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एलन मस्क के Bharat प्रेम से चीन हुआ बेचैन, Tesla की सफलता पर जाहिर की शंका 

चीन का कहना है कि तमाम चुनौतियों के बीच, टेस्ला के लिए भारत के अपरिपक्व बाजार में मुनाफा कमाना कठिन होगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

एलन मस्क (Elon Musk) की टेस्ला (Tesla) जल्द ही भारत की सड़कों पर दौड़ती नजर आ सकती है. माना जा रहा है कि मस्क इसी की घोषणा करने के लिए भारत आने वाले हैं. एलन मस्क पिछले काफी समय से टेस्ला की भारत में एंट्री के प्रयास में थे, और अब उनकी यह कोशिश सफल होती दिखाई दे रही है. हालांकि, मस्क की इस खुशी से हमारा पड़ोसी चीन (China) बिल्कुल भी खुश नहीं है. चीन को लगता है कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाना टेस्ला के लिए फायदे का सौदा नहीं होगा.

भारत को जरूर मिलेगा फायदा 
चीन की कम्युनिस्ट सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स (Global Times) में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है. इस रिपोर्ट में ऐसे कई कारणों का हवाला दिया गया है, जिसकी वजह से भारत में टेस्ला का सफर अच्छा नहीं रहेगा. चीन का मानना है कि टेस्ला के भारत में EV प्लांट लगाने से भारत को जरूर फायदा होगा, लेकिन यह टेस्ला के लिए फायदे का सौदा नहीं रहने वाला. बता दें कि टेस्ला वैश्विक स्तर पर कैलिफोर्निया, चीन, टेक्सास और जर्मनी में इलेक्ट्रिक कार कारखाने संचालित करती है. चीन स्थित फैक्ट्री टेस्ला के ग्लोबल प्रोडक्शन नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. हाल के वर्षों में यहां टेस्ला की EV कारों के कुल उत्पादन का आधे से अधिक तैयार हुआ है. 

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सफलता की नहीं है गारंटी 
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि टेस्ला मिड एवं हाई-एंड सेक्टर और परिपक्व बाजारों पर ध्यान केंद्रित करती है. ऐसे में भारत के बेहद कम तैयारी वाले और अपरिपक्व बाजार में उसे सफलता मिलेगी या नहीं, कहना मुश्किल है. चीन का कहना है कि भारत का ईवी बाजार बढ़ रहा है, लेकिन इसका आकार अभी काफी छोटा है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत में EV के लिए बुनियाद ढांचे का अभाव है. यहां पर्याप्त संख्या में पब्लिक चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है. भारत में बिजली की भी कमी है. ऐसे में EV चार्जिंग के लिए अधिक बिजली पैदा करने के लिए भारत द्वारा कोयला खदानों और बिजली संयंत्रों के विस्तार से जलवायु लक्ष्यों को पूरा करना कठिन हो जाएगा.

चीन को है इस बात का डर
इस रिपोर्ट के माध्यम से चीन का कहना है कि तमाम चुनौतियों के बीच, टेस्ला के लिए भारत के अपरिपक्व बाजार में मुनाफा कमाना कठिन होगा. दरअसल, चीन को चिंता है कि टेस्ला के भारत पर ज्यादा फोकस करने से उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है. Apple जैसी कई दिग्गज कंपनियां पहले से ही चीन पर निर्भरता कम करके भारत का रुख कर चुकी हैं. इसके चलते चीन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. फिलहाल टेस्ला की सबसे ज्यादा EV कारें चीन के प्लांट में तैयार होती हैं. ऐसे में यदि टेस्ला भारत पर ज्यादा ध्यान केन्द्रित करने लगेगी, तो जाहिर है चीन को आर्थिक चोट पहुंचेगी. इसलिए वो एलन मस्क के मन में यह शंका पैदा करने की कोशिश कर रहा है कि भारत उनकी कंपनी Tesla के लिए सही जगह नहीं है.
 


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