✕

होम / बिजनेस / चीन का बड़ा फैसला: भारत पर लगाया 166% तक एंटी-डंपिंग शुल्क, इस सेक्टर पर दिखा असर

चीन का बड़ा फैसला: भारत पर लगाया 166% तक एंटी-डंपिंग शुल्क, इस सेक्टर पर दिखा असर

चीन द्वारा भारतीय कीटनाशक cypermethrin पर भारी एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने से भारतीय कृषि-रसायन कंपनियों पर दबाव बढ़ा है और शेयर बाजार में भी हलचल देखी जा रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

चीन ने बुधवार को भारत से आयात होने वाले कीटनाशक साइपरमेथ्रिन (cypermethrin) पर कड़ा रुख अपनाते हुए 48.4% से लेकर 166.2% तक का एंटी-डंपिंग शुल्क लगाने की घोषणा की है. यह टैरिफ अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा. चीन के वाणिज्य मंत्रालय (MOFCOM) के अनुसार, यह कदम घरेलू उद्योग को डंपिंग से हो रहे नुकसान की जांच के बाद उठाया गया है. आइए जानते हैं साइपरमेथ्रिन क्या है और इस टैरिफ के बढ़ने ने कौन-सा क्षेत्र प्रभावित होगा?

क्या है साइपरमेथ्रिन?

साइपरमेथ्रिन एक प्रचलित कीटनाशक है जिसका उपयोग कृषि और सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है. इसका इस्तेमाल कपास, मक्का, सब्जियों और फूलों जैसी फसलों पर कीट नियंत्रण के लिए किया जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन का दावा है कि भारत से इस रासायनिक उत्पाद का आयात स्थानीय उत्पादकों को नुकसान पहुंचा रहा था.

टैरिफ लागू होने से भारतीय शेयर बाजार में हलचल

इस घोषणा के बाद भारतीय एग्री और कीटनाशक कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखा गया. कारोबार के दौरान निम्नलिखित प्रमुख कंपनियां निवेशकों के रडार पर रहीं:

1. इंडिया पेस्टिसाइड्स लिमिटेड: इस कंपनी के शेयरों में 2% से अधिक तेजी देखी गई और खबर लिखे जाने तक यह 142.52 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.
2. एग्रीटेक: इस कंपनी के शेयर में गिरावट दर्ज की गई और यह 149.59 रुपये पर पहुंच गया.
3. कावेरी सीड कंपनी लिमिटेड: इसके शेयरों में 2% तक की गिरावट आई और यह 1,408.10 रुपये पर ट्रेड हुआ.
4. पीआई इंडस्ट्रीज लिमिटेड: इस कंपनी के शेयर 1% तक टूटकर 3,624.70 रुपये तक गिर गए.
5.  इंसेक्टिसाइड्स इंडिया लिमिटेड: मामूली तेजी के साथ यह 679 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.
6. फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड: इसमें भी हल्की तेजी दिखी और शेयर 779.70 रुपये तक पहुंच गया.

इन कंपनियों पर दिखा असर

चीन के इस फैसले से भारत की कई प्रमुख कृषि रसायन कंपनियों पर असर पड़ा है, जिनमें धानुका एग्रीटेक, यूपीएल, शारदा क्रॉपकेम, बेयर क्रॉपसाइंस लिमिटेड और भरत रसायन प्रमुख हैं. निवेशकों और विश्लेषकों की नजर अब इन कंपनियों के आगामी कारोबारी परिणामों और निर्यात नीति पर टिकी हुई है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कच्चा तेल नरम, एशियाई बाजार मजबूत, फिर भी गिफ्ट निफ्टी कमजोर; आज कैसी होगी शुरुआत?

मंगलवार को सेंसेक्स 242.65 अंक यानी 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 72,529.07 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी इंडेक्स 64.05 अंक यानी 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ.

9 minutes ago

यूएई भारत में करेगा 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश, पोर्ट, एनर्जी और स्पेस पर फोकस

2032 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, भारत में पहले ही करीब 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है यूएई

15 hours ago

बॉम्बे रेयॉन की दिवाला जांच: बिना बही-खातों के ₹483 करोड़ के सप्लायर बिल

भाग 2: बॉम्बे रेयॉन की दिवाला प्रक्रिया में उसके सप्लायर्स द्वारा किए गए कुल दावों में से आधे से अधिक का कंपनी के अपने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका, इनमें से ₹317 करोड़ चार ट्रेडिंग कंपनियों के थे, जिनके पास कोई मिल नहीं है. संबंधित पक्ष के तौर पर चिन्हित किए गए केवल दो दावे प्रमोटर्स से जुड़े थे, और दोनों का पूरा भुगतान किया गया, जबकि 2,027 कर्मचारियों को प्रति रुपये पर 14 पैसे की वसूली हुई. यह वही कंपनी है, जिसकी खरीद के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज दिया, तीन बार पुनर्गठन किया और अंततः ₹1,300 करोड़ से अधिक की रकम को बट्टे खाते में डाल दिया.

15 hours ago

त्योहारी सीजन से पहले फ्लिपकार्ट की बड़ी तैयारी, 1.4 करोड़ क्यूबिक फीट बढ़ी वेयरहाउसिंग क्षमता

लेह, कारगिल और पूर्वोत्तर के कई नए इलाकों तक पहुंचा ‘द बिग बिलियन डेज’; ईकार्ट नेटवर्क में जुड़े 750 से ज्यादा नए पिन कोड

16 hours ago

अडानी ग्रुप को सेबी से बड़ी राहत, MPS मामले में 4 कंपनियों ने ₹1.48 करोड़ में किया सेटलमेंट

अडानी ग्रुप से जुड़े मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 28 सितंबर को दो अहम आदेश जारी किए.

17 hours ago


बड़ी खबरें

बॉम्बे रेयॉन की दिवाला जांच: बिना बही-खातों के ₹483 करोड़ के सप्लायर बिल

भाग 2: बॉम्बे रेयॉन की दिवाला प्रक्रिया में उसके सप्लायर्स द्वारा किए गए कुल दावों में से आधे से अधिक का कंपनी के अपने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका, इनमें से ₹317 करोड़ चार ट्रेडिंग कंपनियों के थे, जिनके पास कोई मिल नहीं है. संबंधित पक्ष के तौर पर चिन्हित किए गए केवल दो दावे प्रमोटर्स से जुड़े थे, और दोनों का पूरा भुगतान किया गया, जबकि 2,027 कर्मचारियों को प्रति रुपये पर 14 पैसे की वसूली हुई. यह वही कंपनी है, जिसकी खरीद के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने कर्ज दिया, तीन बार पुनर्गठन किया और अंततः ₹1,300 करोड़ से अधिक की रकम को बट्टे खाते में डाल दिया.

15 hours ago

कच्चा तेल नरम, एशियाई बाजार मजबूत, फिर भी गिफ्ट निफ्टी कमजोर; आज कैसी होगी शुरुआत?

मंगलवार को सेंसेक्स 242.65 अंक यानी 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 72,529.07 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी इंडेक्स 64.05 अंक यानी 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 22,716.20 पर बंद हुआ.

9 minutes ago

यूएई भारत में करेगा 25 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश, पोर्ट, एनर्जी और स्पेस पर फोकस

2032 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य, भारत में पहले ही करीब 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है यूएई

15 hours ago

अडानी ग्रुप को सेबी से बड़ी राहत, MPS मामले में 4 कंपनियों ने ₹1.48 करोड़ में किया सेटलमेंट

अडानी ग्रुप से जुड़े मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (MPS) मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 28 सितंबर को दो अहम आदेश जारी किए.

17 hours ago

त्योहारी सीजन से पहले फ्लिपकार्ट की बड़ी तैयारी, 1.4 करोड़ क्यूबिक फीट बढ़ी वेयरहाउसिंग क्षमता

लेह, कारगिल और पूर्वोत्तर के कई नए इलाकों तक पहुंचा ‘द बिग बिलियन डेज’; ईकार्ट नेटवर्क में जुड़े 750 से ज्यादा नए पिन कोड

16 hours ago