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सरकारी खजाने में आएंगे करोड़ों रुपये, RBI जल्द कर सकता है डिविडेंड का ऐलान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सरकार को एक बड़ा डिविडेंड ट्रांसफर करने की योजना बना रहा है. इससे केंद्र के खजाने में काफी बढ़ोतरी होगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सरकार को एक बड़े डिविडेंड (लाभांश) देने की योजना बना रहा है. ये राशि इतनी अधिक होगी कि इससे केंद्र सरकार के खजाने में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है. ऐसे में वित्त वर्ष 2024-25 सरकारी खजाने के लिए शानदार साबित हो सकता है. वहीं, पिछले हफ्ते ही आरबीआई ने ट्रेजरी बिल के माध्यम से सरकार की उधारी में 60,000 करोड़ रुपये की भारी कटौती की घोषणा भी की है. तो चलिए अब जानते हैं आरबीआई सरकार को कब और कितना डिविडेंड देने जा रहा है? 

कब मिलेगा डिविडेंड?
जानकारी के अनुसार आरबीआई मई के अंत तक डिविडेंड की घोषणा कर सकती है. इससे पहले RBI ने पिछले हफ्ते सरकारी ट्रेजरी बिल की नीलामी की समयसीमा में बदलाव का ऐलान किया था. साथ ही ट्रेजरी बिल के लिए ली जाने वाली उधारी की राशि में भी करीब 60 हजार रुपये की अहम कटौती का ऐलान किया है. बता दें, ट्रेजरी बिल एक तरह से शॉर्ट टर्म अवधि बॉन्ड होते हैं.सरकार इन ट्रेजरी बिल को जारीकर बाजार से पैसे उधार लोती है. इनकी ट्रेजडी बिल की मैच्योरिटी अवधि आमतौर पर 90 दिन, 182 दिन और 364 दिन की होती है.

कितना मिलेगा डिविडेंड?
जानकारी के अनुसार सरकार के लोन मैनेजर के रूप में आरबीआई सरकारी खजाने में करीब 1 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर करने की योजना बना रहा है. इसके अतिरिक्त आरबीआई ने आगामी ऑपरेशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की पिछली उधारी के 60,000 करोड़ रुपये समय से पहले चुकाने की योजना बना रही है.

केंद्र वित्तीय स्थिति होगी मजबूत
एक्सपर्ट्स के अनुसार इन घटनाक्रमों से यह भी पता चलता है कि केंद्र की वित्तीय स्थिति में जल्द ही काफी सुधार देखने को मिल सकता है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य आर्थिक सलाहकार कनिका पसरीचा ने हाल ही में एक रिसर्च नोट में कहा है कि हम उम्मीद करते हैं कि आरबीआई वित्त वर्ष 2025 में सरकार को 1,000 अरब रुपये (1 लाख करोड़ रुपये) का सरप्लस अमाउंट ट्रांसफर करेगा.
 

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पिछले वर्ष सरकारी खजाने में आए थे 87 हजार 400 करोड़
इससे पहले रिजर्व बैंक ने पिछले वित्त वर्ष में सरकारी खजाने को 87 हजार 400 करोड़ रुपये ट्रांसफर किया था. यूनियन बैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वित्त वर्ष में भी डिविडेंड से मिलने वाली रकम उसी तरह बजट अनुमान से ज्यादा रह सकती है, जैसे पिछले वित्त वर्ष में निकली थी.
 


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