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दुनियाभर में 'मेड इन इंडिया' स्मार्टफोन की बढ़ी मांग, चीन-वियतनाम को मिलेगी टक्कर!

स्मार्टफोन अब भारत से निर्यात की जाने वाली चौथी सबसे बड़ी वस्तु है, जो वित्त वर्ष 24 में 42 प्रतिशत बढ़कर 15.6 बिलियन डॉलर हो गई है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

मेड इन इंडिया (Made In India) स्मार्टफोन की मांग अब दुनियाभर में हो रही है. जिसके चलते पिछले साल के मुकाबले इस साल भारत से स्मार्टफोन के निर्यात में भी तेजी देखने को मिली है. उधर, चीन और वियतनाम से स्मार्टफोन के निर्यात में गिरावट आई है. तो चलिए जानते हैं भारतीय स्मार्टफोन की मांग बढ़ने का क्या कारण है?

भारत से मोबाइल निर्यात में आई 42 प्रतिशत तेजी
मोबाइल फोन निर्यात के मामले में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके साथ ही भारत तेजी से चीन और वियतनाम के साथ अंतर को भी पाट रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त वर्ष 2024 में भारत से मोबाइल निर्यात 42 प्रतिशत बढ़कर 15.6 बिलियन डॉलर हो गया है. वहीं, चीन और वियतनाम से मोबाइल निर्यात में पिछले साल की तुलना में क्रमश: 2.78 प्रतिशत और 17.6 प्रतिशत की गिरावट आई है. भारत ने चीन और वियतनाम से मोबाइल फोन निर्यात में आई कमी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर लिया है. 

पीएलआई स्कीम का मिला फायदा
स्मार्टफोन पीएलआई (Production Linked Incentives) स्कीम की घोषणा चीन से सप्लाई चेन में बदलाव को पकड़ने के उद्देश्य से की गई थी. इसके परिणाम अब दिखने लगे हैं. जानकारी के अनुसार चीन और वियतनाम से मोबाइल निर्यात में आई कुल गिरावट का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा भारत ने कब्जा लिया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोबाइल फोन निर्यात क्षेत्र में भारत द्वारा अपने अवसर का लाभ उठाना सरकार के लिए बड़ी जीत है. भू-राजनीतिक स्थिति और चीन के साथ तनाव के मद्देनजर इंटरनेशनल कंपनियां चाइना प्लस 1 की रणनीति पर काम कर रही हैं. मोदी सरकार इन्हीं कंपनियों को लुभाने का प्रयास कर रही है.

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भारत के मोबाइल निर्यात में आईफोन की इतनी हिस्सेदारी 
भारत में स्मार्टफोन पीएलआई योजना सफल रही है. आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल ने इस योजना के तहत देश में आईफोन का उत्पादन शुरू किया. पिछले दो वित्तीय वर्षों में Apple ने भारत से उत्पादन और निर्यात को दोगुना कर दिया है. वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का उत्पादन 7 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 14 अरब डॉलर हो गया. भारत के मोबाइल निर्यात में आईफोन की हिस्सेदारी 65 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में एक तिहाई से अधिक है.

सैमसंग भी निर्यात में बढ़ा रही हिस्सेदारी
एक्सपर्ट्स के अनुसार सैमसंग जैसी कंपनियां भी भारत से बड़ी मात्रा में मोबाइल निर्यात करना शुरू कर देंगी. दक्षिण कोरियाई कंपनी सैगसंग भी पीएलआई योजना की लाभार्थी है और वित्त वर्ष 2024 में भारत से इसका मोबाइल फोन निर्यात लगभग 3.5 अरब डॉलर था. यह Apple के निर्यात का करीब एक तिहाई था. सैमसंग वर्तमान में वियतनाम से मोबाइल फोन का सबसे बड़ा निर्यातक है. अभी दुनिया भर में बिकने वाले सैमसंग के 50 प्रतिशत से अधिक प्रोडक्ट वियतनाम में बनाए जाते हैं.

 


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