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Godavari Biorefineries के IPO का प्राइज बैंड फिक्स, चेक करें पूरी डिटेल
एक और कंपनी का आईपीओ आने वाला है. अगले हफ्ते आपको गोदावरी बॉयोरिफाइनरीज के आईपीओ पर दांव लगाने का मौका मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
केमिकल कंपनी गोदावरी बॉयोरिफाइनरीज (Godavari Biorefineries) का आईपीओ आने वाला है. इस IPO के लिए प्राइज बैंड फिक्स हो चुका है. कंपनी ने अपने 555 करोड़ रुपए के आईपीओ के लिए प्राइज बैंड 334-352 रुपए रखा है. इस आईपीओ के लिए आप अगले हफ्ते 23 से 25 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे. ग्रे मार्केट की में बात करें तो फिलहाल कंपनी के शेयरों को लेकर कोई खास दिलचस्पी नज़र नहीं आ रही है. हालांकि, वैसे भी निवेशक ग्रे मार्केट के बजाये कंपनी की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर किसी आईपीओ में पैसा लगाते हैं और यही सही तरीका भी है.
ऐसा रहेगा आईपीओ
23 अक्टूबर को खुलने वाले गोदावरी बॉयोरिफाइनरीज के आईपीओ का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 प्रतिशत नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स और 35 प्रतिशत रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है. आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 28 अक्टूबर को फाइनल होगा और इसके बाद 30 अक्टूबर को इसकी लिस्टिंग होगी. कंपनी आईपीओ के तहत 325 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी करेगी. जबकि 10 रुपए की फेस वैल्यू वाले 65,26,983 शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बिक्री होगी.
रकम से चुकाएगी कर्ज
ऑफर फॉर सेल के तहत प्राइवेट इक्विटी फर्म मंडल कैपिटल AG कंपनी में अपने पूरे 49,26,983 शेयर बेचेगी. गोदावरी बॉयोरिफाइनरीज की तरफ से बताया गया है कि फ्रेश शेयरों की बिक्री से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल 240 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाने में होगा. इसी साल जून के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी पर 748.9 करोड़ रुपए का कर्ज है. इसमें से कंपनी 240 करोड़ रुपए का भुगतान आईपीओ से मिली रकम में से करेगी.
क्या करती है कंपनी?
1956 में स्थापित गोदावरी बॉयोरिफाइनरीज एथेनॉल के केमिकल्स बनाती है. कंपनी की एथेनॉल बनाने की क्षमता प्रतिदिन 570 किलोलीटर है. यह दुनिया की उन दो कंपनियों में शुमार है, जो नेचुरल 1,3-ब्यूटेनडियोल बनाती हैं. गोदावरी बॉयोरिफाइनरीज भारत में बॉयो एथिल एसीटेट बनाने वाली एकमात्र कंपनी है. इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बॉयो-बेस्ड केमिकल्स, शुगर, विभिन्न प्रकार के एथेनॉल, पावर आदि शामिल हैं. इनका इस्तेमाल मुख्यरूप से फूड, बेवरेजेज, फार्मा, फ्लेवर्स एवं फ्रेगरेंसेज, पावर, फ्यूल, पर्सनल केयर और कॉस्मेटिक्स आदि इंडस्ट्रीज में किया जाता है.
कैसी है आर्थिक सेहत
कंपनी के पास दो मैनुफैक्चरिंग और तीन आरएंडडी यानी रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसिलिटीज हैं.गोदावरी बॉयोरिफाइनरीज के 20 से अधिक देशों में ग्राहक हैं. कंपनी की वित्तीय सेहत की बात करें, तो वित्त वर्ष 2024 में कंपनी के मुनाफे में कमी देखने को मिली. वित्त वर्ष 2023 में यह 19.64 करोड़ रुपए था और उसके अगले वर्ष गिरकर 12.30 करोड़ रुपए पर आ गया. वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का रिवेन्यु 1,701.06 करोड़ रहा था. जबकि चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून ) में इसे 26.11 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है. कंपनी का रिवेन्यु भी घटकर 525.27 करोड़ रुपए रह गया है.
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