चाहिए, जो उनके नैतिक AI लक्ष्यों से मेल खाते हों. यदि कंपनियां ओरिजिनलिटी, बायस और ओनरशिप जैसी समस्याओं को पहले से सुलझाएंगी, तो AI इंसानी रचनात्मकता का साथ देते हुए भरोसे और ईमानदारी को बनाए रखेगा.
सर्वे में डिज़ाइनर्स की प्राथमिकताएं भी बताई गई हैं. लगभग 74% डिज़ाइनर्स AI से नए क्रिएटिव आइडियाज बनाने में मदद चाहते हैं. 51% क्लाइंट से बातचीत और फ़ीडबैक संभालने में AI का उपयोग करना चाहते हैं, और 43% repetitive काम, जैसे इमेज का साइज बदलने, में AI को फायदेमंद मानते हैं. लेकिन डिज़ाइन फाइनल करने के मामले में 68% डिज़ाइनर्स AI को पूरी तरह से निर्णय लेने देना नहीं चाहते. यह दिखाता है कि क्रिएटिव जजमेंट में इंसानी दखल अभी भी ज़रूरी है.
डिज़ाइन पसंद को लेकर डिज़ाइनर्स की राय बंटी हुई है. 46% इंसानों द्वारा बनाए डिज़ाइन को प्राथमिकता देते हैं, जबकि 46% AI द्वारा बनाए डिज़ाइन पसंद करते हैं, 8% को कोई फ़र्क नहीं पड़ता. पेशेवर स्तर के आधार पर यह पसंद बदलती है - 52% जूनियर डिज़ाइनर्स AI को प्राथमिकता देते हैं, जबकि सिर्फ़ 41% सीनियर डिज़ाइनर्स और 33% डायरेक्टर्स ऐसा करते हैं.
क्रेडिट (credit) लेने की बात पर, 59% डिज़ाइनर्स AI द्वारा बनाए डिज़ाइन का क्रेडिट लेने में पूरी तरह से सहज हैं. 38% थोड़ा असहज महसूस करते हैं, और सिर्फ़ 3% को पूरी तरह से परेशानी होती है. पॉल मेल्चर ने इसके साथ ही कहा कि हमारा सर्वे दिखाता है कि डिज़ाइनर्स अब AI को अपना साथी मान रहे हैं, जो उनकी क्रिएटिविटी और प्रोडक्टिविटी बढ़ा रहा है, सांता क्रूज़ सॉफ़्टवेयर के CEO मार्क हिल्टन ने कहा. AI वर्कफ़्लो को तेज़ बनाने के साथ-साथ नई क्रिएटिविटी और सहयोग (collaboration) के रास्ते खोल सकता है. सांता क्रूज़ सॉफ़्टवेयर ग्राफिक डिज़ाइनर्स को AI को अपनाने में मदद कर रहा है. यह सही टूल्स और ट्रेनिंग पर ध्यान दे रहा है ताकि डिज़ाइनर्स को सशक्त बनाया जा सके.
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